Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMBUSINESSLocal NewsNGOPROTESTSIVASAGARSTATETOP NEWSटॉप न्यूज़युवाराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

ओएनजीसी से जुड़ी उप-ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप : नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी का दावा : असमिया युवा मंच ने डीबीआर एंटरप्राइज के खिलाफ खोला मोर्चा : ओएनजीसी से ब्लैकलिस्ट करने और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

शिवसागर जिला आयुक्त को सौंपा विस्तृत ज्ञापन : कार्रवाई नहीं होने पर रिग संचालन ठप करने और व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी

शिवसागर, 25 जून : ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) असम एसेट, नाजिरा से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं तथा स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न संगठनों द्वारा स्थानीय अधिकारों की मांग को लेकर जारी आंदोलनों के बीच अब असमिया युवा मंच भी खुलकर सामने आया है। संगठन ने ओएनजीसी से जुड़े एक उप-ठेका संस्थान डीबीआर एंटरप्राइज तथा उसके कथित संचालक ऋतुराज बरगोहाई के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए शिवसागर जिला आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जिला प्रशासन को सौंपा विस्तृत ज्ञापन

असमिया युवा मंच की शिवसागर जिला समिति की ओर से मुख्य सलाहकार जादव गोगोई, सलाहकार आकाश सईकिया, जिला अध्यक्ष यदुमणि कलिता तथा महासचिव विष्णु ज्योति सईकिया के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ओएनजीसी असम एसेट में कार्यरत कुछ उच्च अधिकारियों तथा कुछ निजी ठेकेदार कंपनियों की कथित मिलीभगत के कारण स्थानीय युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं और पूरे जिले की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

संगठन का कहना है कि जब विभिन्न राष्ट्रीय, क्षेत्रीय एवं जनजातीय संगठन ओएनजीसी की कथित “असम विरोधी नीतियों” के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं, उसी समय कुछ निजी कंपनियों के माध्यम से कथित अनियमितताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सब-कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ओएनजीसी असम एसेट के विभिन्न रिग संचालन के लिए सात वर्षों की अवधि हेतु छह निजी कंपनियों को ठेका दिया गया था। इनमें हैदराबाद स्थित क्रीस ड्रिलिंग प्राइवेट लिमिटेड (Kriss Drilling Pvt. Ltd.) को दो रिगों के संचालन का कार्य मिला।

असमिया युवा मंच का आरोप है कि इस कंपनी ने बाद में अपना सब-कॉन्ट्रैक्ट डीबीआर एंटरप्राइज को देने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ।

नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप

ज्ञापन में दावा किया गया है कि नाजिरा उपमंडल के संदिकै गांव निवासी ऋतुराज बरगोहाई, जो कथित रूप से डीबीआर एंटरप्राइज से जुड़े हैं, पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से शिवसागर सहित राज्य के विभिन्न जिलों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को ओएनजीसी परियोजनाओं में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर प्रति व्यक्ति लगभग एक से दो लाख रुपये तक लेते रहे।

संगठन का आरोप है कि सैकड़ों युवाओं से धन लेने के बावजूद उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया। ज्ञापन के अनुसार कई पीड़ित युवक पहले भी इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं और यह मामला पूर्व में विभिन्न समाचार माध्यमों में भी सामने आ चुका है।

पूर्व के एक अन्य मामले का भी किया उल्लेख

असमिया युवा मंच ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि ऋतुराज बरगोहाई पर पूर्व में Scros नामक कंपनी को रिग सामग्री आपूर्ति से जुड़े लगभग 35 लाख रुपये के कथित गबन का भी आरोप लगा था। संगठन के अनुसार उस मामले में संबंधित कंपनी द्वारा अमगुड़ी पुलिस थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।

हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप

ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि ऋतुराज बरगोहाई स्वयं को क्रीस ड्रिलिंग प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि अथवा स्वामी बताकर लोगों के बीच विश्वास कायम करते रहे और इसी आधार पर नौकरी दिलाने के नाम पर धन एकत्रित किया।

संगठन का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

ओएनजीसी और कंपनी को पहले ही दी जा चुकी है जानकारी

असमिया युवा मंच ने दावा किया है कि इस पूरे प्रकरण की लिखित जानकारी पहले ही ओएनजीसी असम एसेट तथा क्रीस ड्रिलिंग प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके बावजूद यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बेरोजगार युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठ सकता है।

डीबीआर एंटरप्राइज को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

संगठन ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में ओएनजीसी से मांग की गई है कि –

– डीबीआर एंटरप्राइज का उप-ठेका तत्काल निरस्त किया जाए।
– कंपनी को भविष्य की सभी ओएनजीसी परियोजनाओं से ब्लैकलिस्ट किया जाए।
– कथित नौकरी घोटाले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
– दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

असमिया युवा मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि डीबीआर एंटरप्राइज के विरुद्ध कोई ठोस एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन क्रीस ड्रिलिंग प्राइवेट लिमिटेड तथा ओएनजीसी असम एसेट, नाजिरा के ठेका आधारित रिग संचालन को अनिश्चितकाल तक बंद कराने के उद्देश्य से आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

संगठन ने यह भी कहा कि ओएनजीसी की कथित स्थानीय विरोधी नीतियों और शिवसागर के युवाओं की उपेक्षा के मुद्दे पर भविष्य में जिले के विभिन्न सामाजिक, छात्र, क्षेत्रीय एवं जनसंगठनों को साथ लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें

पूरा मामला अब जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संज्ञान में है। यदि आरोपों की आधिकारिक जांच शुरू होती है तो इससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!