GUWAHATIhttps://nenews24x7.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifSIVASAGARटॉप न्यूज़देशराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

सर्प दंश के विरुद्ध असम की सफलता की नई कहानी : डिमौ ग्रामीण अस्पताल और डॉ. सुरजित गिरी को राष्ट्रीय स्वीकृति : स्वास्थ्य मंत्रालय की सर्प दंश की रोकथाम और नियंत्रण की राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य मनोनीत हुए : डिमौ मॉडल की ‘एक घंटे की लड़ाई’ अब पूरे भारत के गांव-गांव में फैलेगी

शून्य मौत का रिकॉर्ड डॉ. सुरजित गिरी को सदस्य हजारों मरीजों को नई जिंदगी देने वाले असम मॉडल पर गर्वित भारत सरकार

शिवसागर 9 मई : भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने आज एक आधिकारिक आदेश जारी कर सर्प दंश की रोकथाम और नियंत्रण (एनपीएसई) के लिए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समिति (एनटीएसी) का गठन किया है। इस समिति में असम के शिवसागर जिले के डिमौ मॉडल अस्पताल के डॉ. सुरजित गिरी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के सेंटर फॉर वन हेल्थ के संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत शेवाले द्वारा 8 मई को जारी आधिकारिक आदेश (Do Letter No: Misc/ 58/ 410/ 052/ 2026/ COH/ NCDC में डॉ. सुरजित गिरी का नाम दर्ज है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्वास्थ्य सेवा विभाग की महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में गठित इस 15 सदस्यीय समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में प्रो. (डॉ.) रंजन दास, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. अमरजीत कौर, डॉ. डी.सी. पटेल आदि शामिल हैं।

डॉ. सुरजित गिरी ने इस राष्ट्रीय सम्मान पर एक भावुक बयान में कहा कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रोटोकॉल, नीति-नियम आदि निर्धारित करने का भारी दायित्व हम कैसे निभाएंगे, यह समय ही बताएगा। हमारा डिमौ मॉडल हॉस्पिटल तथा असम का मॉडल – ‘एक घंटे की लड़ाई’ अब विभागीय और सरकारी स्तर पर पूरे भारत के गांव-गांव में फैलाया जाएगा।

चिकित्सक डॉ. सुरजित गिरी असम के ‘सांपों के डॉक्टर’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे एक कंसल्टेंट एनेस्थेसियोलॉजिस्ट हैं और डिमौ मॉडल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। वर्ष 2018 से उनके नेतृत्व में शुरू हुए ‘एक घंटे की लड़ाई’ मॉडल ने सर्प दंश के इलाज में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

उनके इस इस मॉडल की उपलब्धियों में 2018 से अब तक डिमौ में 3600 सर्प दंश मरीजों का सफल इलाज और साल 2021 से 2025 तक “जीरो डेथ” शून्य मृत्य का रिकॉर्ड शामिल है। डॉ. सुरजित गिरी के इस मॉडल की मुख्य विशेषता है “गोल्डन ऑवर” के अंदर मरीज को अस्पताल पहुंचाकर तुरंत आधुनिक चिकित्सा, एंटीवेनम और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करना।

डॉ. गिरी ने कहा कि इस उपलब्धि के साझीदार हैं स्थानीय जनता, समाज, डिमौ मॉडल हॉस्पिटल के सभी स्वास्थ्य कर्मी और असम सरकार। उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों के प्रति सदैव ऋणी रहूंगा। भारत में सर्प दंश अभी भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा पहले ही डिमौ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और प्रसार के लिए चुना चुका है।

इस नई राष्ट्रीय समिति के गठन के साथ डॉ. सुरजित गिरी की ‘एक घंटे की लड़ाई’ मॉडल अब पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल असम के स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना है, बल्कि पूरे भारत के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा। इस कदम से सर्प दंश से होने वाली मौतों को शून्य करने की दिशा में नया युग शुरू होने की उम्मीद है। भारत सरकार के आधिकारिक दस्तावेज में शामिल डॉ. सुरजित गिरी और डिमौ मॉडल अब पूरे राष्ट्र की सेवा में समर्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!