निर्जला एकादशी पर सेवा और सद्भाव का प्रेरक उदाहरण : मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा ने राहगीरों को पिलाया शीतल जल एवं आम पन्ना शरबत : चितावत परिवार के सहयोग से स्टेशन चाराली पुलिस प्वाइंट पर आयोजित सेवा अभियान : भीषण गर्मी में सैकड़ों लोगों को मिली राहत

शिवसागर, 25 जून : “परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं और प्यासे को जल पिलाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं।” इसी सनातन भावना को चरितार्थ करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा ने चितावत परिवार के सहयोग से ज्येष्ठ शुक्ल निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर स्टेशन चाराली पुलिस प्वाइंट स्थित असम जनरल स्टोर के समक्ष शीतल जल एवं आम पन्ना शरबत वितरण सेवा अभियान का आयोजन किया। सेवा, श्रद्धा और मानवता से ओत-प्रोत इस आयोजन में भीषण गर्मी के बीच राहगीरों, वाहन चालकों, श्रमिकों तथा स्थानीय नागरिकों को शीतल जल और आम पन्ना शरबत उपलब्ध कराया गया।
भारतीय संस्कृति में निर्जला एकादशी को दान, सेवा और परोपकार का महापर्व माना जाता है। इसी आध्यात्मिक भावना के साथ आयोजित इस सेवा अभियान ने समाज में सहयोग, सद्भाव और मानवता का प्रेरक संदेश दिया।

निर्जला एकादशी पर सेवा को बनाया साधना
तेज धूप और उमस भरे मौसम में आयोजित इस सेवा शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचते रहे। राहगीरों, रिक्शा एवं टेम्पो चालकों, दैनिक मजदूरों तथा आम नागरिकों ने शीतल जल और आम पन्ना शरबत ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने इस जनहितकारी पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम स्थल पर सेवा भाव, अनुशासन और आत्मीयता का ऐसा वातावरण देखने को मिला, जिसने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

“मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा” : प्रदीप कुमार खेमका
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष प्रदीप कुमार खेमका ने कहा कि निर्जला एकादशी केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, दान और मानव कल्याण का संदेश देने वाला महान धार्मिक अवसर है।
उन्होंने कहा कि जब कोई प्यासा व्यक्ति ठंडा जल ग्रहण कर संतोष का अनुभव करता है, वही हमारे लिए सबसे बड़ा प्रसाद है। समाज सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है और ऐसे कार्यों से समाज में प्रेम, सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं मजबूत होती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा भविष्य में भी समाजहित, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित करती रहेगी।

सामाजिक संस्थाओं का दायित्व सेवा और संस्कार : आनंद प्रकाश केड़िया
कार्यक्रम के दौरान शाखा सचिव आनंद प्रकाश केड़िया ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं की भूमिका केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी सदैव आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र “नर सेवा ही नारायण सेवा” है और ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन तथा सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
चितावत परिवार के सहयोग से सफल हुआ सेवा अभियान
इस सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में शहर के चितावत परिवार का विशेष सहयोग रहा। परिवार के सदस्यों ने पूरे समर्पण और सेवा भाव के साथ व्यवस्था संभाली तथा आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आत्मीयता के साथ शीतल जल एवं आम पन्ना शरबत उपलब्ध कराया।

समाजबंधुओं की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में शाखा सचिव आनंद प्रकाश केडिया, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रूपचंद करनानी, उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण चांडक, निवर्तमान अध्यक्ष विजय कुमार चितावत, आजीवन सदस्य अशोक कुमार बाकलीवाल एवं दिलीप कुमार चितावत, सदस्य संजय चितावत, ज्येष्ठ सदस्य प्रहलाद मुरारका, राजू चितावत, राकेश कुमार चितावत, पवन कुमार अग्रवाल, चेतन अग्रवाल सहित अनेक समाजबंधुओं ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई और सेवा कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा शिविर में अनुशासित एवं व्यवस्थित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संस्था की सेवा परंपरा को सशक्त बनाया।

सेवा, सद्भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल
निर्जला एकादशी पर आयोजित यह सेवा अभियान केवल शरबत वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय संवेदनाओं, धार्मिक आस्था और सामूहिक सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब सेवा में श्रद्धा और समर्पण जुड़ जाता है, तब वह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।

संयुक्त सचिव ने दी जानकारी
मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा की संयुक्त सचिव पायल अग्रवाल ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि संस्था भविष्य में भी समाजहित एवं जनसेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करती रहेगी, ताकि सेवा, सद्भाव, सहयोग और मानवता की भारतीय परंपरा को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।




