Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMFLOODJORHATLocal NewsNATURAL DISASTERSTATETeokराज्यलोकल न्यूज़

लगातार मूसलाधार बारिश से टियोक में बाढ़ जैसे हालात : 5 किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग जलमग्न : काकोजान समेत 7–8 गांव पानी में डूबे, घरों और दुकानों में घुसा पानी : फोरलेन निर्माण की जलनिकासी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

टियोक, 19 जुलाई : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जोरहाट जिले के टियोक क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। काकजान क्षेत्र में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 5 किलोमीटर लंबे हिस्से में करीब दो फुट तक पानी भर जाने से यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई, जबकि स्थानीय लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड जलमग्न

शनिवार रात से लगातार जारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ सर्विस रोड भी पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सड़क पर पानी भर जाने से छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है तथा कई स्थानों पर लंबा जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

काकोजान समेत 7–8 गांव बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित

बारिश के कारण काकोजान, द-गांव, कमारखाटोवाल सहित आसपास के लगभग 7 से 8 गांव जलमग्न हो गए हैं। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से वैकल्पिक रास्तों को बंद करना पड़ा। पानी तेजी से रिहायशी क्षेत्रों में फैलने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुसा पानी

जलभराव के कारण कई मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी पानी प्रवेश कर गया है। इससे घरेलू सामान, व्यापारिक सामग्री और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फोरलेन निर्माण की जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान समुचित जलनिकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई, जिसके कारण हर वर्ष मानसून के दौरान क्षेत्र में इसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

स्थायी समाधान और राहत कार्य की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों से पानी की शीघ्र निकासी, जलभराव वाले इलाकों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी और वैज्ञानिक जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग उठाई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हर मानसून में टियोक और आसपास के गांवों को इसी प्रकार बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा, जिससे जनजीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होती रहेंगी।

टियोक से बिजू टुनवाल की रिपोर्ट।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!