सोनारी में विधायक धर्मेश्वर कुंवर का ‘एक्शन मोड’ : सरकारी कार्यालयों में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप : कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर जताई कड़ी नाराजगी : मत्स्य एवं रेशम विभाग के कई कर्मचारी मिले गैरहाजिर : विभागीय मंत्रियों से शिकायत कर कार्रवाई की चेतावनी
पीडब्ल्यूडी कार्यालय का भी किया निरीक्षण, विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की ली विस्तृत समीक्षा

शिवसागर, 16 जून : सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति और आम जनता को समय पर सेवाएं नहीं मिलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सोनारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मेश्वर कुंवर मंगलवार को पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आए। विधायक ने चराईदेव जिला मुख्यालय सोनारी स्थित विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया तथा विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की।
विधायक के अचानक निरीक्षण अभियान से कई कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर, कार्यालयीन कार्यप्रणाली तथा आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की।

जनता की शिकायतों के बाद विधायक ने संभाला मोर्चा
पिछले कई महीनों से स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की जा रही थी कि कुछ सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे प्रमाण पत्र, विभागीय अनुमोदन, योजनाओं का लाभ तथा अन्य सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक धर्मेश्वर कुंवर ने बिना किसी पूर्व सूचना के विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि द्वारा इस प्रकार की निगरानी लंबे समय से अपेक्षित थी।
मत्स्य एवं रेशम विभाग कार्यालय में मिली अनियमितता
निरीक्षण के क्रम में विधायक ने सबसे पहले जिला मत्स्य विभाग कार्यालय तथा रेशम (सेरिकल्चर) विभाग कार्यालय का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई कर्मचारी निर्धारित कार्यालय समय में उपस्थित नहीं थे।
कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को समय पर और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यालय समय में अनुपस्थित रहना और कार्यों में लापरवाही बरतना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

“जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए” : धर्मेश्वर कुंवर
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक धर्मेश्वर कुंवर ने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और सरकारी कार्यालयों को भी उसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में आती है। यदि कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं रहेंगे तो आम लोगों का विश्वास प्रभावित होगा। सरकारी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी और अनुशासन के साथ निर्वहन करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई है, उनके संबंध में संबंधित विभागों के मंत्रियों और उच्च अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।
विभागीय मंत्रियों से करेंगे शिकायत
विधायक ने स्पष्ट संकेत दिया कि मामले को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मत्स्य एवं रेशम विभाग में पाई गई अनियमितताओं की जानकारी संबंधित विभागीय मंत्रियों तक पहुंचाई जाएगी ताकि जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्य संस्कृति में सुधार लाने के लिए जवाबदेही तय करना अत्यंत आवश्यक है।

पीडब्ल्यूडी कार्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा
औचक निरीक्षण अभियान के दौरान विधायक धर्मेश्वर कुंवर ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यकारी अभियंता कार्यालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विधायक ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्यों की गति, निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता नियंत्रण तथा परियोजनाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत विकास परियोजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण सड़कों, संपर्क मार्गों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

प्रशासनिक जवाबदेही को बताया विकास की कुंजी
निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक जवाबदेही, नियमित निगरानी और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हों और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
विधायक के इस औचक निरीक्षण अभियान का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। नागरिकों का मानना है कि ऐसे निरीक्षणों से सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में सुधार आएगा, कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा आम लोगों को समय पर सेवाएं प्राप्त होंगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी विधायक धर्मेश्वर कुंवर की इस पहल को सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आगे भी जारी रह सकते हैं औचक निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार विधायक धर्मेश्वर कुंवर आने वाले दिनों में भी सोनारी तथा चराईदेव जिले के अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों का इसी प्रकार औचक निरीक्षण कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है।
विधायक की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यालयों में लापरवाही और अनुशासनहीनता को अब गंभीरता से लिया जाएगा तथा जनता से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।




