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राज्य

देरगांव में छाया गहरा शोक : मारवाड़ी युवा मंच के समर्पित योद्धा मधुसूदन कंकाणी का आकस्मिक निधन; बाइक दुर्घटना के 21 दिन बाद जोरहाट अस्पताल में दम तोड़ा, पूरा प्रांत शोकाकुल

पूप्रमायुम के प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी एवं महामंत्री प्रभात निमोदीया ने जताया गहरा शोक, मंच परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया

देरगांव / 10 मई : पूर्वोत्तर प्रांत के मारवाड़ी युवा मंच परिवार पर गहरा दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। मंच की प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य और देरगांव शाखा के अध्यक्ष मधुसूदन कंकाणी (मोंटू) का 38 वर्ष की युवावस्था में जीवन और मौत के बीच की मात्र 21 दिन की लड़ाई के बाद आकस्मिक निधन हो गया। उनकी मृत्यु की खबर से न सिर्फ मंच परिवार, बल्कि पूरे समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।

गत 19 अप्रैल 2026 को देरगांव शहर में हुई बाइक दुर्घटना में गंभीर चोटिल होने के बाद उन्हें जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्रेन सर्जरी के बाद वे लगातार वेंटिलेटर पर थे। चिकित्सक उनकी हालत में सुधार देख रहे थे, लेकिन शनिवार 9 मई की देर रात को अचानक दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इस घटना ने उनके परिवार और मंच के सहयोगियों को गहरे दर्द में डुबो दिया है।

एक समर्पित कार्यकर्ता, एक प्रिय आत्मा —

मधुसूदन कंकाणी मंच के अत्यंत समर्पित, सक्रिय और लोकप्रिय कार्यकर्ता थे। उन्होंने शाखा स्तर पर विभिन्न पदों पर सेवा देते हुए अपनी लगन और मेहनत से सभी को प्रभावित किया। विगत दो सत्र से वे मारवाड़ी युवा मंच देरगांव शाखा के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। साथ ही वे प्रांत के मंडल सी के प्रांतीय सहायक मंत्री भी रह चुके थे। उन्होंने प्रांतीय स्तर पर भी कई बार कार्यकारणी सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाई और वर्तमान सत्र में भी वे प्रांतीय कार्यकारणी सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

मंच में उन्हें इंडोर गेम्स के बेहतरीन प्रबंधन के लिए खास तौर पर याद किया जाता था। उनका सरल स्वभाव, मधुर मुस्कान, मधुर वाणी और हर किसी के प्रति आत्मीय व्यवहार उन्हें सबका प्रिय बना गया था। जहां भी जाते, अपने कार्य और व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बना लेते थे। उनकी अचानक विदाई ने मंच को एक सच्चे सेवक और समाज को एक अच्छे इंसान से वंचित कर दिया है।

परिवार पर छाया अनंत दर्द —

स्वर्गीय धनराज कंकाणी एवम श्रीमती सुशीला देवी कंकाणी के पुत्र मधुसूदन कंकाणी अपने पीछे धर्मपत्नी श्रीमती मोनिका कंकाणी और एक पुत्र सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग चार साल पूर्व उनके भाई का भी एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया था। अब मोंटू के भी यूं छोड़ कर चले जाने से पूरे परिवार पर शोक का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके छोटे से परिवार की पीड़ा देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए।

अंतिम यात्रा और भावभीनी श्रद्धांजलि —

रविवार देर शाम गमगीन माहौल में देरगांव श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा से पहले उनके निवास स्थान पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय संगठनों ने इस युवा कार्यकर्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जिनमें मरवाड़ी युवा मंच देरगांव शाखा, पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच का प्रांतीय नेतृत्व, शाखाओं के प्रतिनिधि, देरगांव मरवाड़ी समाज, देरगांव मरवाड़ी पंचायत धर्मशाला ट्रस्ट, देरगांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के केंद्रीय उपाध्यक्ष अभिवर्तन गोस्वामी, गोलाघाट जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्र ज्योति ठाकुर, मरवाड़ी सम्मेलन देरगांव शाखा, श्री सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी देरगांव, मरवाड़ी महिला सम्मेलन, देरगांव आंचलिक छात्र संस्था (आसू), देरगांव नागरिक संस्था, बापूजी मंदिर, असम प्रेस कॉरेस्पॉन्डेंट यूनियन, गोलाघाट जिला पत्रकार संघ, पत्रकार संस्था देरगांव, माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी युवा संगठन, माहेश्वरी महिला संगठन, अग्रसेन जयंती पालन समिति, अग्रवाल महिला समिति, जैन समाज, श्याम परिवार, भ्रष्टाचार निवारक बहिनी, गोलाघाट, आटसा देरगांव एवं पूर्वोत्तर माहेश्वरी युवा संगठन के नाम उल्लेखनीय है।

अंतिम यात्रा में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी, मंच के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष तथा देरगांव मारवाड़ी पंचायत धर्मशाला ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रदीप खदरिया, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष हिमशिखर खंडेलिया, उपाध्यक्ष मुख्यालय प्रशांत गोयनका, महामंत्री प्रभात निमोदीया, मंडलीय उपाध्यक्ष मोहित मालू, मंडल डी के उपाध्यक्ष प्रेम पारीक, सहायक मंत्री रौशन जैन, शिवसागर शाखा के कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल के साथ ही मंच की जननी शाखा गुवाहाटी, शिवसागर, तेजपुर, ढ़ेकियाजुली, जोरहाट, जोरहाट ग्रेटर, नॉर्थ लखीमपुर, बोकाखात, मोरानहाट, चाबुवा, मरियानी, तिनसुकिया, शिमलगुड़ी, गोलाघाट शाखा सहित प्रांत की 22 शाखाओं के पदाधिकारी और प्रांतीय कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सबकी आँखें नम थीं और दिल भारी थे।

इत्तेफ़ाक देखिए कि मंच के साथियों के बीच “मोंटू भाई” के नाम से प्यार से पुकारे जाने वाले मधुसूदन कंकाणी का पार्थिव शरीर उसी एम्बुलेंस में देरगांव लाया गया, जिसे वो स्वयं अपनी शाखा से संचालित करते थे। साथ ही जिस मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार हुआ, उसी मुक्ति धाम की देखरेख और संचालन भी उन्हीं की गृह शाखा कर रही थी — ठीक उसी समय जब वे अध्यक्ष पद पर थे। जाते-जाते भी “मोंटू भाई” ने एक अनोखा इतिहास रच दिया। जो सेवाएँ उन्होंने जीवन भर दूसरों के लिए कीं, वही सेवाएँ अंत में उन्हें अपने घर वापस लाने और उनकी अंतिम यात्रा के लिए खड़ी मिलीं। “सचमुच, कुछ लोग जाते नहीं हैं, वे इतिहास बन जाते हैं।”

प्रांतीय नेतृत्व ने जताया गहरा शोक —

प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी एवं महामंत्री प्रभात निमोदीया ने स्वर्गीय मधुसूदन कंकाणी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने युवा मंच साथी कंकाणी के असामयिक निधन को मंच परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि वे एक सहज सरल और हंसमुख मिलनसार स्वभाव के समर्पित कार्यकर्ता थे। उनके दिल में मारवाड़ी युवा मंच संगठन के प्रति अटूट श्रद्धा थी। मंच परिवार में उन्हें और उनके कामों को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके वियोग में पूर्वोत्तर प्रांत की सभी शाखाओं में आज गहरा शोक का माहौल छाया हुआ है। पूर्वोत्तर प्रांत दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे शोक संतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें और स्वर्गीय आत्मा को मोक्ष प्राप्ति केंद्र हो।

 

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