मेधा का सम्मान, भविष्य का अभिनंदन : शिवसागर में मेधावी विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न : श्री मारवाड़ी पंचायत जन दातव्य समिति ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 22 विद्यार्थियों का किया अभिनंदन
“टार्गेट तय कर मेहनत करेंगे तो सफलता निश्चित है” – अधिवक्ता विष्णु शर्मा

शिवसागर, 3 जून : शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री मारवाड़ी पंचायत जन दातव्य समिति शिवसागर के सौजन्य से मंगलवार सायं मिलन मंदिर प्रांगण में मारवाड़ी समाज के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली 22 विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

श्री मारवाड़ी पंचायत जन दातव्य समिति के अध्यक्ष पवन केजरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में मंच पर समाज के वरिष्ठ पंच आत्माराम अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शर्मा, समिति के सचिव संजय अग्रवाल तथा निवर्तमान अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन संयोजक यश्मी काबरा राठी ने किया। वहीं सह संयोजक सुमित कोठीवाल ने इस आयोजन की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाई।

शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी : वक्ता
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी युवा पीढ़ी की शिक्षा और संस्कारों पर निर्भर करती है। आज के सम्मानित विद्यार्थी केवल अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगी।

अध्यक्ष पवन केजरीवाल ने कहा कि समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभा और परिश्रम के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम है। श्री मारवाड़ी पंचायत जन दातव्य समिति शिवसागर द्वारा लगातार चौथे साल यह अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।

आत्माराम अग्रवाल ने अपने सारगर्भित संबोधन में परिवार और समाज को गौरवान्वित करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

बिनोद अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनके माता-पिता, शिक्षकों और समाज के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। समाज भविष्य में भी ऐसी प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।

अभिभावक अंशु शर्मा ने अपने बेटे ध्वज खंडेलवाल को उसकी शैक्षणिक जीवन की सफलता पर “थैंक यू बेटा” कहते हुए कहा कि आज उसकी इस उपलब्धि ने उन्हें समाज में गौरव दिलाया है।

विष्णु शर्मा का प्रेरणादायी संबोधन बना आकर्षण का केंद्र
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शर्मा का संबोधन विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए विशेष प्रेरणा का स्रोत बना।
उन्होंने कहा कि आज जो सम्मान विद्यार्थियों को प्राप्त हो रहा है, वह उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने अपनी पढ़ाई में जो समय, श्रम और समर्पण का निवेश किया था, आज उसका प्रतिफल आपके सामने है। सफलता कभी संयोग नहीं होती, बल्कि निरंतर प्रयास, स्पष्ट लक्ष्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे प्राप्त करने का संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।
विष्णु शर्मा ने कहा कि आज की उपलब्धि केवल शुरुआत है। वास्तविक चुनौती आगे की पढ़ाई, प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी सफलता को अहंकार नहीं बल्कि नई जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें।

उन्होंने प्रसिद्ध प्रेरणादायक कविता “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कविता केवल शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि जीवन का दर्शन है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार परिस्थितियां आपके अनुकूल नहीं होंगी, लेकिन जो व्यक्ति संघर्ष के समय भी प्रयास करना नहीं छोड़ता, वही अंततः सफलता के शिखर तक पहुंचता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल युग की चुनौतियों से सावधान रहने और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह में वर्ष 2026 की दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 22 विद्यार्थियों को फुलाम गामोछा, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति सम्मान प्रदान कर अभिनंदित किया गया।

दसवीं कक्षा के सम्मानित 11 मेधावी विद्यार्थियों में क्रमशः विवेकानंद केंद्रीय विद्यालय से 98.60% प्रतिशत अंकों के साथ इस साल समाज के टॉपर रहे संदीप सिकतिया एवं सीए कविता सिकतिया के पुत्र मौलिक सिकतिया सहित सान्वी अग्रवाल (96.80%), प्रज्ञान जाटिया (94.40%), हर्षिव सराफ (94.10%), ध्वज खंडेलवाल (92.60%), अरमान गोयल (92.20%), कपिश खंडेलिया (92%), दिया अग्रवाल (91.60%), लक्ष्य जिंदल (91.60%), हर्षिता केड़िया (91.40%) एवं चेतन गोयल (90.40%) शामिल हैं।

वहीं बारहवीं कक्षा के सम्मानित 11 विद्यार्थियों में क्रमशः इस साल डीपीएस नाजिरा से कॉमर्स स्ट्रीम में 95.20% प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर रहे विकास केजरीवाल एवं प्रीति केजरीवाल के पुत्र पृथ्वी अग्रवाल सहित पार्थ अग्रवाल (94.80%), मयूर पोद्दार (94.40%), रिद्धि सोनी (94%), अनुष्का चांडक (94%), जयंतिका जोगानी (93.67%), धैर्य अग्रवाल (92.60%), अकुंश अग्रवाल (92.60%), तुषार अग्रवाल (92%), पीयूष बाहेती (91.60%) एवं अच्युतम भोपाल (91.20%) शामिल हैं।

सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए समिति का आभार व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की रही उपस्थिति
समारोह में समाज के पंच दीपक खेमका एवं गोपाल कृष्ण चांडक सहित सीए सुशील अग्रवाल, पवन अग्रवाल (डीपी), विजय कुमार छावछरिया, संजय केडी अग्रवाल, सुनील छावछरिया, विजय कसेरा, संजय पारीक, विनीत अग्रवाल, मनीष गट्टाणी, करण खेमका, हरिप्रसाद अग्रवाला, नंदकिशोर झंवर, राजेश गट्टाणी, सौरभ अग्रवाल, मुकेश झुरिया, हर्ष धानुका, उमेश बलदुवा, सुमित कोठीवाल सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रतिभा सम्मान की परंपरा को मिला नया आयाम
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों ने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, व्यवसाय और समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।

यह समारोह केवल विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि शिक्षा, संस्कार, परिश्रम और सामाजिक एकता के मूल्यों को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायी आयोजन भी साबित हुआ। समाज के वरिष्ठजनों ने इसे युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल बताया।




