ऊपरी असम में बड़ा विस्फोट टला : अल्फा (स्वाधीन) का सार्जेंट मेजर रोन्टु असम गिरफ्तार : भारी मात्रा में हथियार बरामद : 8 ग्रेनेड, एक 9 एमएम बेरेटा पिस्तौल, 10 राउंड जिंदा गोलियां मिली
शिवसागर के पालेन्गी ध्यान पथार में रात के अंधेरे में पुलिस का बड़ा अभियान : गिरफ्तार कट्टर अल्फाई पर 2019 डिमौ ब्लास्ट का आरोप : नगालैंड रूट से घुसा था असम में

शिवसागर / 6 मई : असम पुलिस ने ऊपरी असम के शिवसागर जिले में प्रतिबंधित सशस्त्र विद्रोही संगठन अल्फा (स्वाधीन) की एक बड़े विस्फोट और आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है।
अल्फा संगठन के जन्मस्थान शिवसागर जिले के डिमौ पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत पालेन्गी ध्यान पथार में बुधवार की अलसुबह एक बड़े पुलिस अभियान में अल्फा (स्वाधीन) के खूंखार कैडर बीरेन चेतिया उर्फ रोन्टु असम (34 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया।

शिवसागर जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापरी चेतिया के नेतृत्व में जिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी क्राइम) मइदुल इस्लाम तथा डिमौ सहजिला के पुलिस अधीक्षक हीरेन कुमार डेका समेत पुलिस की एक बड़ी टीम ने यह सफल अभियान चलाया।
गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। आरोपी के कब्जे से 7 हैंड ग्रेनेड, 1 बोतल ग्रेनेड, एक 9 एमएम बेरेटा पिस्तौल, 10 राउंड जिंदा गोलियां, नगद 13,500 रुपये, मोबाइल फोन तथा आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
कट्टर अल्फा नेता बीरेन चेतिया उर्फ रोन्टु असम मूल रूप से डिब्रुगढ़ जिले के मोरान थाना क्षेत्र अंतर्गत बेजपथार का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह अल्फा (स्वाधीन) में सार्जेंट मेजर के पद पर था। 2019 में शिवसागर जिले के डिमौ चाराली में हुए ग्रेनेड ब्लास्ट की घटना का वह मुख्य आरोपी था। बाद में वह दोबारा संगठन में सक्रिय हो गया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सार्जेंट मेजर बीरेन चेतिया उर्फ रोन्टु ने सीमावर्ती नगालैंड के रास्ते असम में प्रवेश किया था। अल्फा (स्वाधीन) के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर वह 8 शक्तिशाली ग्रेनेड और 9 एमएम पिस्तौल दूसरे मॉड्यूल तक पहुंचाने और किसी समन्वित बड़े हमले को अंजाम देने की तैयारी में था।
शिवसागर जिले के डिमौ के पालेन्गी इलाके में उसने एक स्थानीय व्यक्ति को धमकाकर आश्रय लिया था और किसी बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस गिरफ्तारी से ऊपरी असम में एक बड़ा खतरा टल गया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी कामयाबी मान रही हैं। आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि वह अकेला नहीं था और स्थानीय स्तर पर उसके संपर्क हो सकते हैं। पूरे मामले की गहन जांच चल रही है।
शिवसागर पुलिस द्वारा बुधवार सुबह पूर्वी रेंज के डीआईजी के शिवसागर पहुंचने के तुरंत बाद इस अभियान और गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की गई। प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी हेडक्वार्टर ऋषभ हंस और एएसपी क्राइम मोइदुल इस्लाम उपस्थित रहे।
असम पुलिस की इस सफलता ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है। साथ ही अल्फा (स्वाधीन) जैसे प्रतिबंधित सशस्त्र विद्रोही संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत को भी रेखांकित किया है।




