नागालैंड की पहाड़ियों से आए पानी ने डुबोया सोनारी : वार्ड संख्या 3, 6 और 9 में बाढ़ का कहर, सैकड़ों लोग जलमग्न क्षेत्रों में फंसे : टाउकाक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नगर का बड़ा हिस्सा प्रभावित, जनजीवन अस्त-व्यस्त

सोनारी, 18 जून : लगातार हो रही बारिश के बीच चराईदेव जिले के सोनारी नगर में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नागालैंड की पहाड़ियों में मंगलवार रात हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सोनारी नगर से होकर बहने वाली टाउकाक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसके चलते नगर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। देखते ही देखते नगर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया और सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

वार्ड 3, 6 और 9 सबसे अधिक प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर सोनारी नगर के वार्ड संख्या 3, 6 और 9 में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया, जिससे अनेक घर, दुकानें, आंगन और स्थानीय सड़कें जलमग्न हो गईं। कई परिवार घरों के भीतर ही फंस गए हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रातभर हुई बारिश के बाद सुबह अचानक पानी का स्तर बढ़ने लगा और कुछ ही घंटों में स्थिति गंभीर हो गई। कई परिवारों को अपने जरूरी सामान ऊंचे स्थानों पर रखने तक का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

नागालैंड में भारी बारिश बनी मुख्य वजह
स्थानीय नागरिकों के अनुसार नागालैंड के पाददेशीय और पहाड़ी क्षेत्रों में पूरी रात हुई भारी वर्षा के कारण टाउकाक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया। उफनती नदी का पानी नगर के निचले इलाकों में फैल गया और देखते ही देखते बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में पानी का दबाव अधिक होने से लोगों में दहशत का माहौल है।

सैकड़ों लोग प्रभावित, कई घरों में घुसा पानी
बाढ़ के कारण सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। कई घरों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया है। घरेलू सामान, खाद्यान्न, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कुछ परिवारों ने अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है।

सड़क संपर्क और आवागमन पर असर
जलभराव के कारण कई स्थानीय सड़कें प्रभावित हुई हैं। वार्ड संख्या 3, 6 और 9 को जोड़ने वाले कई मार्गों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पूरी तरह बंद हो गए हैं, जबकि लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

हर वर्ष बढ़ती है टाउकाक नदी की चुनौती
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार चराईदेव जिला बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। टाउकाक नदी सहित कई नदियां नागालैंड की पहाड़ियों से निकलने वाले तेज जलप्रवाह को लेकर आती हैं। भारी वर्षा के दौरान इन नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे सोनारी और आसपास के निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। नदी में गाद जमाव और जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था भी समस्या को और गंभीर बना देती है।

राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में पेयजल, खाद्य सामग्री और आवश्यक दवाइयों की समस्या उत्पन्न होने लगी है। लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी वर्षा जारी रहने की संभावना व्यक्त की है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
सोनारी नगर के वार्ड 3, 6 और 9 में बाढ़ के पानी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोगों के दैनिक कार्य, व्यापारिक गतिविधियां, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की आवाजाही और सामान्य परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और टाउकाक नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन से शीघ्र राहत और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।




