जोरहाट में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाई गई महर्षि पराशर जयंती : धार्मिक अनुष्ठानों, भजन संध्या और रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां : पारीक सभा एवं पारीक महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य आयोजन : पांच जोड़ों ने विधि-विधान से की महर्षि पराशर की पूजा-अर्चना : भजन संध्या में गूंजे भक्तिमय स्वर, महिलाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, प्रतिभागियों को किया सम्मानित
समाज के वरिष्ठजनों का अभिनंदन : सामाजिक एकता, संस्कारों के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प : श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के संगम के रूप में संपन्न हुआ महर्षि पराशर जयंती समारोह

जोरहाट, 26 अक्टूबर : पारीक समाज के आराध्य महर्षि पराशर की जयंती के पावन अवसर पर पारीक सभा एवं पारीक महिला मंडल, जोरहाट के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर को महर्षि पराशर जयंती समारोह श्रद्धा, भक्ति, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक एकता एवं पारिवारिक सद्भाव के अनूठे संगम के रूप में आयोजित इस समारोह में समाजबंधुओं, महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिनभर चले विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह में महर्षि पराशर की विधिवत पूजा-अर्चना, महिलाओं एवं बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां, भक्तिमय भजन संध्या, समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान, प्रतिभागियों का अभिनंदन तथा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहीं। आयोजन के माध्यम से समाज की गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ नई पीढ़ी को पारंपरिक संस्कारों से जोड़ने का संदेश दिया गया।
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पांच जोड़ों ने विधि-विधान से की महर्षि पराशर की पूजा-अर्चना
समारोह का शुभारंभ प्रातःकाल महर्षि पराशर की विधिवत पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। इस अवसर पर समाज के पांच जोड़ों ने पंडित आचार्य नारायण पारीक के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस अनुष्ठान के दौरान समाज की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति एवं सर्वांगीण प्रगति की मंगलकामना की गई।

पूजा-अर्चना के पश्चात महिलाओं एवं बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह का परिचय दिया। इन गतिविधियों ने समारोह में उल्लासपूर्ण वातावरण का संचार करने के साथ समाज के विभिन्न आयु वर्गों के बीच आपसी मेलजोल और आत्मीयता को भी प्रोत्साहित किया।

भजन संध्या में गूंजे भक्तिमय स्वर, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ वातावरण
समारोह के अंतर्गत दोपहर 2 बजे से विशेष भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें समाज के प्रतिभाशाली भजन गायकों कैलाश पारीक, लिखमाराम बोहरा, प्रीतम पारीक एवं ओमप्रकाश पारीक ने अपनी सुमधुर एवं भावपूर्ण भजन प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भजनों की भक्तिमय स्वर लहरियों से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक उल्लास एवं श्रद्धा से सराबोर हो उठा। उपस्थित समाजबंधुओं, महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भजन संध्या का आनंद लेते हुए धार्मिक आस्था एवं भक्ति भावना का परिचय दिया। भजन संध्या समारोह के प्रमुख आकर्षणों में से एक रही।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ
समारोह के अगले चरण में सायं 5 बजे महर्षि पराशर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्तियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की मंगल शुरुआत की।
दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना में लक्ष्मीनारायण तिवाड़ी, सत्यनारायण पुरोहित, राजेन्द्र पारीक, बाबूलाल तिवाड़ी, कैलाश जोशी, रामकुमार पारीक, पवन तिवाड़ी (पप्पूजी), सांवरमल व्यास, प्रेमलता जोशी एवं पुष्पा देवी तिवाड़ी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने महर्षि पराशर के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

समाज के वरिष्ठजनों का दुपट्टा पहनाकर किया अभिनंदन, लिया आशीर्वाद
समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से विशेष अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मीनारायण तिवाड़ी, गोपाल पारीक (रंगामाटी) एवं रामेश्वर जोशी का दुपट्टा पहनाकर सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।

इस दौरान उपस्थित समाजबंधुओं एवं युवा पीढ़ी के सदस्यों ने वरिष्ठजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठजनों के सम्मान का यह आयोजन समाज की गौरवशाली परंपराओं, पारिवारिक संस्कारों एवं बड़ों के प्रति आदरभाव को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
कार्यक्रम में यह भावना व्यक्त की गई कि समाज के वरिष्ठजनों का अनुभव, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद नई पीढ़ी के लिए अमूल्य प्रेरणास्रोत है। उनके प्रति सम्मान की परंपरा को बनाए रखना समाज की सांस्कृतिक पहचान एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा, प्रतियोगियों को किया सम्मानित
समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिभागियों ने अपनी कला, रचनात्मकता एवं प्रतिभा का आकर्षक प्रदर्शन किया। महिलाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से कार्यक्रम में विशेष रौनक रही। विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक पवन तिवाड़ी (पप्पूजी) रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ समाज में सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि एवं उत्साह को बढ़ावा मिला।

आकर्षक मंच संचालन ने कार्यक्रम में भरा उत्साह
समारोह के विभिन्न कार्यक्रमों का मंच संचालन सुश्री अम्बिका पारीक, सुश्री विजयलक्ष्मी तिवाड़ी, सुश्री सुलोचना पारीक एवं गौरव तिवाड़ी ने संयुक्त रूप से प्रभावशाली एवं आकर्षक अंदाज में किया।

सभी मंच संचालकों ने अपने कुशल संचालन, सुंदर प्रस्तुति एवं प्रभावशाली संवाद शैली से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित बनाए रखने के साथ उपस्थित समाजबंधुओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़े रखा। उनके संचालन ने समारोह की गरिमा एवं आकर्षण को और अधिक बढ़ाया।

पारीक सभा एवं महिला मंडल ने जताया समाजबंधुओं के प्रति आभार
समारोह के अवसर पर पारीक सभा, जोरहाट के अध्यक्ष गौरीशंकर तिवाड़ी एवं पारीक महिला मंडल की अध्यक्षा प्रेमलता जोशी ने आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों, समाजबंधुओं, महिलाओं, बच्चों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने समारोह को सफल बनाने में समाज के सभी सदस्यों, पदाधिकारियों एवं सहयोगकर्ताओं के सामूहिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव एवं एकजुटता की भावना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने समाज की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं एवं पारिवारिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता को आवश्यक बताया।

सचिव उमेश पारीक ने किया धन्यवाद ज्ञापन, सामूहिक सहयोग की सराहना
समारोह के समापन अवसर पर पारीक सभा के सचिव उमेश पारीक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों, समाजबंधुओं, प्रतिभागियों, कलाकारों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी सदस्यों के सामूहिक सहयोग, समर्पण, सक्रिय सहभागिता एवं सेवाभावी भावना के कारण महर्षि पराशर जयंती समारोह सफल एवं स्मरणीय बन सका। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी व्यक्तियों के योगदान की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।

सामाजिक एकता, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का दिया संदेश
महर्षि पराशर जयंती का यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा एवं सांस्कृतिक उत्सव के साथ सामाजिक एकता, पारिवारिक आत्मीयता एवं पारस्परिक सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। समारोह में बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठजनों की सहभागिता ने समाज की विभिन्न पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने का अवसर प्रदान किया।

आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं समाज की पहचान और एकता का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत, संस्कारों एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के साथ समाज में सम्मान, सहयोग, सद्भाव एवं भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
श्रद्धा, भक्ति, उत्साह एवं सामाजिक समरसता के वातावरण में महर्षि पराशर जयंती समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उक्त जानकारी पारीक सभा जोरहाट के सह-सचिव सुधीर पुरोहित ने दी।




