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हिमंत सरकार 2.0 : असम मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार : विभागों का हुआ बंटवारा, मुख्यमंत्री ने अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन पर लगाया दांव : 16 मंत्रियों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियां, शिक्षा से लेकर वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग तक नए समीकरण

न्यूज डेस्क, 8 जून : असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार और विभागों का अंतिम आवंटन कर दिया है।

5 जून को हुए बड़े मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब राज्य के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने के उद्देश्य से विभागों का बंटवारा किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों के आवंटन में अनुभव, प्रशासनिक क्षमता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।

इससे पहले 14 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा के साथ मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को शामिल किया गया था। इसके बाद 5 जून को 12 और विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जिसके साथ असम सरकार का मंत्रिमंडल लगभग पूर्ण आकार में पहुंच गया।

मुख्यमंत्री के पास सबसे महत्वपूर्ण विभाग

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने पास गृह एवं राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग), लोक निर्माण विभाग (सड़क), विद्युत विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क, मुद्रण एवं स्टेशनरी सहित वे सभी विभाग रखे हैं जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार के प्रमुख रणनीतिक और संवेदनशील विभाग मुख्यमंत्री के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रहेंगे।

स्वास्थ्य, वित्त और शिक्षा जैसे अहम विभाग अनुभवी मंत्रियों को

सरकार में वरिष्ठ मंत्री अशोक सिंघल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग सौंपे गए हैं। कोविड काल और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी उनके पास बरकरार रखी गई है।

जयंत मल्लबरुआ को वित्त, पर्यावरण एवं वन तथा खान एवं खनिज विभाग दिए गए हैं। राज्य की आर्थिक नीतियों और राजस्व वृद्धि की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।

वहीं डॉ. रनोज पेगू को विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय कार्य (मैदानी क्षेत्र) और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें पुनः महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उद्योग, कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस

बिमल बोरा को सांस्कृतिक कार्य, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम तथा एक्ट ईस्ट नीति मामलों का दायित्व सौंपा गया है। राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पीयूष हजारिका को कृषि, सिंचाई और संसदीय कार्य विभाग दिए गए हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले असम में यह विभाग सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कौशिक राय को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, आवास एवं शहरी कार्य तथा सहकारिता विभाग दिए गए हैं। तेजी से शहरीकरण की दिशा में बढ़ रहे असम के लिए ये विभाग महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सामाजिक, जनजातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर

अश्विनी राय सरकार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, मृदा संरक्षण और अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास विभाग सौंपे गए हैं।

विश्वजीत दैमारी को हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उद्योग, खेल एवं युवा कल्याण, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता तथा स्वदेशी एवं जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग दिए गए हैं।

कृष्णेंदु पॉल को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पहाड़ी क्षेत्र विकास और बराक घाटी विकास विभाग दिए गए हैं, जिससे बराक घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नीलिमा देवी को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा मत्स्य पालन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन, विज्ञान और जल संसाधन विभाग भी महत्वपूर्ण

केशव महंत को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन तथा सामान्य प्रशासन विभाग दिए गए हैं। बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित रहने वाले असम में यह विभाग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

नवनियुक्त मंत्री सुशांत बोरगोहांई को जल संसाधन और न्यायिक विभाग सौंपे गए हैं। राज्य में बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन से जुड़े बड़े प्रकल्पों की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।

पहले चरण में शामिल चार मंत्रियों को भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

14 मई 2026 को हुए पहले मंत्रिमंडल विस्तार में चार नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली को परिवर्तन एवं विकास, श्रम कल्याण तथा चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभाग दिए गए हैं। ऊपरी असम और चाय समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अतुल बोरा को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, असम समझौता क्रियान्वयन, सीमा संरक्षण एवं विकास तथा आबकारी विभाग सौंपे गए हैं। ग्रामीण विकास और असम समझौते से जुड़े मुद्दों पर सरकार की रणनीति में उनकी भूमिका अहम रहेगी।

चरण बोड़ो को परिवहन और बोडोलैंड कल्याण विभाग दिए गए है।

जबकि अजंता नेओग को महिला एवं बाल विकास तथा पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

विकास, निवेश और सुशासन पर सरकार का फोकस

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभागों के इस आवंटन से मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने प्रशासनिक अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कृषि, जल संसाधन, वित्त और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत नेतृत्व देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा गया है।

नई मंत्रिपरिषद के गठन के साथ अब सरकार की प्राथमिकता बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, बाढ़ प्रबंधन तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित रहने की संभावना है। आगामी वर्षों में यही टीम असम सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम करेगी।

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