बीकानेर में भी साकार होगा श्री परशुराम ज्ञानपीठ का सपना : विप्र फाउंडेशन को समाजोत्थान भवन के लिए मिली भूमि, वर्षों के प्रयासों को मिली ऐतिहासिक सफलता : राजस्थान सरकार द्वारा गांधी कॉलोनी क्षेत्र में आवंटित भूमि का बीकानेर विकास प्राधिकरण ने किया विधिवत सीमांकन, विफा को सौंपा आधिकारिक कब्जा
शिक्षा, संस्कार, सेवा, स्वावलंबन और सामाजिक चेतना का केंद्र बनेगा प्रस्तावित समाजोत्थान भवन : देशभर में नौ स्थायी सेवा केंद्र स्थापित करने की दिशा में विप्र फाउंडेशन की बड़ी उपलब्धि

न्यूज डेस्क, 10 जुलाई : विप्र समाज के संगठनात्मक इतिहास में 10 जुलाई 2026 का दिन एक गौरवपूर्ण एवं स्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। वर्षों के सतत प्रयास, सामूहिक संकल्प और समाजोत्थान की दूरदर्शी सोच को उस समय नई उड़ान मिली, जब राजस्थान सरकार द्वारा बीकानेर के गांधी कॉलोनी क्षेत्र में विप्र फाउंडेशन को समाजोत्थान भवन एवं श्री परशुराम ज्ञानपीठ की स्थापना के उद्देश्य से आवंटित भूमि का विधिवत सीमांकन कर संगठन को आधिकारिक रूप से सुपुर्द किया गया।
राजस्व एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा संबंधित भूमि की पैमाइश कर विप्र फाउंडेशन को कब्जा सौंपा गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से बीकानेर में शिक्षा, संस्कार, सामाजिक उत्थान और सेवा गतिविधियों को समर्पित एक स्थायी केंद्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे के निर्देशन में पूरी हुई भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया
बीकानेर विकास प्राधिकरण के उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे के निर्देशन में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मौके पर भूमि का विधिवत सीमांकन कराया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों को भूमि का आधिकारिक कब्जा सौंपा गया।
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूर्ण होने पर विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया। समाजहित में उनके सहयोग, सकारात्मक दृष्टिकोण और संवेदनशील कार्यशैली के लिए संगठन की ओर से आभार व्यक्त किया गया।

समाज के वर्षों पुराने स्वप्न को मिली नई दिशा : धनसुख सारस्वत
इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष धनसुख सारस्वत ने कहा कि समाजोत्थान भवन के लिए भूमि का आधिकारिक हस्तांतरण संपूर्ण विप्र समाज के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। यह केवल एक भूखंड की प्राप्ति नहीं है, बल्कि समाज द्वारा वर्षों से देखे गए एक बड़े स्वप्न के साकार होने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समाजोत्थान भवन आने वाले समय में शिक्षा, संस्कार, सेवा, सामाजिक समरसता, युवा मार्गदर्शन, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह भवन समाज को नई ऊर्जा, नई पहचान और मजबूत संगठनात्मक आधार प्रदान करेगा।

सुशील ओझा के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन को बताया प्रेरणास्रोत
विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने संस्था के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी विचार, संगठनात्मक नेतृत्व और समाजोत्थान के संकल्प के कारण ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो पाई है।
समाजोत्थान भवन की परिकल्पना से लेकर भूमि आवंटन और आधिकारिक हस्तांतरण तक की पूरी यात्रा में उनके सतत प्रयास, मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति ने संगठन को निरंतर प्रेरित किया। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में यह भवन शीघ्र ही तैयार होकर समाज की सेवा, संस्कार और शिक्षा का सशक्त केंद्र बनेगा।

भूमि आवंटन में सहयोग के लिए डॉ. बी.डी. कल्ला और जितेन्द्र भारद्वाज का जताया आभार
विप्र समाज के पदाधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने समाजोत्थान भवन हेतु भूमि आवंटन प्रक्रिया में सहयोग के लिए पूर्ववर्ती राज्य सरकार के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र भारद्वाज के योगदान का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देने में उनके प्रयासों की अहम भूमिका रही, जिसके परिणामस्वरूप आज बीकानेर में समाज के लिए स्थायी सेवा केंद्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

समाज को संगठित और सशक्त बनाने का केंद्र बनेगा भवन : भंवर पुरोहित
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित ने कहा कि विप्र फाउंडेशन सदैव समाज को संगठित, संस्कारित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से कार्य करता रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजोत्थान भवन के निर्माण से समाज को एक ऐसा स्थायी मंच मिलेगा, जहां से शिक्षा सहयोग, सेवा कार्य, सामाजिक जागरूकता, प्रतिभा प्रोत्साहन, युवा नेतृत्व विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न अभियान संचालित किए जा सकेंगे।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान सरकार, बीकानेर विकास प्राधिकरण, समाज के वरिष्ठजनों, सहयोगियों और सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

देश के नौ शहरों में समाजोत्थान के स्थायी केंद्र स्थापित करने की दिशा में विप्र फाउंडेशन अग्रसर
बीकानेर में भूमि प्राप्ति के साथ विप्र फाउंडेशन द्वारा देशभर में समाजोत्थान के स्थायी केंद्र विकसित करने के अभियान को और मजबूती मिली है।
कोलकाता, जयपुर, सूरत, उदयपुर, रायपुर, सागवाड़ा, परशुराम कुंड, सरदारशहर और अब बीकानेर सहित नौ प्रमुख स्थानों पर विप्र फाउंडेशन द्वारा भूमि अर्जित कर सेवा एवं संस्कार केंद्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
संगठन का उद्देश्य केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, संस्कार, नेतृत्व निर्माण, सामाजिक सशक्तीकरण और समाज सेवा के लिए स्थायी आधारभूत संरचना तैयार करना है।

विप्र समाज की एकजुटता और संगठन शक्ति का प्रतीक बनेगा श्री परशुराम ज्ञानपीठ
पदाधिकारियों ने कहा कि बीकानेर में बनने वाला श्री परशुराम ज्ञानपीठ केवल एक भवन नहीं होगा, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति, विचार और सेवा भावना का प्रतीक बनेगा।
यहां विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, वैचारिक संगोष्ठियों, प्रतिभा सम्मान समारोहों, युवा प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण गतिविधियों और जनसेवा कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
समाज के अनेक गणमान्यजन रहे उपस्थित
इस ऐतिहासिक अवसर पर विप्र फाउंडेशन के प्रदेश संगठन महामंत्री दीपक हर्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिव सारस्वत, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला आचार्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष केदार सारस्वत, प्रदेश सचिव नारायण पारीक, वीसीसीआई अध्यक्ष सीए सुधीश शर्मा, युवा प्रकोष्ठ प्रदेश संगठन महामंत्री दिनेश ओझा, युवा प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष पंकज पीपलवा, अरुण कल्ला, सरपंच रतिराम तावणिया, परमेश्वर सारस्वत, पंकज ओझा सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा समाजोत्थान भवन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजबंधुओं ने कहा कि बीकानेर में समाजोत्थान भवन का निर्माण विप्र समाज के संगठनात्मक इतिहास में नए अध्याय की शुरुआत करेगा। यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक चेतना का प्रेरणास्थल बनेगा।
सभी ने भगवान श्री परशुराम की कृपा, समाज के सहयोग और हजारों कार्यकर्ताओं के समर्पण को इस उपलब्धि का आधार बताते हुए समाजोत्थान भवन के शीघ्र निर्माण एवं समाजहित में इसके प्रभावी उपयोग का संकल्प दोहराया।




