अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर सराहनीय पहल : मायुम शिवसागर प्रगति ने किया दो नृत्य गुरुओं का सम्मान

शिवसागर, असम: नृत्य हर किसी की भाषा है – यह बोलता है जब शब्द रुक जाते हैं। मारवाड़ी युवा मंच की शिवसागर प्रगति शाखा द्वारा अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की दो प्रतिष्ठित नृत्य शिक्षिकाओं को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नृत्य कला के प्रति समर्पित कलाकारों के योगदान को सराहना प्रदानकरना तथा समाज में कला और संस्कृति के महत्व को बढ़ावा देना था।
भंगिमा कला केंद्र की प्रमुख नृत्य गुरु प्लाबिता बरठाकुर सेंगड़े को सम्मानित किया गया। उन्होंने भारत के प्रसिद्ध कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज एवं पंडित जयकृष्ण महाराज से विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्लाबिता बरठाकुर सेंगड़े देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर अपनी उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं। नृत्य कला के क्षेत्र में वे निरंतर सक्रिय योगदान दे रही हैं और नई पीढ़ी को इस परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इसके साथ ही मायुम शिवसागर प्रगति शाखा की अपनी ही सक्रिय सदस्या निशा बागड़ी को भी सम्मानित किया गया। निशा बागड़ी पिछले डेढ दशक से निरंतर नृत्य प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। अपने समर्पण, मेहनत और उत्कृष्ट प्रशिक्षण शैली से उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को नृत्य की गहराई सिखाई है और उन्हें मंच तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया है।
शाखाध्यक्ष मोनालिसा आशा अग्रवाल के नेतृत्व में सचिव सोनम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बुलबुल लोहिया तथा कुसुम चित्तावत द्वारा दोनों प्रतिष्ठित नृत्य गुरु का उनके केंद्रों पर जाकर अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पारम्परिक दुपट्टा और पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शाखाध्यक्ष मोनालिसा आशा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मारवाड़ी युवा मंच सदैव नारी शक्ति के उत्थान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हम भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते रहेंगे।
शाखा सचिव सोनम अग्रवाल ने कहा कि बैले को भावनाओं और कहानी कहने का माध्यम बनाने वाले आधुनिक बैले के जनक फ्रांसीसी बैले गुरु जीन जॉर्ज नोवेरे की जयंती 29 अप्रैल के दिन को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन नृत्य कला के महत्व को रेखांकित करने, नर्तकों के योगदान को सम्मानित करने और समाज में नृत्य को एक सांस्कृतिक एवं शैक्षिक माध्यम के रूप में बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह कार्यक्रम न केवल नृत्य कलाकारों के सम्मान का माध्यम है, बल्कि समाज में कला के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।
प्लाबिता बरठाकुर सेंगड़े ने मंच शाखा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नृत्य को एक सार्वभौमिक भाषा के रूप में प्रोत्साहित करना चाहिए जो राजनीतिक, सांस्कृतिक और भाषाई सीमाओं को पार कर लोगों को जोड़ने का काम करता है। वहीं अपनों से मिले सम्मान से अभिभूत निशा बागड़ी ने कहा कि नृत्य मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण का साधन है। नृत्य के माध्यम से हम दुनिया के साथ अपनी खुशियां, भावनाएं और संस्कृति को साझा कर सकते हैं। यह जानकारी मायुम शिवसागर प्रगति शाखा की जनसंपर्क अधिकारी कंचन खुवाला द्वारा दी गई है।




