ओएनजीसी की पहल से बदलेगी ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर : लिगिरीबारी एल.पी. स्कूल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण : विद्यार्थियों को मिली आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं : वार्षिक एससी/एसटी कंपोनेंट प्लान के तहत विद्यालय का हुआ कायाकल्प
‘शिक्षा और सामाजिक विकास दोनों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध है ओएनजीसी’ – उदय पासवान

शिवसागर, 22 जून : सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) द्वारा ग्रामीण शिक्षा के विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए शिवसागर जिले के 343 नंबर लिगिरी बारी लोअर प्राइमरी स्कूल का नवनिर्मित एवं पुनर्निर्मित भवन विद्यार्थियों को समर्पित किया गया। ओएनजीसी असम एसेट की वार्षिक एससी/एसटी कंपोनेंट प्लान (ACP) 2025-26 के अंतर्गत पूर्ण की गई इस परियोजना ने क्षेत्र के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीण समुदाय में नई उम्मीदों का संचार किया है।
विद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह उत्साह, गर्व और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बन गया, जिसमें ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, विद्यालय परिवार, अभिभावकों, ग्रामवासियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

उदय पासवान ने किया भवन का लोकार्पण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओएनजीसी असम एसेट के कार्यकारी निदेशक एवं एसेट प्रबंधक उदय पासवान ने नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। उनके साथ वीसीसी के सदस्य, ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में उदय पासवान ने कहा कि ओएनजीसी केवल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में भी निरंतर योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज के विकास की आधारशिला शिक्षा होती है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलनी चाहिए जो शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। इसी उद्देश्य से ओएनजीसी समय-समय पर विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विकास में सहयोग करती रही है।

हर वर्ष जलमग्न होने वाली समस्या का मिला स्थायी समाधान
उदय पासवान ने बताया कि लिगिरी बारी एल.पी. स्कूल की सबसे बड़ी चुनौती इसका निम्न भू-भाग में स्थित होना था। वर्षा ऋतु के दौरान विद्यालय परिसर अक्सर दो से चार महीनों तक जलमग्न रहता था, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और शिक्षण कार्य बाधित हो जाता था।
इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण विशेष रूप से एलिवेटेड फाउंडेशन पर किया गया है। इससे भविष्य में बाढ़ और जलभराव की स्थिति का प्रभाव काफी हद तक कम होगा तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई निरंतर जारी रह सकेगी।
स्थानीय लोगों ने इस पहल को क्षेत्र के लिए एक दूरदर्शी कदम बताया है, जो आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित करेगा।

विद्यालय को मिली नई सुविधाएं, बढ़ेगा नामांकन और उपस्थिति
नवीनीकरण परियोजना के अंतर्गत विद्यालय भवन को मजबूत, सुरक्षित और अधिक उपयोगी बनाया गया है। साथ ही छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिससे विद्यालय में स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं का स्तर उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ है।
विद्यालय परिवार का मानना है कि नई सुविधाओं के कारण विद्यार्थियों को अधिक अनुकूल शिक्षण वातावरण मिलेगा। इससे विद्यालय में नामांकन बढ़ेगा, उपस्थिति में सुधार होगा तथा बच्चों की सीखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ, ओएनजीसी असम एसेट के अध्यक्ष डेंबी राम पागिंग ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
उन्होंने ओएनजीसी प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर आधारभूत सुविधाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया निवेश भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

जगत चंद्र हजारिका ने किया कार्यक्रम का संचालन
समारोह का सफल संचालन ओएनजीसी असम एसेट के सेवा (SEWA) सचिव जगत चंद्र हजारिका ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का संयोजन करते हुए अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया तथा परियोजना के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला।

ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
कार्यक्रम में ओएनजीसी असम एसेट के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध विभाग की प्रमुख रिजवान नकवी, वेल सर्विसेज प्रमुख जयंत मुखोपाध्याय, इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रमुख अम्बरीश गांधी, कार्यवाहक सरफेस मैनेजर एन. पी. अलडा, एसडीसी प्रमुख गौरव दास, एसेट सपोर्ट मैनेजर राजेश कुमार सांखला, ड्रिलिंग सर्विसेज प्रमुख मनोज कुमार गुप्ता, एचएसई प्रमुख रंजन कुमार देवरी, केंद्रीय कार्यशाला प्रमुख एस. रमेश तथा सीएसआर प्रभारी अजय पंथरी प्रमुख रूप से शामिल थे।
कार्यक्रम में ओएनजीसी असम की प्रथम महिला श्रीमती पासवान की उपस्थिति ने भी समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने जताया आभार
विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा ग्रामवासियों ने विद्यालय के कायाकल्प के लिए ओएनजीसी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और ग्रामीण समाज के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।
अभिभावकों ने विश्वास व्यक्त किया कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकेंगे।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण
उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहलें ग्रामीण विकास की आधारशिला होती हैं। इससे न केवल विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि पूरे समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलती है।
ओएनजीसी असम परिसंपत्ति द्वारा संचालित यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), समावेशी विकास और सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। यह पहल दर्शाती है कि उद्योग और समाज के बीच सहयोग के माध्यम से शिक्षा, विकास और सामाजिक परिवर्तन के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
लिगिरी बारी एल.पी. स्कूल के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन न केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना का लोकार्पण है, बल्कि यह ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम भी है।




