होजाई में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल : सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ : कलश यात्रा के साथ हुआ आगाज : वृंदावन धाम से पधारे भागवताचार्य विपिन शास्त्री जी महाराज करेंगे दिव्य वाचन
कॉलेज रोड निवासी केशरदेव मनोहर लाल पंसारी परिवार के सौजन्य से सप्ताहव्यापी धर्मायोजन : 21 मई से 27 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगी कथा

होजाई, 20 मई : पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) की पावनता और भक्ति की अमृत वर्षा से सराबोर होजाई शहर आज पूरे भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। इस पावन अवसर पर स्थानीय कॉलेज रोड निवासी केशरदेव मनोहर लाल पंसारी परिवार द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आज भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ किया गया। पुरुषोत्तम मास भगवान श्रीकृष्ण (पुरुषोत्तम) को समर्पित माना जाता है। इस मास में की गई भक्ति, श्रवण, कीर्तन और सत्कर्म का फल लाखों गुना बढ़ जाता है। ऐसे विशेष मास में भागवत कथा का आयोजन अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ अवसर है।
कलश यात्रा का अद्भुत और हृदयस्पर्शी दृश्य
आज शाम 5 बजे स्थानीय श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से भक्तिमय मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जो पूरे मार्ग को दिव्य आभा से आच्छादित कर गई। मंगल कलश यात्रा से पूर्व यजमान चौथमल पंसारी ने सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद परंपरागत राजस्थानी वेशभूषा में सजी मातृशक्ति सहित श्रद्धालुओं ने हाथों में मंगल कलश लेकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का मंत्रोच्चार करते हुए मंगल कलश यात्रा को कथास्थल तक पहुंचाया। इस यात्रा में श्री वृंदावन धाम से पधारे भागवताचार्य पूज्य विपिन शास्त्री जी महाराज को फूलों से सुसज्जित भव्य रथ पर विराजमान किया गया। उनके पीछे भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की जीवंत एवं मनमोहक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर भक्तों के हृदय भक्ति रस से भर उठे। पूरे रास्ते में बैंड पार्टी की मधुर धुनों, भजन-कीर्तन की लहरों और बम-पटाखों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। भक्तों ने फूल बरसाकर और जयकार लगाकर मंगल कलश यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा का समापन कथास्थल पंसारी परिवार के कॉलेज रोड स्थित निवास स्थान पर हुआ, जहां भक्तों ने हर्ष और उल्लास के साथ भाग लिया। इस अवसर पर स्थानीय श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने पूरे आयोजन को और भी यादगार बना दिया।

कथा का विस्तृत कार्यक्रम
श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का यह सात दिवसीय ज्ञान महायज्ञ 21 मई से 27 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। श्री वृंदावन धाम से पधारे भागवताचार्य पूज्य विपिन शास्त्री जी महाराज अपनी अमृतमयी ओजस्वी वाणी से श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के भक्तिरस की गंगा में गोता लगवाएंगे। कथा के दौरान भक्तों को श्रीमद् भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों में श्रीमद् भागवत कथा महात्म्य, पांडव चरित्र, भगवान शुकदेव का आगमन, भक्त प्रह्लाद एवं ध्रुव चरित्र, भगवान श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीलाओं, गिरिराज धारण लीला, रासलीला एवं कृष्ण-रुक्मिणी विवाहोत्सव, सुदामा चरित्र, अजामिल उपाख्यान, द्रौपदी की रक्षा, परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का रसपान करवाते हुए श्रीमद् भागवत महापुराण महात्म्य के साथ कथा का विराम होगा। इस दौरान विभिन्न दिव्य जीवंत झांकियों का प्रदर्शन सहित भजन संध्या, प्रसाद वितरण और अन्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। कथा समापन पर 28 मई को दोपहर में महाप्रसाद का आयोजन होगा।
पुरुषोत्तम मास की विशेष महिमा
शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में भागवत कथा श्रवण करने से पापों का नाश, मनोकामनाओं की पूर्ति, मोक्ष प्राप्ति और भगवान की असीम कृपा मिलती है। इस मास को भगवान विष्णु ने स्वयं अपना नाम देकर कृपा प्रदान की थी। ऐसे में केशरदेव मनोहर लाल पंसारी परिवार द्वारा किया गया यह आयोजन न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे होजाई क्षेत्र के लिए एक अनुपम भक्तिमय उपहार साबित हो रहा है।
आयोजक पंसारी परिवार का संदेश
इस सप्ताहव्यापी धर्मायोजन के आयोजक परिवार के चौथमल पवन कुमार पंसारी ने बताया कि यह आयोजन उनके गोलोकवासी दादाजी केशरदेव पंसारी एवं पिताजी मनोहर लाल पंसारी की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। इस पुण्य कार्य के माध्यम से समाज में सात्विक भक्ति भावना का प्रसार करना और पुरुषोत्तम मास की महिमा को जन-जन तक पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य है। पंसारी परिवार ने सभी श्रद्धालु भक्तों, स्थानीय नागरिकों, आसपास के गांवों और शहरों के लोगों से अपील की है कि सभी सपरिवार अधिकाधिक संख्या में इस पावन अवसर का लाभ उठाएं और श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से अपने जीवन को कृतार्थ बनाएं तथा कथा का रसास्वादन करें, भजन-कीर्तन में भाग लें और इस पावन मास को भक्ति से भर दें।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक एकता और युवा पीढ़ी को भक्ति मार्ग से जोड़ने की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास है। होजाईवासी इस भव्य आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।




