अखिल असम सम्मिलित ब्राह्मण परिषद ने शिवसागर में 65 मेधावी विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह : नई शिक्षा नीति 2020 पर हुआ विस्तृत विमर्श : करियर निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेषज्ञों ने दिए मार्गदर्शन
हजार वर्षों से भारतीय समाज का आध्यात्मिक नेतृत्व करते आए हैं ब्राह्मण, भविष्य में भी निभाएंगे अग्रणी भूमिका : मनोज कुमार बोरठाकुर

शिवसागर, 3 जून : अखिल असम सम्मिलित ब्राह्मण परिषद (All Assam United Brahmin Council-AAUBC) की शिवसागर जिला समिति द्वारा रविवार को शहर के आमोलापट्टी स्थित हिंदू धर्मसभा नामघर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
जिसमें इस वर्ष 2026 में जिले के हाईस्कूल शिक्षांत (HSLC) एवं उच्चतर माध्यमिक (HS) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण 65 मेधावी छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह कार्यक्रम केवल प्रतिभा सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें नई शिक्षा नीति (NEP-2020), करियर निर्माण, सामाजिक नेतृत्व, सांस्कृतिक संरक्षण और युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, समाजसेवियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और ब्राह्मण समाज के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बोरठाकुर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रारंभ में परिषद की महिला शाखा द्वारा सामूहिक मंगलाचरण एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण का संचार हुआ।

कार्यक्रम का संचालन निमिषा शांडिल्य ने किया, जबकि जिला समिति के सचिव संजु बरुआ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
ब्राह्मण समाज ने सदैव समाज के कल्याण को प्राथमिकता दी : मनोज कुमार बोरठाकुर
समारोह को संबोधित करते हुए परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार बोरठाकुर ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने पिछले एक हजार वर्षों से अधिक समय तक भारतीय समाज का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी भी समाज में भेदभाव की भावना नहीं रखी। उन्होंने ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने सदैव व्यक्तिगत स्वार्थों का त्याग कर समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों को प्राथमिकता दी है। भविष्य में भी ब्राह्मण समाज समाजहित और राष्ट्रनिर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत में कई दशकों से ब्राह्मण समाज सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर विभिन्न प्रकार की चुनौतियों एवं उपेक्षाओं का सामना कर रहा है। ऐसे समय में ब्राह्मण समाज की संस्कृति, परंपराओं और वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सदौ असम संयुक्त ब्राह्मण परिषद जैसे संगठनों की आवश्यकता महसूस हुई।
नई शिक्षा नीति 2020 छात्रों के लिए अवसरों का नया द्वार : डॉ. रंजीत बरुआ
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में शामिल दिखौमुख कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रंजीत बरुआ ने नई शिक्षा नीति 2020 पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति वर्तमान समय की आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि बहुविषयक (Multidisciplinary), कौशल आधारित (Skill-based) और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के अनेक विकल्प प्रदान करती है।

डॉ. बरुआ ने विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी पाठ्यक्रम का चयन केवल सामाजिक दबाव या प्रचलित धारणा के आधार पर न करें, बल्कि अपनी रुचि, क्षमता और प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी की क्षमता अलग होती है। करियर का चयन अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार करने पर ही दीर्घकालिक सफलता प्राप्त की जा सकती है।
करियर निर्माण में आत्मविश्वास और स्पष्ट लक्ष्य जरूरी : डॉ. प्रतीम शर्मा
शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रतीम शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है, जहां केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, निरंतर अध्ययन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में तकनीकी ज्ञान और संचार कौशल भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं।
जीवन में अनुशासन और समर्पण सफलता की कुंजी : डॉ. अरुण चांगकाकोटी
सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी डॉ. अरुण चांगकाकोटी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी का महत्व समझाया।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि व्यक्ति समाज और राष्ट्र के लिए कितना योगदान देता है।
उपस्थित रहे अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में परिषद के केंद्रीय और जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी तथा विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार बोरठाकुर, शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बोरठाकुर, केंद्रीय समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद चंद्र गोस्वामी, उपाध्यक्ष डॉ. मणि पाठक, केंद्रीय महासचिव गोपाल पांडे, कोषाध्यक्ष अरविंद बरुआ, जोरहाट जिला प्रतिनिधि अमृत गोस्वामी, वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी रजनी चांगकाकोटी, शिवसागर सरकारी उच्चतर माध्यमिक बहुमुखी विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रमन शर्मा, दिखौमुख कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रंजीत बरुआ, शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रतीम शर्मा, डॉ. अरुण चांगकाकोटी, संयुक्त महिला परिषद की अध्यक्ष रूमा गोस्वामी, उद्यमी प्रणव शर्मा, मुकुल भट्टाचार्य, मुनु शर्मा, प्रांजल राजगुरु, अभय बरुआ, उमेश चांगकाकोटी, माखन बोरठाकुर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे।

मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान, अभिभावकों में भी उत्साह
समारोह में अपने परिवार सहित समग्र ब्राह्मण समाज को गौरवान्वित करने वाले सम्मानित किए गए सभी 65 विद्यार्थियों को परिषद की ओर से अंगवस्त्र, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

जिनमें 10वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों में अनुस्मृता बरुआ, अनुष्का भागवती, सुगंधा शर्मा, ध्वज खंडेलवाल, ईशान पारीक, आशुतोष काश्यप, जागृति काश्यप, सुप्रिया अध्यापक, नयन ज्योति शर्मा, अर्चिता भट्टाचार्य, आयुष भट्टाचार्य, सिद्धक्षा बोरपुजारी, आकांक्षा काश्यप, दीक्षा शर्मा, निहारिका शर्मा, अनुष्का शर्मा, प्रज्ञा प्रिया बोरठाकुर, समलय बरुआ एवं संकल्पिता बरुआ शामिल थे।

वहीं 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों पर सुदर्शना देवी, आयरिश भारद्वाज, प्रद्युत संबल शर्मा, गार्गी राजखोवा, नयन ज्योति शर्मा, ऋतुराज शर्मा, उज्जल बोरठाकुर, रश्मि पाठक, अभिज्ञान भट्टाचार्य, स्वाभिलाश बोरकटकी, अरिष्ठा बोरठाकुर, गायत्री शर्मा, आस्था निका गोस्वामी, आस्तंविता शर्मा, राजश्री भारद्वाज, धृतिमान बोरपुजारी, शेखर राज बोरदोलोई, निबीर रंजन भट्टाचार्य, प्रियाक्षी काश्यप, प्रज्ञान काश्यप एवं शिवाशीष भागवती शामिल थे।
इस अवसर पर अभिभावकों ने परिषद की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान कार्यक्रम छात्रों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं।
शिक्षा, संस्कार और सामाजिक नेतृत्व का संदेश
समारोह के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का भी आधार है। विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम ने जहां एक ओर मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान किया, वहीं दूसरी ओर नई शिक्षा नीति, करियर नियोजन और समाज के प्रति युवाओं की जिम्मेदारियों पर सार्थक संवाद का मंच भी प्रदान किया। इसके चलते यह आयोजन शिवसागर के शैक्षणिक एवं सामाजिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में चर्चा का विषय बना रहा।




