संभावित बाढ़ और कटाव को लेकर अलर्ट मोड में सरकार : अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने शिवसागर में किया मेगा निरीक्षण अभियान : बाढ़ राहत शिविर, नदी तटबंध, ब्रह्मपुत्र कटाव क्षेत्र, 11 किमी प्रस्तावित सुरक्षा परियोजना, बलमा घाट, विकास योजनाओं और 43 करोड़ के रुद्रसिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर अधिकारियों को राहत, बचाव, कटाव रोकने, विकास परियोजनाओं और खेल अधोसंरचना में तेजी लाने के दिए निर्देश

शिवसागर का कोई तटबंध फिलहाल संकटग्रस्त नहीं, लेकिन किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे — मंत्री बिमल बोरा
शिवसागर, 29 जून : असम में मानसून के दौरान संभावित बाढ़, ब्रह्मपुत्र नदी के कटाव और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के निर्देशानुसार असम सरकार में सांस्कृतिक कार्य, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम, एक्ट ईस्ट नीति विभाग के मंत्री तथा शिवसागर जिले के अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने सोमवार को जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का व्यापक दौरा कर बाढ़ सुरक्षा, कटाव नियंत्रण, राहत तैयारियों तथा विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

दिनभर चले इस निरीक्षण अभियान के दौरान उन्होंने दिसांगमुख फेरीघाट, बलमा घाट, दिखौमुख, सोलेगांव, हरागुरी क्षेत्र, प्रस्तावित ब्रह्मपुत्र कटाव रोधी परियोजना, ऑफला मिषिंग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित राहत शिविर, जिला स्तरीय समीक्षा बैठक तथा निर्माणाधीन रुद्र सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे।
दिसांगमुख फेरीघाट से शुरू हुआ निरीक्षण अभियान
अभिभावक मंत्री ने सबसे पहले दिसांगमुख फेरीघाट पहुंचकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से नदी के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, संभावित बाढ़, नदी कटाव तथा विभाग की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी संसाधन तैयार रखे जाएं।
मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

ओफोला मिसिंग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित राहत शिविर का निरीक्षण
निरीक्षण अभियान के दौरान मंत्री बिमल बोरा ने ओफोला मिसिंग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थापित संभावित बाढ़ राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने की स्थिति में नदी और तटबंध के बीच बसे गांवों के लोग प्रायः इसी शिविर में आश्रय लेते हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि विद्यालय के सभी कमरों, शौचालयों, पेयजल व्यवस्था, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर तुरंत संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाओं से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

बलमा घाट पर जलस्तर और निर्माणाधीन पुल का लिया जायजा
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मंत्री ने दिसांग नदी के बलमा घाट का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नदी के वर्तमान जलस्तर तथा संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो तत्काल राहत एवं बचाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए।
उन्होंने बलमा घाट पर निर्माणाधीन पुल की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

दिखौमुख, सोलेगांव और हरागुरी में कटाव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
इसके बाद मंत्री ने दिखौमुख, सोलेगांव तथा हरागुरी क्षेत्र का दौरा कर नदी कटाव की वर्तमान स्थिति का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी, तटबंधों की सुरक्षा तथा आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्थानीय ग्रामीणों ने भी मंत्री के समक्ष कटाव से संबंधित समस्याएं रखीं।

11 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित कटाव रोधी परियोजना को मिलेगी गति
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने दिसांगमुख से होरागुरी सापोरी तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित ब्रह्मपुत्र कटाव रोधी परियोजना के पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, लागत और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर चुकी है तथा सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद हजारों लोगों की कृषि भूमि, आवास, सड़कें तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियां नदी कटाव से सुरक्षित हो सकेंगी।

‘फिलहाल जिले का कोई तटबंध संकटग्रस्त नहीं’
मीडिया से बातचीत में अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि वर्तमान समय में शिवसागर जिले का कोई भी तटबंध गंभीर खतरे की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जल संसाधन विभाग द्वारा वैज्ञानिक तकनीक से अनेक तटबंधों का सुदृढ़ीकरण किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
हालांकि उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

विकास परियोजनाओं की भी हुई विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण अभियान के दौरान मंत्री ने जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक भी की।
बैठक में आपदा प्रबंधन, विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक तैयारियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

43 करोड़ के रुद्र सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण
दिन के अंतिम चरण में अभिभावक मंत्री ने शिवसागर में लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रुद्र सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने और समय पर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में असम को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार होने के बाद शिवसागर के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान विधायक अखिल गोगोई, पूर्व विधायक कुशल दुवरी, जिला आयुक्त मृदुल यादव, खेल परिसर प्रबंधन समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पुराने गुप्ता होटल में स्थानीय लोगों से किया संवाद
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने जिला भाजपा अध्यक्ष बितुपन राइदंगिया तथा अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ शिवसागर के स्वतंत्रता-पूर्व काल से संचालित ऐतिहासिक पुराने गुप्ता होटल का भी दौरा किया।

यहां उन्होंने पारंपरिक दही चिड़वा और स्थानीय मिठाइयों का स्वाद लिया तथा आम लोगों से अनौपचारिक बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं, बाढ़ की तैयारियों और विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए।

‘दीर्घकालिक समाधान पर सरकार का विशेष जोर’
अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि राज्य सरकार केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ और नदी कटाव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक परियोजनाओं पर प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य है कि शिवसागर सहित पूरे असम में मजबूत तटबंध, प्रभावी आपदा प्रबंधन, आधुनिक राहत व्यवस्था और टिकाऊ विकास परियोजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन एवं संपत्ति की अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।




