सिलचर में बराक हिंदी साहित्य समिति का दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न : भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का दिखा अनूठा संगम : गीत, संगीत, भजन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां : सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ शुभारंभ : बच्चों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों तक ने अपनी प्रतिभा से किया मंत्रमुग्ध
150 सदस्यों एवं परिजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता : अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी ने प्रतिवर्ष समारोह आयोजित करने का किया आह्वान

सिलचर, 26 अक्टूबर : बराक घाटी में हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करने वाली प्रमुख संस्था बराक हिंदी साहित्य समिति के तत्वावधान में शनिवार की शाम दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष समारोह में संस्था के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सदस्यों एवं उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, पारिवारिक आत्मीयता एवं सामाजिक सद्भाव का सुंदर संगम देखने को मिला।
समिति की ओर से पहली बार आयोजित इस मिलन समारोह ने सदस्यों और उनके परिवारों को एक मंच पर एकत्रित होकर पर्व की खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत भजन, गीत, संगीत एवं नृत्य ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। बच्चों से लेकर वरिष्ठ सदस्यों तक की सक्रिय सहभागिता ने समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर मंच पर समिति के पूर्व अध्यक्ष महावीर प्रसाद जैन, अवधेश कुमार सिंह, गिरिजा शंकर अग्रवाल एवं तपेश्वर सिंह सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन समिति के महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया।

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ समारोह का मंगलमय शुभारंभ
दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर किरण त्रिपाठी, सविता जायसवाल, कमला सोनार एवं अपर्णा तिवारी ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। धार्मिक श्रद्धा एवं भक्ति भावना से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने समारोह को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
सामूहिक पाठ के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जिसमें समिति से जुड़े कलाकारों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की गई।
भजन, गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह का प्रमुख आकर्षण विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। नन्हे बाल कलाकारों से लेकर समिति के सदस्य कलाकारों तक ने अपनी गायन, नृत्य एवं भजन प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में भक्ति, उल्लास एवं सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखेरे।
भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने जहां वातावरण को भक्तिमय बनाया, वहीं गीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और उमंग का संचार किया। उपस्थित सदस्यों एवं उनके परिवारों ने सभी प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया तथा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से सराहनीय रही। इस आयोजन ने नई पीढ़ी को अपनी कला एवं प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
पहली बार आयोजित मिलन समारोह को प्रतिवर्ष जारी रखने का आह्वान
समारोह को संबोधित करते हुए बराक हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सदस्यों एवं उनके परिवारों को दुर्गापूजा तथा विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि समिति की ओर से इस प्रकार के दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह का आयोजन पहली बार किया गया है। यह पहल संस्था के सदस्यों के बीच आपसी मेलजोल, पारिवारिक आत्मीयता, सामाजिक एकता एवं संगठनात्मक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गोस्वामी ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव केवल पर्व मनाने का अवसर ही नहीं होते, बल्कि समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करने का भी प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से सदस्यों के बीच सहयोग, आत्मीयता एवं पारस्परिक विश्वास की भावना को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने इस मिलन समारोह को भविष्य में प्रतिवर्ष आयोजित करने का आह्वान करते हुए कार्यक्रम के आयोजकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सभी सदस्यों के उत्साहपूर्ण योगदान की सराहना भी की।
महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी ने किया वार्षिक आयोजन के प्रस्ताव का समर्थन
समिति के महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी ने भी दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह को प्रतिवर्ष आयोजित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समिति की संगठनात्मक मजबूती, सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार एवं सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के संचालन के दौरान उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया तथा उपस्थित सदस्यों एवं कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
समारोह में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक मेल-मिलाप के कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि संस्था के सदस्यों एवं उनके परिवारों के बीच आत्मीय संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।
150 सदस्यों एवं परिजनों की रही उत्साहपूर्ण उपस्थिति
इस विशेष मिलन समारोह में बराक हिंदी साहित्य समिति के पदाधिकारियों, वरिष्ठ सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं उनके परिवारों सहित लगभग 150 लोगों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में कन्हैयालाल सिंगोदिया, अरुण कुमार महतो, दुर्गेश कुर्मी, ललित जैन, सावरमल काबरा, अनन्त लाल कुर्मी, सविता जायसवाल, सीमा गोस्वामी, धर्मेंद्र राय, सुवचन ग्वाला, लालन प्रसाद ग्वाला, प्रमोद जायसवाल, सुपर्णा तिवारी, अमरनाथ सिंह, राजू वर्मा एवं राम शर्वाथ सिंह सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान सभी ने एक-दूसरे को दुर्गापूजा एवं दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना व्यक्त की। सदस्यों एवं उनके परिवारों के बीच आत्मीय मुलाकातों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों ने पूरे आयोजन को पारिवारिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
सांस्कृतिक संध्या के साथ सामूहिक रात्रिभोज का आयोजन
मिलन समारोह के अवसर पर उपस्थित सदस्यों एवं उनके परिवारों के लिए रात्रिभोज की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात सभी ने आपसी मेलजोल एवं आत्मीय बातचीत के बीच रात्रिभोज का आनंद लिया।
देर रात तक चले इस आयोजन में सदस्यों एवं उनके परिवारों के बीच उत्साह, आत्मीयता और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। सामूहिक रात्रिभोज ने समारोह को और अधिक पारिवारिक एवं आत्मीय स्वरूप प्रदान किया।
सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक संरक्षण और भाईचारे का दिया संदेश
बराक हिंदी साहित्य समिति का यह प्रथम दुर्गापूजा एवं दशहरा मिलन समारोह धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक उत्सव के साथ सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक आत्मीयता और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ समाज में आपसी सहयोग, सम्मान और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है। ऐसे सामूहिक कार्यक्रम विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद और आत्मीय संबंधों को सुदृढ़ करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को जारी रखने की भावना व्यक्त की। धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक उल्लास एवं पारिवारिक सौहार्द के वातावरण में संपन्न हुआ यह मिलन समारोह सभी उपस्थित सदस्यों के लिए एक सुखद एवं स्मरणीय अनुभव रहा।
सिलचर से वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार मदन सिंघल की रिपोर्ट।




