शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति का भावपूर्ण समारोह : स्वर्गीय पुष्पा देवी खेमका को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए सम्मानित किया गया

शिवसागर, असम: अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत से संबद्ध शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने सत्र 2026-28 के नेत्रदान प्रकल्प के अंतर्गत आज एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर संस्था की संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय पुष्पा देवी खेमका को उनके महान नेत्रदान के लिए मरणोपरांत सम्मान अर्पित किया गया।
शाखाध्यक्षा सारिका देवड़ा, सचिव प्रीति केजरीवाल, कोषाध्यक्ष संगीता अग्रवाला एवं निवर्तमान अध्यक्ष सुमन शर्मा के नेतृत्व में रेखा बुखरेडिया, अनु शर्मा और सरोज चौखानी ने शहर के ज्योति प्रसाद अग्रवाला पथ के बड़ा गोला स्थित खेमका निवास पहुंचकर उनके परिवारजनों को संस्था की ओर से सम्मान पत्र प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से बीमार चल रही 92 वर्षीय पुष्पा देवी खेमका का स्वर्गवास बीते 28 मार्च को हो गया था। शिवसागर के वृहत्तर मारवाड़ी समाज की मातृशक्ति की पथ प्रदर्शक पुष्पा देवी खेमका ने वर्ष 1989 में महिलाओं को सामाजिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘महिला मंडल शिवसागर’ की स्थापना की थी। उन्होंने 20 वर्षों तक इस संस्था का सफल नेतृत्व किया। बाद में वर्ष 2002 में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन शिवसागर शाखा का गठन करते हुए महिला मंडल का विलय कर दिया गया था। जिसकी संस्थापक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी पुष्पा देवी खेमका ने ही संभाली थी। उन्होंने शहर की मारवाड़ी समाज की महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उनकी दूरदर्शिता और साहसिक पहल के कारण ही शिवसागर की मारवाड़ी महिलाएं आज भी विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने परिवार को भी सामाजिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन में उनकी ज्येष्ठ पुत्रवधू कृष्णा खेमका ने बतौर प्रांतीय अध्यक्षा और तेजपुर निवासी ज्येष्ठ पुत्री उषा किरण टीबरीवाल ने बतौर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा पद पर कार्य किया है। स्वर्गीय पुष्पा देवी खेमका का जीवन सेवा, समर्पण और संस्कारों का अद्भुत उदाहरण था। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन शिवसागर शाखा के तत्वावधान में नेत्रदान का पहला संकल्प पत्र भरकर समाज में नेत्रदान की अलख जगाई थी।
उनके निधन के बाद मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के नेत्रदान प्रकल्प के संयोजक दीपक खेमका के नेतृत्व में जोरहाट के चंद्रप्रभा आई हॉस्पिटल की टीम द्वारा उनके नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई थी। उनका नेत्रदान न केवल एक महान मानवीय कार्य था। बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी है। यह नेत्रदान दूसरों के जीवन में रोशनी फैलाने का अनुपम संदेश देता है। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन नेत्रदान, अंगदान, रक्तदान और सामाजिक कल्याण की दिशा में लगातार सक्रिय रहता है। शिवसागर शाखा इस नेत्रदान अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 2026-28 का विशेष प्रकल्प चला रही है।
समिति के प्रतिनिधि मंडल ने कृष्णा खेमका, शिल्पा खेमका, करण खेमका सहित परिवार के सदस्यों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन पूरे देश में महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा और मानवीय कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है। शिवसागर सहित असम की विभिन्न शाखाएं नियमित रूप से पर्यावरण, स्वास्थ्य जागरूकता, नेत्रदान और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहती हैं। इस सम्मान समारोह ने स्थानीय मारवाड़ी समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। परिवारजनों ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए स्वर्गीय पुष्पा देवी जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। महिला समिति का यह प्रयास समाज के लिए बड़ा संदेश देता है कि नेत्रदान जैसे महान कार्य न केवल मृत्यु के बाद भी जीवन देने का माध्यम बनते हैं, बल्कि पूरे समाज को प्रेरित करते हैं। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन का यह प्रयास अन्य संगठनों और व्यक्तियों को भी नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह जानकारी संस्था की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी।




