Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMDEMOWLocal NewsSIVASAGARSTATETOP NEWSटॉप न्यूज़राज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

डिमौ में चार पैरों वाले बत्तख के बच्चे ने बढ़ाई उत्सुकता : प्रकृति का दुर्लभ करिश्मा बना चर्चा का केंद्र : अनोखे जीव को देखने उमड़ रहे लोग : शिवसागर जिले के पालेंगी गांव में जन्मा चार पैरों वाला बत्तख का बच्चा बना आकर्षण का केंद्र

शिवसागर, 20 जून : शिवसागर जिले के डिमौ क्षेत्र स्थित पालेंगी गांव में प्रकृति का एक अत्यंत दुर्लभ और आश्चर्यजनक करिश्मा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां एक बत्तख का बच्चा सामान्य दो पैरों के बजाय चार पैरों के साथ जन्मा है। इस अनोखी घटना ने पूरे क्षेत्र में कौतूहल और उत्सुकता का माहौल पैदा कर दिया है। बत्तख के इस बच्चे को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार किसी बत्तख को चार पैरों के साथ देखा है। जैसे ही इस अनोखे जीव के जन्म की खबर इलाके में फैली, लोगों की भीड़ उसके दर्शन के लिए उमड़ने लगी। कई लोग इसे प्रकृति का दुर्लभ उपहार और चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे विज्ञान और जीवविज्ञान की दृष्टि से एक अत्यंत दुर्लभ घटना बता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और वीडियो

चार पैरों वाले इस बत्तख के बच्चे की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग इस दुर्लभ जीव की तस्वीरें साझा कर रहे हैं। इसके चलते यह घटना केवल डिमौ या शिवसागर तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस अनोखे जीव को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। गांव में इन दिनों यही चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

क्या है पॉलीमेलिया? वैज्ञानिकों ने बताया कारण

विशेषज्ञों के अनुसार किसी पशु या पक्षी का अतिरिक्त अंगों के साथ जन्म लेना एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात स्थिति होती है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में “पॉलीमेलिया” (Polymelia) कहा जाता है। इस स्थिति में किसी जीव के शरीर में सामान्य संख्या से अधिक पैर या अन्य अंग विकसित हो जाते हैं।

पशु चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पक्षियों में इस प्रकार की असामान्यता बहुत कम देखने को मिलती है। अधिकांश मामलों में अतिरिक्त पैर पूरी तरह विकसित नहीं होते और कई बार उनका उपयोग भी नहीं हो पाता। फिर भी यह जीववैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और अध्ययन योग्य स्थिति मानी जाती है।

दुनिया में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

वैज्ञानिक अभिलेखों के अनुसार दुनिया के विभिन्न देशों में समय-समय पर चार पैरों वाले पक्षियों के मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2007 में इंग्लैंड में “स्टम्पी” नामक एक बत्तख का बच्चा चार पैरों के साथ पैदा हुआ था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी। उस समय विशेषज्ञों ने इसे एक दुर्लभ आनुवंशिक परिवर्तन का परिणाम बताया था।

इसी प्रकार अमेरिका में भी चार पैरों वाले चूजों और अन्य पक्षियों के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि ऐसे उदाहरण अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं और सामान्य परिस्थितियों में लाखों जन्मों में कभी-कभार ही देखने को मिलते हैं।

आनुवंशिक गड़बड़ी हो सकती है वजह

वैज्ञानिकों का मानना है कि भ्रूण के विकास के दौरान होने वाली आनुवंशिक गड़बड़ी, कोशिकाओं के असामान्य विभाजन या जुड़वां भ्रूण के अधूरे विकास जैसी परिस्थितियां इस प्रकार की संरचनात्मक असामान्यताओं का कारण बन सकती हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी विशेष मामले के पीछे वास्तविक कारण का पता केवल विस्तृत पशु चिकित्सकीय जांच और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही लगाया जा सकता है। बिना परीक्षण के किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।

स्वास्थ्य पर रखनी होगी विशेष नजर

पशु विशेषज्ञों के अनुसार यदि अतिरिक्त पैर बत्तख के सामान्य चलने-फिरने, तैरने या भोजन ग्रहण करने में बाधा नहीं बन रहे हैं, तो वह सामान्य जीवन जी सकता है। हालांकि उसके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी आवश्यक होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अतिरिक्त अंगों के कारण भविष्य में किसी प्रकार की शारीरिक समस्या उत्पन्न न हो।

प्रकृति के रहस्यों की अनोखी मिसाल

डिमौ के पालेंगी गांव में जन्मा यह चार पैरों वाला बत्तख का बच्चा फिलहाल प्रकृति के एक दुर्लभ चमत्कार के रूप में लोगों की जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है, बल्कि जीवविज्ञान और पशु विज्ञान के अध्ययन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रकृति समय-समय पर ऐसे अनोखे उदाहरण प्रस्तुत करती रही है, जो मानव जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ-साथ वैज्ञानिक शोध के नए द्वार भी खोलते हैं। डिमौ का यह दुर्लभ बत्तख का बच्चा भी उन्हीं अद्भुत प्राकृतिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!