शिवसागर के विकास, विरासत संरक्षण और आत्मनिर्भरता पर अभिभावक मंत्री बिमल बोरा का विशेष फोकस : पहले ही दौरे में अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश; बाढ़ प्रबंधन, कृषि, महिला उद्यमिता, सड़क गुणवत्ता, रोजगार सृजन और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर जोर
शिव दौल में पूजा-अर्चना से शुरू हुआ अभिभावक मंत्री का पहला शिवसागर दौरा : भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

शिवसागर, 9 जून : असम सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम, सांस्कृतिक कार्य तथा एक्ट ईस्ट नीति मामलों के कैबिनेट मंत्री एवं शिवसागर जिले के नव-नियुक्त अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने सोमवार को पहली बार अभिभावक मंत्री के रूप में ऐतिहासिक शिवसागर जिले का दौरा किया।

अपने पहले ही दौरे में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि शिवसागर में विकास, विरासत संरक्षण, रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
शिव दौल में पूजा-अर्चना से शुरू हुआ अभिभावक मंत्री का पहला शिवसागर दौरा
दौरे की शुरुआत मंत्री बिमल बोरा ने सपरिवार ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र शिव दौल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर की।

उन्होंने पारंपरिक असमिया रीति-रिवाजों के अनुसार शराई अर्पित करते हुए राज्य और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। आहोम काल की स्थापत्य कला और असम की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शिव दौल में उन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की।

इस अवसर पर जिला आयुक्त मृदुल यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया, भाजपा जिला अध्यक्ष बितुपन रायडोंगिया, शिवसागर टेंपल डेवलपमेंट बोर्ड के पदाधिकारी तथा स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि शिवसागर केवल एक जिला नहीं, बल्कि असम की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। इसलिए विकास के साथ-साथ इसकी विरासत और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता रहेगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
शिव दौल में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद भारतीय जनता पार्टी के जिला नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं ने अभिभावक मंत्री बिमल बोरा का गर्मजोशी से स्वागत किया।

जिला भाजपा अध्यक्ष बितुपन रायडोंगिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंत्री को पारंपरिक गामोछा, आहोम अंगवस्त्र, सोराई, अभिनंदन पत्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।

इस दौरान आयोजित संवाद कार्यक्रम में मंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास, जनसमस्याओं तथा संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और शिवसागर को विकास के नए आयामों तक ले जाना है।

कार्यक्रम में असम गण परिषद की शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष घोनो गोगोई एवं जिला भाजपा महासचिव चन्दनजीत बुढ़ागोहांई, शिवसागर नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कुंवर, वरिष्ठ भाजपा नेता समीर गोगोई, डॉ. असमी गोगोई, दीपिका काकोटी सहित बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

जिला आयुक्त कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
इसके बाद जिला आयुक्त कार्यालय स्थित सुकाफा सभाकक्ष में अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करना था।

बैठक के प्रारंभ में जिला आयुक्त मृदुल यादव ने मंत्री का स्वागत करते हुए जिले में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
बैठक में नाजिरा विधायक मयूर बोरगोहांई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया, जिला विकास आयुक्त पवित्र कुमार दास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोइदुल इस्लाम, नाजिरा की सह-जिला आयुक्त प्रतिभा मेश्राम, डिमौ की सह-जिला आयुक्त लुकुमणि बोरा, शिवसागर वन प्रभाग (टेरिटोरियल) के मंडलीय वन अधिकारी चिरंजीव पी. जैन, अतिरिक्त जिला आयुक्त सोनतृष्णा घरफलिया, गौरीप्रिया देउरी, मीनाक्षी पर्मे एवं रणन्मय भारद्वाज, समाजसेवी बितुपन रायडोंगिया, लक्ष्यश्री चेतिया एवं घन गोगोई, शिवसागर नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कोंवर सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन को बताया ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
बैठक में मंत्री ने कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिवसागर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि आधारित गतिविधियों पर निर्भर है। ऐसे में किसानों, मछुआरों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और लाभार्थियों तक सभी सुविधाएं समय पर पहुंचें। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो आत्मनिर्भर समाज और मजबूत राज्य का निर्माण संभव होगा।

मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (CMAAA) के तहत चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि यह योजना युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के लाभार्थियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें, उनकी समस्याओं का समाधान करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी सहायता का उपयोग वास्तविक उत्पादन और रोजगार सृजन में हो।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा
मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाए तथा उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से समाज के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन पर विशेष जोर
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि शिवसागर में उद्योग, पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग कर निवेश आकर्षित किया जा सकता है तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से जिले में नए उद्योग स्थापित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने को कहा।

बाढ़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग तथा जिला प्रशासन से संभावित बाढ़ की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि शिवसागर जिले के लगभग 216 गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आने की आशंका वाले क्षेत्रों में आते हैं। ऐसे में प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, आवश्यक सामग्री के भंडारण तथा तटबंधों की निगरानी के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।

सड़क निर्माण और आधारभूत संरचना की गुणवत्ता पर जताई चिंता
लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं भवन) की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जो गंभीर विषय है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा दोषपूर्ण कार्यों की जांच करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग होना चाहिए और लोगों को टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।

स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली सेवाओं की भी समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, सिंचाई तथा असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े सभी विभाग समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करें ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ सुचारू रूप से मिल सके।

विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास को मिलेगी नई दिशा
बिमल बोरा ने कहा कि शिवसागर असम की ऐतिहासिक राजधानी और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। यहां के शिव दौल, रंगघर, तलोंताल घर, करंग घर और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें राज्य की पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ इन ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि जिले की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो सके।

हर सप्ताह होगी योजनाओं की समीक्षा
सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक मूल्यांकन और जमीनी स्तर पर निगरानी से योजनाओं की वास्तविक प्रगति का पता चलेगा तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी।

‘शिवसागर को विकास का मॉडल जिला बनाया जाएगा’
समीक्षा बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अभिभावक मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि शिवसागर इतिहास, संस्कृति, पर्यटन, कृषि और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता के सामूहिक प्रयास से इसे विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए और जिले की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाया जाए।





