नारी उन्नति नाजिरा के प्रयास से दो स्थानों पर विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर संपन्न : 800 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ : मुफ्त जांच, चश्मा वितरण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा प्रदान
रुद्रसागर और भोटियापार क्षेत्र में ग्रामीणों को मिली विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवा

शिवसागर, 11 जून : ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नारी उन्नति नाजिरा के तत्वावधान में तथा डिब्रूगढ़ स्थित रेणु आई केयर सेंटर के सहयोग से 10 जून को शिवसागर जिले के दो स्थानों पर विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस सामाजिक एवं जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से सैकड़ों लोगों को विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त हुआ।

दो प्रमुख स्थानों पर आयोजित हुए शिविर
शिविर का आयोजन रुद्रसागर मानकटा तीनआली स्थित पल्स क्लब तथा भोटियापार के बनगांव उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में किया गया। दोनों स्थानों पर सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की आंखों की विस्तृत जांच
शिविर में अनुभवी एवं विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की टीम ने लोगों की आंखों की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान विभिन्न नेत्र रोगों की पहचान कर मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही जरूरतमंद मरीजों के लिए आगे की उपचार प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए गए।

मुफ्त जांच के साथ चश्मा वितरण और मोतियाबिंद ऑपरेशन की व्यवस्था
शिविर के दौरान मरीजों को निःशुल्क नेत्र परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों के बीच मुफ्त चश्मों का वितरण किया गया। मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनके निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली।

800 से अधिक लोगों को मिला लाभ
आयोजकों के अनुसार दोनों शिविरों में कुल मिलाकर 800 से अधिक लोगों को विभिन्न प्रकार की नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग, महिलाएं तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लोगों ने इस स्वास्थ्य सेवा का भरपूर लाभ उठाया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर आंखों की जांच और उपचार से दृष्टि संबंधी कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। ऐसे स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशिष्ट अतिथियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे और आयोजन की सराहना की। प्रमुख रूप से रंगपुर जिला परिषद सदस्य मधुस्मिता स्वर्णकार चेतिया, बनाली बरुआ, सुरोज बरुआ, बनगांव उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रशांत दास, शिवसागर जिला साहित्य सभा के सचिव मनोज गोगोई, वरिष्ठ नाट्यकर्मी शशांक ज्योति कलिता, युवा समाजसेवी अभिनव दत्ता तथा महेंद्र दास उपस्थित रहे।
अतिथियों ने आयोजकों के इस सामाजिक एवं जनकल्याणकारी प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं और समाज के कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

अध्यक्ष अमीना बेगम ने जताई संतुष्टि
नारी उन्नति नाजिरा की अध्यक्ष अमीना बेगम ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य एवं जागरूकता संबंधी सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आंखें मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक लोग आर्थिक अभाव या जागरूकता की कमी के कारण समय पर उपचार नहीं करा पाते।
अमीना बेगम ने कहा, “आज दोनों शिविरों में लोगों की अभूतपूर्व भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज में ऐसी स्वास्थ्य सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है। नारी उन्नति नाजिरा भविष्य में भी स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी। हमारा प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद लोगों तक अधिक से अधिक सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।”

सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में सराहनीय पहल
नारी उन्नति नाजिरा एवं रेणु आई केयर सेंटर द्वारा आयोजित यह निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए आयोजकों एवं चिकित्सक दल के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को गांव-गांव तक सुनिश्चित करने की दिशा में यह शिविर एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।




