विप्र फाउंडेशन असम जोन-8 के गुवाहाटी चैप्टर महिला प्रकोष्ठ ने पर वरिष्ठ मातृशक्तियों का किया सम्मान : संकल्प दिवस की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए की प्रेरक पहल : राम प्यारी पारीक और त्रिवेणी पारीक का सम्मान, फुलाम गमछा एवं तुलसी का पौधा भेंट कर जताया आदर

गुवाहाटी, 30 अगस्त : विप्र फाउंडेशन असम जोन-8 के गुवाहाटी चैप्टर महिला प्रकोष्ठ की ओर से संकल्प दिवस की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए ‘मातृ सम्मान’ कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, आत्मीयता और सामाजिक सरोकार की भावना के साथ किया गया। इस अवसर पर संगठन की पदाधिकारियों ने वरिष्ठ मातृशक्तियों के आवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया तथा परिवार और समाज के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति आदर एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
राम प्यारी पारीक के आवास पर पहुंचीं महिला प्रकोष्ठ की टीम
मातृ सम्मान दिवस के तहत विप्र फाउंडेशन असम जोन-8 के गुवाहाटी चैप्टर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा विनीता शर्मा के नेतृत्व में सदस्याओं ने समाज की व्योज्येष्ठ महिला श्रीमती राम प्यारी पारीक के आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान मातृशक्ति के त्याग, समर्पण, संस्कार और परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। आत्मीय वातावरण में आयोजित इस सम्मान कार्यक्रम ने वरिष्ठजनों के प्रति आदर की भारतीय परंपरा को और मजबूत करने का संदेश दिया।

लोखरा में त्रिवेणी पारीक को फुलाम गमछा और तुलसी का पौधा भेंट
इसी क्रम में लोखरा निवासी श्रीमती त्रिवेणी पारीक का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। विप्र फाउंडेशन असम जोन-8 के गुवाहाटी चैप्टर महिला प्रकोष्ठ की संगठन मंत्री रजनी शर्मा ने उन्हें असम की सम्मान परंपरा के प्रतीक फुलाम गमछा के साथ तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। तुलसी का पौधा भेंट कर भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कार और प्रकृति के प्रति आस्था का सुंदर संदेश भी दिया गया।

पदाधिकारियों एवं सदस्यों का रहा भरपूर सहयोग
मातृ सम्मान दिवस के इस आयोजन को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष पिंकी शर्मा एवं रोमा शर्मा तथा संयोजिका पुष्पा पारीक एवं ऊषा पारीक का भरपूर सहयोग रहा। सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए संगठन के सामाजिक एवं संस्कारपरक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
मातृशक्ति के सम्मान के साथ सामाजिक संस्कारों को सहेजने का प्रयास
विप्र फाउंडेशन असम जोन-8 के गुवाहाटी चैप्टर महिला प्रकोष्ठ की यह पहल मातृशक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ समाज में पारिवारिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरक प्रयास रही। ‘संकल्प दिवस’ से ‘मातृ सम्मान दिवस’ तक की इस कड़ी के माध्यम से संगठन ने वरिष्ठ मातृशक्तियों के अनुभव, त्याग और संस्कारों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में सम्मान देने का संदेश दिया।




