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शिवसागर के बेतबारी अंचल में तेंदुए का आतंक : दो महीने में 15 से अधिक मवेशियों का किया शिकार : आबादी वाले इलाके के जंगल में शावकों के साथ डेरा जमाए बैठा है तेंदुआ : वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

शिवसागर, 25 मई : शिवसागर शहर के समीपवर्ती बेतबारी अंचल के 2 नंबर कुंवरगांव में इन दिनों तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले लगभग दो महीनों से एक तेंदुआ लगातार गांव के आसपास घूमकर गाय, बकरी और अन्य पालतू पशुओं को अपना शिकार बना रहा है।

लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ गांव के समीप स्थित एक छोटे जंगलनुमा क्षेत्र में अपने शावकों के साथ आश्रय लिए हुए है। यह इलाका घनी आबादी वाले क्षेत्र के बेहद करीब होने के कारण ग्रामीणों में हर समय डर का माहौल बना रहता है। खासकर शाम ढलने के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक तेंदुआ 15 से अधिक गाय और बकरियों को मार चुका है, जबकि कई मवेशियों को घायल भी कर चुका है। लगातार पशुधन के नुकसान से ग्रामीणों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। कई परिवारों का मुख्य सहारा पशुपालन होने के कारण लोगों में भारी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि तेंदुआ देर रात गांव के आसपास दिखाई देता है और मौका मिलते ही पालतू पशुओं पर हमला कर देता है। कई बार ग्रामीणों ने तेंदुए की आवाज और उसकी गतिविधियां भी महसूस की हैं। ग्रामीणों को डर है कि यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में मानव जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।

घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि वन विभाग को इलाके में निगरानी बढ़ानी चाहिए ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा भयभीत हैं। खेतों में काम करने जाने वाले किसानों को भी हर समय सतर्क रहना पड़ रहा है। पशुपालक रातभर अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीछे जंगलों का कम होना और वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आना एक बड़ी वजह है। उन्होंने वन विभाग से इस दिशा में दीर्घकालिक समाधान निकालने की भी मांग की है। फिलहाल पूरे गांव में तेंदुए की दहशत बनी हुई है और लोग जिला प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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