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शिवसागर में मॉरल पोलिसिंग का शर्मनाक मामला : मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को चोर समझकर बुरी तरह पीटा : अस्पताल में जिंदगी-मौत की लड़ाई

शिवसागर, 24 मई : शिवसागर जिले में एक बार फिर मॉरल पोलिसिंग और भीड़तंत्र की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को चोर समझकर अज्ञात युवक ने निर्ममता से पीट दिया। पीड़ित युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैला दिया है। मिली जानकारी के अनुसार शिवसागर जिले के कुंवरपुर क्षेत्र के शेनसुवा गांव निवासी जाहिरुल रहमान नामक युवक इस घटना का शिकार बना। जाहिरुल मानसिक रूप से अस्वस्थ है और लंबे समय से इलाजरत है।

घटना 37 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनामिका डीलर के पास हुई। पीड़ित युवक दोपहर से घर पर नहीं था। शाम के समय जब स्थानीय लोगों ने उसे घायल अवस्था में देखा तो मामला सामने आया।

पीड़ित की मां के अनुसार जाहिरुल प्राकृतिक शौच के लिए सड़क किनारे गया था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने उसे चोर समझ लिया और बिना किसी पूछताछ के बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित ने खुद बताया कि उसे चोर कहकर मारा गया।

पीटाई इतनी निर्मम थी कि जाहिरुल रहमान के पीठ, हाथ, पैर और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने उसके शरीर पर कई जगहों पर चोट के निशान देखे। वर्तमान में वह अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सा प्राप्त कर रहा है।

इस घटना के संदर्भ में पीड़ित की मां ने शिवसागर सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अज्ञात युवक की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

यह घटना मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के प्रति समाज की संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है। शिवसागर सहित पूरे असम में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन इस बार पीड़ित की मानसिक स्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना शिवसागर में मॉरल पोलिसिंग का खतरनाक रूप है।

लोगों का कहना है कि बिना जांच के किसी को चोर या संदिग्ध मानकर पीटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे निर्दोष लोग, खासकर मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

जागरूक लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि न केवल इस मामले की तेज जांच हो, बल्कि जागरूकता अभियान भी चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना न केवल एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।

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