शिवसागर के आमगुड़ी घाट में युवक की रहस्यमय मौत से सनसनी, अधिवक्ता पत्नी व ससुराल पक्ष पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप : परिवार का आरोप—मानसिक प्रताड़ना और कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान था साजिदुर रहमान : जयसागर पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज, निष्पक्ष जांच की मांग : पुलिस ने मृतक के दो मोबाइल फोन किए जब्त, कमरे से बीयर के कैन मिलने की जानकारी, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच से खुल सकती हैं मौत की कड़ियां
मां का दावा—संपत्ति नाम करने का बनाया जाता था दबाव, झूठे मुकदमे की धमकी और 15 लाख रुपये की कथित मांग से बढ़ा तनाव : बहन ने लगाया मारपीट का आरोप, घटना सीसीटीवी में कैद होने का दावा

शिवसागर, 4 सितंबर : जिले के आमगुड़ी घाट निवासी साजिदुर रहमान नामक युवक की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि वैवाहिक विवाद, कथित मानसिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग, आर्थिक दबाव और कानूनी कार्रवाई की धमकियों से साजिदुर लंबे समय से परेशान था और इसी तनाव के बीच उसने कथित तौर पर आत्मघाती कदम उठाया।
हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे, इसका खुलासा पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगा।

मां ने लगाए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
साजिदुर की मौत के बाद उसकी मां मेरी बेगम ने रोते-बिलखते हुए बहू और उसके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनकी बहू पेशे से अधिवक्ता है और शादी के बाद से ही साजिदुर कथित तौर पर वैवाहिक विवाद और मानसिक दबाव का सामना कर रहा था।
मां का आरोप है कि उनके बेटे पर संपत्ति पत्नी के नाम करने के लिए कथित रूप से दबाव बनाया जाता था। परिवार का दावा है कि ऐसा नहीं करने पर उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आती थी। परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और कथित दबाव के कारण साजिदुर लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
15 लाख रुपये की कथित मांग का भी आरोप
परिवार ने वैवाहिक विवाद के बीच 15 लाख रुपये की कथित मांग किए जाने का भी आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि साजिदुर को दोबारा अदालत में मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई थी और इसके साथ आर्थिक मांग का दबाव भी बनाया जा रहा था।
परिवार का दावा है कि कथित आर्थिक मांग, कानूनी कार्रवाई के डर और पारिवारिक विवाद के कारण साजिदुर की मानसिक परेशानी लगातार बढ़ती गई। परिजनों का आरोप है कि इन्हीं परिस्थितियों और कथित ब्लैकमेलिंग ने स्थिति को इतना गंभीर बना दिया कि आखिरकार उसने आत्महत्या जैसा चरम कदम उठा लिया।
इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बहन ने भी लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक की बहन शहनाज साबरी ने भी अपने भाई की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि साजिदुर को कथित तौर पर मानसिक रूप से इतना परेशान किया गया कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हो गया।
शहनाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग करते हुए कहा है कि उनके भाई की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा होना चाहिए और यदि जांच में किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
घर आकर मारपीट करने का आरोप, सीसीटीवी फुटेज का दावा
मामले में परिजनों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि पत्नी और उसके परिवार के कुछ सदस्य साजिदुर के घर आए थे और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी।
परिजनों के मुताबिक, इस कथित घटना से संबंधित दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। ऐसे में जांच के दौरान कथित सीसीटीवी फुटेज की प्रामाणिकता, समय, घटनाक्रम और उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान महत्वपूर्ण हो सकती है।
परिवार की ओर से किए गए इस दावे की भी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मां ने मांगा न्याय, दोष साबित होने पर कार्रवाई की मांग
बेटे की असामयिक मौत से सदमे में आई मेरी बेगम ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत के पीछे की परिस्थितियों और उससे पहले हुए घटनाक्रम को सामने लाया जाना चाहिए।
उनकी मांग है कि पुलिस परिवार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले साक्ष्यों के साथ ही सभी संबंधित पक्षों के बयानों और डिजिटल रिकॉर्ड की निष्पक्षता से जांच करे। यदि जांच में किसी की आपराधिक भूमिका या कानून के उल्लंघन के साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
जयसागर पुलिस चौकी में एफआईआर, दो मोबाइल फोन जब्त
घटना को लेकर साजिदुर रहमान के परिवार की ओर से जयसागर पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराए जाने की जानकारी दी गई है। मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने मृतक के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
मामले में मोबाइल फोन महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य साबित हो सकते हैं। फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, संदेश, चैट, तस्वीरें, वीडियो तथा अन्य डिजिटल सामग्री की जांच से युवक की मौत से पहले के घटनाक्रम और संबंधित लोगों के बीच हुए कथित संवाद के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
कमरे में बीयर के कैन मिलने की जानकारी
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, साजिदुर के कमरे के अंदर से बीयर के कैन भी मिले हैं। हालांकि, इनका उसकी मौत अथवा उससे पहले के घटनाक्रम से कोई संबंध है या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। जांच में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ इस पहलू की प्रासंगिकता भी स्पष्ट हो सकेगी।
डिजिटल साक्ष्य और वैवाहिक विवाद की कड़ियों पर टिकी जांच
अब इस मामले में पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मृतक के मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल सामग्री, परिवार की ओर से बताए गए कथित सीसीटीवी फुटेज, वैवाहिक विवाद से जुड़े तथ्यों, संबंधित पक्षों के बयानों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच हो सकती है।
यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस परिवार की ओर से लगाए गए संपत्ति हस्तांतरण के दबाव, 15 लाख रुपये की कथित मांग, कानूनी कार्रवाई की कथित धमकी तथा मारपीट से जुड़े आरोपों के समर्थन में उपलब्ध दस्तावेजी अथवा डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल करे।
जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
साजिदुर रहमान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके इस कथित कदम के पीछे वास्तविक कारण क्या थे, इसे लेकर फिलहाल कई सवाल अनुत्तरित हैं। परिवार ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप जरूर लगाए हैं, लेकिन ये इस स्तर पर आरोप और परिजनों के दावे हैं तथा इनकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ऐसे में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच, डिजिटल एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साजिदुर रहमान की रहस्यमय मौत के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की कोई कानूनी भूमिका बनती है।




