पुरुषोत्तम मास में सेवा और सद्भाव का अनूठा उदाहरण : मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा ने राहगीरों को दी राहत : वितरित किया शरबत, आम, केले, चॉकलेट एवं उपयोगी सामग्री : लक्ष्मी नारायण मंदिर के समक्ष आयोजित सेवा कार्यक्रम की लोगों ने की मुक्तकंठ से सराहना
“सेवा ही सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है” — महिला शाखा अध्यक्ष सरिता सरावगी

होजाई, 12 जून : अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर समाजसेवा और मानवता का प्रेरणादायी संदेश देते हुए मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा द्वारा शुक्रवार को एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय लक्ष्मी नारायण मंदिर के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राहगीरों, श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंद लोगों के बीच विभिन्न उपयोगी सामग्रियों का वितरण किया गया।
भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से महिला शाखा की सदस्यों ने राहगीरों को शीतल शरबत, शुद्ध पेयजल, आम, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, बाल्टियां तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। कार्यक्रम के दौरान सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सुंदर संगम देखने को मिला।

महिला शाखा की सदस्यों ने स्वयं उपस्थित रहकर राहगीरों का स्वागत किया तथा उन्हें प्रसाद स्वरूप सामग्री वितरित की। इस दौरान लोगों ने संगठन की इस मानवीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के अवसर पर महिला शाखा की अध्यक्ष सरिता सरावगी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में विशेष पुण्य प्रदान करने वाला माह माना जाता है। इस पवित्र अवधि में जरूरतमंदों की सहायता करना, सेवा कार्य करना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह सेवा अभियान आयोजित किया गया।
महिला शाखा की सदस्यों ने कहा कि संस्था केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समय-समय पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सहायता पहुंचाने का कार्य भी करती रही है। भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने कहा कि सेवा, समर्पण और संस्कार ही मारवाड़ी समाज की पहचान हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार जनहित के कार्यों में योगदान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं एवं महिलाओं से भी समाजसेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
शाखाध्यक्ष सरिता सरावगी के नेतृत्व में कार्यक्रम में महिला शाखा की सक्रिय सदस्य ईशु भीमसरिया, सरिता केजरीवाल, संगीता भीमसरिया, राधा सरावगी, बिमला पंसारी, सुनीता भीमसरिया, रीना भीमसरिया, पिंकी पंसारी, मधु भीमसरिया, कविता पंसारी, सबिता पंसारी, रंजना पंसारी, पिंकी सरावगी, नीतू मोर, रितु सरावगी, बबीता शर्मा, दीपिका भीमसरिया तथा ध्रुव भीमसरिया सहित अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर संगठन की ओर से समाज के सभी लोगों से मानव सेवा एवं परोपकार के कार्यों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। सेवा और सद्भावना से परिपूर्ण इस आयोजन ने पुरुषोत्तम मास की आध्यात्मिक भावना को सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया तथा उपस्थित लोगों के मन पर सकारात्मक छाप छोड़ी।
इस आशय की जानकारी मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा की सचिव मंजू भीमसरिया ने एक विज्ञप्ति में दी है।




