‘योग से जोड़ें तन-मन-जीवन’ के संदेश के साथ गुवाहाटी में पारीक समाज का भव्य योग महोत्सव संपन्न : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर समाज की तीनों इकाइयों ने दिया स्वास्थ्य, संस्कार और एकता का संदेश
योगाचार्य निर्मल पुरोहित के मार्गदर्शन में सैकड़ों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

गुवाहाटी, 21 जून : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पारीक समाज गुवाहाटी द्वारा स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सामाजिक एकता को समर्पित एक भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया। पारीक सभा, पारीक महिला परिषद तथा पारीक युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम परशुराम सेवा सदन परिसर में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं तथा बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग के प्रति अपनी जागरूकता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

योग के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना एवं योग जागरूकता संदेश के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित एवं सकारात्मक दिशा देने वाला माध्यम बन चुका है। योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आध्यात्मिक रूप से जागृत बनाने का कार्य करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की वैश्विक भावना के अनुरूप कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।

योगाचार्य निर्मल पुरोहित ने कराया योग और प्राणायाम का अभ्यास
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण प्रख्यात योगाचार्य श्री निर्मल जी पुरोहित रहे। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, सूक्ष्म व्यायाम, ध्यान एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने ‘योग से जोड़ें तन-मन-जीवन’ तथा ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश देते हुए कहा कि योग मानव जीवन को संतुलित बनाने की सबसे सरल और प्रभावी पद्धति है।
उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव, अवसाद, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अनेक समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही योग मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच का विकास करता है।

समाज के पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पारीक समाज की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
पारीक सभा की ओर से अध्यक्ष दिनेश पारीक, सचिव अशोक जोशी, कोषाध्यक्ष नंद किशोर पारीक, उपाध्यक्ष शिवकुमार पारीक एवं मुकेश पारीक उपस्थित रहे।
वहीं पारीक महिला परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक, सचिव जया पारीक एवं कोषाध्यक्ष पूजा जोशी ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त पारीक युवक परिषद के अध्यक्ष दिनेश जोशी, सचिव परमेश्वर लाल पारीक तथा कोषाध्यक्ष प्रदीप पारीक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

एकता, भाईचारे और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाता है योग
कार्यक्रम के संयोजक पवन पारीक एवं संयोजिका ज्योति पुरोहित ने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज को जोड़ने वाली जीवनशैली भी है।
उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में योग लोगों को तनावमुक्त बनाकर परिवार और समाज के बीच सकारात्मक संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग से अनुशासन, आत्मसंयम, सहनशीलता तथा सामाजिक समरसता का विकास होता है।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
इस अवसर पर विधायक विजय गुप्ता, वरिष्ठ समाजसेवी भंवरलाल पुरोहित, भाजपा नेता मुकुट डेका, मुनमुन गोस्वामी तथा पार्षद शंकर चक्रवर्ती विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अतिथियों ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को योग का अमूल्य उपहार दिया है और आज विश्व के सैकड़ों देशों में लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

सफेद योग वेशभूषा में दिखी अनुशासन और एकता की अनूठी झलक
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब बड़ी संख्या में समाज बंधु, मातृशक्ति, युवा एवं बच्चे सफेद योग वेशभूषा में सपरिवार योग सत्र में शामिल हुए। सामूहिक रूप से किए गए योगाभ्यास ने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
सभी प्रतिभागियों ने एक साथ योग करते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ अर्थात् संपूर्ण विश्व एक परिवार है की भारतीय संस्कृति को साकार रूप में प्रस्तुत किया।
योग दिवस को बनाया प्रेरणादायी और यादगार
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुए इस योग महोत्सव ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती प्रदान की।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पारीक समाज के लिए एक प्रेरणादायी एवं यादगार आयोजन बन गया, जिसने स्वास्थ्य और संस्कारों से समृद्ध समाज निर्माण का सशक्त संदेश दिया।




