Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
https://nenews24x7.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifSIVASAGARटॉप न्यूज़देशधर्मशिवसागर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में 72 घंटे के अखंड ओंकार मंत्र जाप व महादेव शोभायात्रा का नेतृत्व किया : “सोमनाथ भारत के अटूट स्वाभिमान और सनातन आस्था की अमर गाथा है” – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

शिवसागर के ऐतिहासिक शिव दौल में हुआ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण : जिला आयुक्त मृदुल यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही

न्यूज डेस्क, 11 मई : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के समापन समारोह के दिन आयोजित भव्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 8 से 11 मई 2026 तक आयोजित इस चार दिवसीय राष्ट्र स्तरीय पर्व में प्रधानमंत्री 10 व 11 मई को दो दिन भागीदारी की।

यह पर्व 1026 ईस्वी में मुहम्मद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ तथा स्वतंत्र भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण व उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ

प्रधानमंत्री ने आज सुबह मंदिर पहुंचकर भगवान सोमनाथ के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने 72 घंटे के अखंड ओंकार मंत्र जाप में शामिल होकर भक्तों के साथ मंत्रोच्चारण किया। महा आरती एवं महाभिषेक में शामिल हुए तथा स्मारक डाक टिकट और सिक्के का विमोचन किया। शाम को महादेव-केंद्रित भव्य शोभायात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें हजारों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रधानमंत्री का ओजस्वी उद्बोधन 

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की चिरंतन सभ्यता, अटूट आस्था और अदम्य स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा आज जब मैं सोमनाथ की इस पावन धरा पर खड़ा हूं, तो एक हजार वर्ष पहले की वह घटना याद आती है। 1026 में जब घजनी आया था, तब आक्रमणकारियों ने सोचा होगा कि उन्होंने जीत हासिल कर ली। लेकिन आज एक हजार वर्ष बाद भी सोमनाथ का ध्वज फहरा रहा है। यह ध्वज केवल मंदिर का नहीं, बल्कि समूचे भारत का ध्वज है। यह हमारी सभ्यता की विजय का प्रतीक है।

मोदी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की बाजी लगाकर इस मंदिर की रक्षा की। उन्होंने सब कुछ कुर्बान कर दिया, लेकिन अपनी आस्था नहीं छोड़ी। सोमनाथ का इतिहास पराजय का नहीं, पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का इतिहास है। विदेशी आक्रमणकारी आज इतिहास की किताबों के कुछ पन्नों तक सीमित हो गए हैं, लेकिन सोमनाथ अरब सागर के किनारे आज भी अटल खड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद इस मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हाथों इसका उद्घाटन हुआ। आज हम उसकी 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह ‘विकास भी, विरासत भी’ का जीवंत उदाहरण है।

सोमनाथ हमें सिखाता है कि सृजन में समय लगता है, लेकिन वही टिकता है। दुनिया में जहां कहीं भी विभाजन की ताकतें सक्रिय हैं, वहां सोमनाथ की यह अटूट एकता का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। हमारी सनातन परंपरा, हमारी आस्था और हमारा स्वाभिमान कभी टूट नहीं सकता।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पूरे देश में ‘छाया स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है, जिसमें असम के शिवसागर शिव डोल और तेजपुर भैरव मंदिर जैसे प्राचीन शिवालय शामिल हैं। उन्होंने 72 घंटे के अखंड ओंकार मंत्र जाप और महादेव शोभायात्रा में शामिल भक्तों की भक्ति की सराहना की।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1026 में विदेशी आक्रमणकारी द्वारा सोमनाथ पर पहला हमला हुआ था। इसके बाद भी बार-बार आक्रमणों का सामना करते हुए बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम इस मंदिर ने जन-जन की अटूट भक्ति के बल पर पुनः-पुनः स्वरूप प्राप्त किया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने ध्वंसावशेष का निरीक्षण कर पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में मंदिर का उद्घाटन हुआ।

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on May 11, 2026, Prime Minister Narendra Modi during a visit to Somnath temple, in Veraval, Gir Somnath district, Gujarat. (@NarendraModi/Yt via PTI Photo)(PTI05_11_2026_000082B)

देशव्यापी उत्सव

इस पर्व को और अधिक सार्थक बनाने के लिए देश के विभिन्न प्रमुख और प्राचीन शिवालयों में ‘छाया स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया गया। असम के शिवसागर के ऐतिहासिक शिव दौल और तेजपुर के महाभैरव मंदिर सहित कई स्थानों पर सोमनाथ के मुख्य कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें स्थानीय भक्तों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।

शिवसागर के ऐतिहासिक शिव दौल में हुआ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

इस उपलक्ष्य में आज असम के शिवसागर शहर स्थित ऐतिहासिक शिव दौल प्रांगण में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्षीय अटूट आस्था’ का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, असम सरकार के संस्कृति परिक्रमा विभाग और शिवसागर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण (लाइव टेलिकास्ट) था।

कार्यक्रम में शिवसागर जिला आयुक्त मृदुल यादव,-अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देवी एवं रणनमय भारद्वाज,जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी जगदीश बुढ़ागोहांई, सहायक आयुक्त विदिशा सैकिया, सांस्कृतिक विकास अधिकारी नीलोत्पल राजकुमार सहित अन्य आमंत्रित वरिष्ठ एवं विशिष्ट अतिथि, जिला प्रशासन एवं विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं भक्तजन उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना का उत्सव है, बल्कि पूरे देश में सांस्कृतिक जागरण, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सनातन आस्था की अजेय शक्ति को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह आयोजन भारत की सभ्यतागत निरंतरता, पुनरुत्थान की शक्ति और भविष्य के संकल्प को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कार्यक्रम अटूट विश्वास का प्रतीक सिद्ध हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!