शिवसागर में महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल : आटासू ने 400 महिलाओं को रियायती दर पर वितरित की सिलाई मशीनें : महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम : भविष्य में 800 और महिलाओं को लाभ पहुंचाने की घोषणा
स्वरोजगार, जागरूकता और आर्थिक सशक्तिकरण का मिला सशक्त संदेश

शिवसागर, 22 जून : महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑल ताई आहोम स्टूडेंट्स यूनियन (आटासू) ने शिवसागर में एक सराहनीय और दूरगामी सामाजिक पहल की है। ताई आहोम महिला मंच की जिला समिति के सहयोग से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 400 महिलाओं को रियायती दर पर सिलाई मशीनें वितरित की गईं। स्थानीय नाट्य मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामाजिक जागरूकता को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम को क्षेत्र में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजन स्थल पर सुबह से ही महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम के प्रति उत्साह और अपेक्षाओं का सहज अनुमान लगाया जा सकता था।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घरेलू स्तर पर आय सृजन के अवसर प्रदान करना तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना था। आयोजकों का मानना है कि सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल आधारित कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी महिलाओं को रियायती दर पर सिलाई मशीनें प्रदान की गईं, जिससे वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में योगदान दे सकें। महिलाओं ने इस पहल के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित होगी।

गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आटासू के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई उपस्थित रहे। उनके साथ शिवसागर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया, वरिष्ठ पत्रकार भैरव मुंडा, मनीरूल इस्लाम बोरा, कौस्तुभ मणि काकोटी एवं हिमांशु नेओग, आटासू के जिला अध्यक्ष अखिल आहोम, ताई आहोम महिला मंच की जिला अध्यक्ष विकी रानी मोहन सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और कौशल विकास के महत्व पर प्रेरणादायक संदेश दिए तथा समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

साइबर अपराधों से सतर्क रहने का आह्वान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया का जागरूकता संबोधन रहा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और युवतियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने विस्तार से बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल एप्लीकेशन और फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंकिंग जानकारी अथवा व्यक्तिगत विवरण साझा न करने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी तथा डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित महिलाओं ने उनके मार्गदर्शन को अत्यंत उपयोगी और समयानुकूल बताया।

पार्थ गोगोई ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का सफल संचालन आटासू के जिला संयुक्त सचिव पार्थ गोगोई ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का प्रभावी समन्वय करते हुए उपस्थित अतिथियों, लाभार्थियों और आमंत्रित व्यक्तियों का स्वागत किया।
उनके संचालन में सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ तथा सभी लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मशीनें प्रदान की गईं।

आटासू केवल जातीय संगठन नहीं, सामाजिक विकास का मंच : बसंत गोगोई
अपने संबोधन में आटासू के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई ने कहा कि आटासू किसी संकीर्ण सोच या सीमित दायरे में कार्य करने वाला मात्र एक जातीय संगठन नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों और विभिन्न जाति-जनजातियों के समग्र विकास के लिए कार्य करने वाला एक सामाजिक संगठन है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इसी सोच के साथ संगठन ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह पहल की है।
बसंत गोगोई ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में 800 और महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।

स्वयं सहायता समूहों और हस्तशिल्प विकास पर भी रहेगा जोर
बसंत गोगोई ने बताया कि संगठन महिलाओं को केवल सिलाई कार्य तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उन्हें व्यापक स्वरोजगार अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के बीच स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा और उन्हें बुनाई, हस्तशिल्प तथा अन्य पारंपरिक कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में तांतशाल (करघा केंद्र) स्थापित करने की योजना भी तैयार की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को दीर्घकालिक रोजगार और स्थायी आय के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक पहल
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आटासू और ताई आहोम महिला मंच की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि सिलाई मशीन वितरण जैसी योजनाएं न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सामाजिक भागीदारी और आर्थिक स्वतंत्रता की भावना भी विकसित करती हैं।

महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, डिजिटल जागरूकता और सामाजिक विकास का संदेश देने वाला यह कार्यक्रम शिवसागर में चर्चा का विषय बना रहा। सामाजिक संगठनों द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयास भविष्य में समाज के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




