स्वास्थ्य सेवा में शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की निरंतर पहल, चार वर्षों से फिजियोथेरापी सेंटर बना जरूरतमंदों का सहारा : खेमका मातृ सेवा सदन में नियमित फिजियोथेरापी सुविधा : अगस्त में 81 लाभार्थियों ने उठाया सेवा का लाभ : 21 कार्य दिवसों तक चला केंद्र, 5 नए पंजीकरण और OPD के माध्यम से 76 लाभार्थियों को मिली सेवा
डॉ. पोली गोगोई के मार्गदर्शन में संचालित केंद्र; अध्यक्षा सारिका देवड़ा के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा और जागरूकता को मिल रही निरंतर गति

शिवसागर, 4 सितंबर : सामाजिक सरोकार और सेवा भावना को केंद्र में रखते हुए अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, असम प्रदेश के अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंद लोगों तक नियमित और व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की इसी प्रतिबद्धता के तहत समिति द्वारा शहर के टेंपल रोड स्थित जयदयाल खेमका मातृ सेवा सदन में पिछले चार वर्षों से स्थायी फिजियोथेरापी सेंटर का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।
एक-दिवसीय स्वास्थ्य शिविरों से आगे बढ़कर फिजियोथेरापी जैसी नियमित देखभाल की जरूरत वाली सेवा को स्थायी स्वरूप देना इस प्रकल्प की प्रमुख विशेषता है। समिति का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को निरंतर फिजियोथेरापी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
चार वर्षों से नियमित सेवा का सिलसिला
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने फिजियोथेरापी सेवा को किसी विशेष आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसे दीर्घकालिक सामाजिक स्वास्थ्य प्रकल्प के रूप में विकसित किया है। पिछले चार वर्षों से लगातार संचालित यह केंद्र अब समिति की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा पहलों में शामिल हो चुका है।
केंद्र में फिजियोथेरापी की आवश्यकता वाले लोगों को निर्धारित व्यवस्था के तहत नियमित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। समिति का मानना है कि किसी भी सामाजिक स्वास्थ्य प्रकल्प की सार्थकता केवल उसके शुभारंभ में नहीं, बल्कि उसकी निरंतरता और जरूरतमंदों तक नियमित रूप से पहुंचने में है।
इसी सोच के साथ संस्था के पदाधिकारी और प्रकल्प से जुड़ी सदस्याएं केंद्र के सुचारु संचालन के लिए लगातार समन्वय कर रही हैं।

डॉ. पोली गोगोई के मार्गदर्शन में संचालन
फिजियोथेरापी सेंटर का संचालन डॉ. पोली गोगोई के कुशल नेतृत्व एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में केंद्र आने वाले लाभार्थियों को नियमित रूप से फिजियोथेरापी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
समिति का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में केवल संसाधन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका व्यवस्थित और निरंतर संचालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी कारण केंद्र में सेवा की नियमितता बनाए रखने तथा लाभार्थियों तक सुव्यवस्थित तरीके से सुविधा पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अगस्त में 81 लाभार्थियों तक पहुंची सेवा
समिति की ओर से उपलब्ध कराए गए अगस्त 2026 के आंकड़े केंद्र की नियमित गतिविधियों को दर्शाते हैं। इस दौरान 5 नए लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जबकि 76 लाभार्थियों ने ओपीडी के माध्यम से फिजियोथेरापी सेवाओं का लाभ उठाया। इस प्रकार अगस्त माह में कुल 81 लाभार्थियों तक केंद्र की सेवाएं पहुंचीं।
अगस्त में केंद्र कुल 21 कार्य दिवसों तक संचालित रहा। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर औसतन प्रत्येक कार्य दिवस में करीब चार लाभार्थियों को सेवा मिली। समिति के अनुसार, ये आंकड़े केवल लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि नियमित सामाजिक स्वास्थ्य सेवा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।
एक-दिवसीय शिविर नहीं, स्थायी सेवा व्यवस्था पर जोर
सामाजिक संस्थाओं की ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है, लेकिन शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने फिजियोथेरापी जैसी नियमित सेवा को स्थायी प्रकल्प के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
समिति का मानना है कि जिन स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर देखभाल और नियमितता की आवश्यकता होती है, उनमें सामाजिक संस्थाएं भी उपयोगी सहयोगी भूमिका निभा सकती हैं। इसी उद्देश्य से खेमका मातृ सेवा सदन में फिजियोथेरापी सेंटर को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है।

सारिका देवड़ा के नेतृत्व में प्रकल्प को मिल रही गति
संस्था की अध्यक्षा सारिका देवड़ा, सचिव प्रीति केजरीवाल और कोषाध्यक्ष संगीता झुरिया के मार्गदर्शन में यह स्वास्थ्य सेवा प्रकल्प निरंतर आगे बढ़ रहा है। संस्था के नेतृत्व द्वारा केंद्र की नियमितता बनाए रखने के साथ स्वास्थ्य सेवा को संगठन की सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
समिति का प्रयास है कि संगठनात्मक गतिविधियों के साथ ऐसे समाजोपयोगी सेवा प्रकल्प भी निरंतर चलते रहें, जिनका प्रत्यक्ष लाभ जरूरतमंद लोगों को मिल सके। चार वर्षों से चल रहा फिजियोथेरापी सेंटर इसी सोच का उदाहरण है।
अनु शर्मा और रेखा बुखरेडिया संभाल रहीं प्रकल्प का समन्वय
फिजियोथेरापी प्रकल्प की चेयरपर्सन अनु शर्मा एवं रेखा बुखरेडिया केंद्र की गतिविधियों के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभा रही हैं। केंद्र की नियमित गतिविधियों को व्यवस्थित रखने तथा संस्था और सेवा प्रकल्प के बीच आवश्यक तालमेल स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
किसी स्थायी सेवा प्रकल्प को लगातार चार वर्षों तक संचालित करने के लिए नियमित निगरानी, व्यवस्थागत समन्वय और संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल आवश्यक होता है। समिति इसी सामूहिक प्रयास के माध्यम से केंद्र को आगे बढ़ा रही है।
स्वास्थ्य जागरूकता भी प्रकल्प का अहम उद्देश्य
समिति के अनुसार, फिजियोथेरापी सेंटर का उद्देश्य केवल उपचार संबंधी सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों को समय रहते अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संस्था चाहती है कि जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिले और आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर उनका लाभ उठा सकें। इसी सोच के तहत समिति स्वास्थ्य सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता को अपने सामाजिक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।
निरंतरता बनी प्रकल्प की सबसे बड़ी पहचान
चार वर्षों से चल रहे इस सेवा प्रकल्प की प्रमुख विशेषता इसकी निरंतरता है। अगस्त में 21 कार्य दिवसों तक केंद्र का संचालन और 81 लाभार्थियों तक सेवा पहुंचना इसी नियमित व्यवस्था को रेखांकित करता है।
समिति का मानना है कि सामाजिक सेवा का वास्तविक प्रभाव तब अधिक व्यापक होता है, जब समाज की आवश्यकता को समझते हुए उपयोगी और दीर्घकालिक प्रकल्प तैयार किए जाएं और उन्हें निरंतरता के साथ संचालित किया जाए। खेमका मातृ सेवा सदन का स्थायी फिजियोथेरापी सेंटर इसी सेवा भावना को धरातल पर उतारने वाली संस्था की महत्वपूर्ण पहलों में शामिल है।
संस्था की पदाधिकारी, प्रकल्प से जुड़ी सदस्याएं और चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्रदान करने वाली टीम आपसी समन्वय के साथ इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं। समिति का उद्देश्य भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखना है।
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने यह जानकारी दी।




