पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में वरिष्ठ डॉक्टर गिरफ्तार : नगांव मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार सिन्हा पुलिस हिरासत में
मृतक के परिजनों से रिपोर्ट पक्ष में करने के नाम पर धन लेने का आरोप, बड़े नेटवर्क की जांच तेज

नगांव, 20 जून : असम के नगांव जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था और फॉरेंसिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार सिन्हा को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित रूप से फेरबदल करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे जिले में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

मृतक के परिजनों से धन मांगने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। आरोप है कि उस मृतक के माता-पिता से पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनके पक्ष में बदलने के नाम पर डॉ. सिन्हा ने बड़ी रकम की मांग की थी। बताया जा रहा है कि धन लेने की पूरी प्रक्रिया प्रशासन की गुप्त कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
जगीरोड से पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, जगीरोड पुलिस ने अभियान चलाकर डॉ. मनोज कुमार सिन्हा को जगीरोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नगांव पुलिस के हवाले कर दिया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर को जगीरोड में पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया और मामले की जांच जारी है।
डॉक्टर की लग्जरी कार भी जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी डॉक्टर द्वारा इस्तेमाल की जा रही चारपहिया लग्जरी गाड़ी भी जब्त की है। वाहन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत राशि या मामले से संबंधित कोई अन्य दस्तावेज अथवा साक्ष्य उससे जुड़ा है या नहीं।
नगांव पुलिस की हिरासत में पूछताछ जारी
डॉ. मनोज कुमार सिन्हा फिलहाल नगांव पुलिस की हिरासत में हैं और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से छेड़छाड़ का यह मामला अकेला है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रिश्वत कांड की जड़ें और गहरी हो सकती हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या नगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी इस कथित रिपोर्ट हेरफेर प्रक्रिया से जुड़े थे। आने वाले दिनों में मेडिकल कॉलेज के कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी भी आपराधिक या दुर्घटना से जुड़े मामले में बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक दस्तावेज होती है। ऐसी रिपोर्ट में कथित फेरबदल का आरोप न केवल चिकित्सा व्यवस्था बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से छेड़छाड़ के आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच बेहद आवश्यक है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में भी धन के बदले बदलाव का प्रयास किया जाता है, तो यह समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
जांच के बाद खुल सकते हैं कई और राज
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जब्त वाहन, गुप्त कैमरे की रिकॉर्डिंग, धन लेन-देन से जुड़े साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान जांच का अहम हिस्सा होंगे। माना जा रहा है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस मामले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
नगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष की गिरफ्तारी को असम में स्वास्थ्य व्यवस्था और फॉरेंसिक प्रक्रिया से जुड़े हालिया सबसे गंभीर मामलों में से एक माना जा रहा है।




