सोनारी के सफ्राई क्षेत्र में दर्दनाक हादसा : जर्जर बांस के पुल को पार करते समय नदी में बहकर लापता हुई महिला : 38 वर्षीय लक्ष्मी नायक की तलाश में दूसरे दिन भी जारी एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन : परिजनों और ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

सोनारी, 15 जून : चराईदेव जिले के सोनारी के सफ्राई क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक महिला उफनती नदी में बह जाने के बाद लापता हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और शोक का माहौल व्याप्त है। लापता महिला की तलाश में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस तथा ग्रामीणों की संयुक्त टीम लगातार खोज अभियान चला रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक महिला का कोई पता नहीं चल सका था।

चाय बागान से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना सफ्राई पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सफ्राई चाय बागान इलाके में हुई। लापता महिला की पहचान रंगापाथार गांव के हाथीपोता उपनगर निवासी 38 वर्षीय लक्ष्मी नायक के रूप में हुई है।
बताया गया है कि शनिवार शाम लगभग पांच बजे लक्ष्मी नायक चिंगल पथार स्थित एक निजी बागान से पत्तियां तोड़कर अपने घर लौट रही थीं। घर लौटने के दौरान उन्हें सिंगलो नदी के ऊपर बने एक पुराने और जर्जर बांस के पुल को पार करना था, जो लंबे समय से स्थानीय लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा बना हुआ है।
उफनती नदी और जर्जर पुल बना हादसे का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सिंगलो नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। नदी में तेज बहाव के साथ पानी खतरनाक स्तर पर बह रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही लक्ष्मी नायक ने बांस के पुल को पार करने का प्रयास किया, अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नदी की तेज धारा में जा गिरीं। घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का कोई अवसर नहीं मिला।
बचाने की कोशिश नाकाम
घटनास्थल के समीप मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने महिला को नदी में गिरते हुए देखा और तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया। हालांकि नदी की तेज धारा और बढ़े हुए जलस्तर के कारण वह महिला तक पहुंचने में सफल नहीं हो सका।
कुछ ही क्षणों में महिला नदी की धारा में बह गई और लोगों की आंखों के सामने ओझल हो गई। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।
देर रात तक चली खोजबीन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, सफ्राई पुलिस चौकी के कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शनिवार देर शाम तक स्थानीय स्तर पर व्यापक खोजबीन की गई, लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका।
इसके बाद प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ को सूचना दी गई और रविवार सुबह से विशेष खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

दूसरे दिन भी जारी एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन
रविवार सुबह से एनडीआरएफ की टीम सिंगलो नदी और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चला रही है। नदी के विभिन्न हिस्सों में नावों और विशेष उपकरणों की सहायता से खोजबीन की जा रही है।
स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से अभियान को और तेज किया गया है। बावजूद इसके, समाचार लिखे जाने तक महिला का कोई पता नहीं चल पाया था।
जर्जर पुलों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सफ्राई और आसपास के इलाकों में मौजूद जर्जर बांस पुलों तथा खराब संपर्क व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे अस्थायी और कमजोर पुल लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। कई बार प्रशासन को स्थायी पुल निर्माण की मांग से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सुरक्षित और स्थायी पुल का निर्माण किया गया होता तो संभवतः इस प्रकार की दुखद घटना टाली जा सकती थी।
प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने तथा जर्जर पुलों का उपयोग करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और ऐसी परिस्थितियों में जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है।
सुरक्षित वापसी की आस में परिजन
लक्ष्मी नायक के परिजन उनकी सुरक्षित बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। परिवार के सदस्यों की निगाहें लगातार राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।
पूरे क्षेत्र के लोग भी महिला की तलाश के लिए चल रहे अभियान की सफलता की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि महिला का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित संपर्क व्यवस्था और स्थायी पुल निर्माण की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।




