शराब तस्करी का नया तरीका बेनकाब—जिंदा मछलियों के नीचे छिपाकर नगालैंड भेजी जा रही थी भारी मात्रा में विदेशी शराब : आमगुड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई—जांजी–मोकोकचुंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन बोलेरो पिकअप जब्त : मछलियों की खेप के नीचे छिपाए गए थे शराब से भरे 283 कार्टन, चालकों समेत छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
मोरीगांव के बरंगाबाड़ी से लाई गई थीं मछलियां और शराब; AS02-EC-0393, AS02-DC-9892 और AS01-AC-2058 नंबर के वाहन पुलिस ने रोके

शिवसागर, 13 सितंबर : शराब की कथित अवैध ढुलाई के लिए तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बीच शिवसागर जिले की आमगुड़ी पुलिस ने रविवार तड़के एक ऐसी तरकीब का पर्दाफाश किया, जिसने पुलिस का भी ध्यान खींचा है। इस बार विदेशी शराब की खेप को सामान्य मालवाहक वाहन में खुले तौर पर ले जाने के बजाय जिंदा मछलियों की आड़ में छिपाकर नगालैंड पहुंचाने की कथित कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन बोलेरो पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली तो मछलियों की खेप के नीचे कथित तौर पर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब से भरे कार्टन बरामद हुए।

जांजी–मोकोकचुंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमगुड़ी पुलिस ने रविवार तड़के जांजी–मोकोकचुंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदिग्ध गतिविधि के आधार पर तीन बोलेरो पिकअप वाहनों को रोका। जब्त किए गए वाहनों के पंजीकरण नंबर AS02-EC-0393, AS02-DC-9892 और AS01-AC-2058 बताए गए हैं। बाहर से देखने पर तीनों वाहन जिंदा मछलियों की ढुलाई करने वाले सामान्य मालवाहक वाहन नजर आ रहे थे। हालांकि, पुलिस को संदेह होने पर वाहनों की बारीकी से तलाशी ली गई।

ऊपर जिंदा मछलियां, नीचे शराब से भरे कार्टन
शिवसागर एसएसपी पापोरी चेतिया एवं एएसपी क्राइम मोईदुल इस्लाम के निर्देशन में आमगुड़ी थाने की सब-इंस्पेक्टर पुबाली दुलिया के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में तलाशी के दौरान पुलिस के सामने कथित तस्करी का तरीका उजागर हुआ। बताया गया है कि वाहनों में जिंदा मछलियों की खेप लदी हुई थी, जबकि उसी खेप के नीचे बड़ी संख्या में विदेशी शराब से भरे 283 कार्टन छिपाकर रखे गए थे। कथित तौर पर पूरी व्यवस्था इस तरह की गई थी कि बाहर से देखने या सामान्य जांच में वाहन केवल मछलियों की ढुलाई करते हुए दिखाई दें और नीचे रखी शराब की खेप आसानी से नजर न आए।
पुलिस की संदेह के आधार पर की गई तलाशी ने इस कथित तरकीब को विफल कर दिया। तीनों वाहनों को रोककर जांच किए जाने के बाद शराब की खेप सामने आने की बात कही गई है।

मोरीगांव के बरंगाबाड़ी से नगालैंड की ओर जा रही थी खेप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वाहनों में लदी मछलियां और शराब मोरीगांव जिले के बरंगाबाड़ी से लाई गई थीं और खेप को नगालैंड की ओर ले जाया जा रहा था। हालांकि, शराब की अंतिम मंजिल कहां थी और नगालैंड में इसे किस व्यक्ति अथवा स्थान तक पहुंचाया जाना था, इसकी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांजी–मोकोकचुंग मार्ग पर आमगुड़ी पुलिस की सतर्कता के कारण तीनों वाहनों को कथित खेप के साथ रास्ते में ही रोक लिया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से उपलब्ध कराई गई थी, परिवहन की व्यवस्था किसने की थी और इसके पीछे किसी बड़े अथवा संगठित नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

तीन वाहन जब्त, चालकों समेत छह लोग हिरासत में
कार्रवाई के दौरान आमगुड़ी पुलिस ने तीनों बोलेरो पिकअप वाहनों को अपने कब्जे में लेने के साथ चालकों समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर पुलिस इस कथित आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

शराब के स्रोत से लेकर संभावित प्राप्तकर्ता तक जांच
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मोरीगांव के बरंगाबाड़ी से कथित शराब की खेप किस स्रोत से उठाई गई, इतनी बड़ी मात्रा में शराब किसने उपलब्ध कराई, तीनों वाहनों में इसे लोड करने की व्यवस्था किसने की और नगालैंड में इसका संभावित प्राप्तकर्ता कौन था।
पुलिस अब बरंगाबाड़ी से शुरू हुई बताई जा रही इस कथित आपूर्ति श्रृंखला की एक-एक कड़ी जोड़ने में जुटी है। परिवहन में शामिल लोगों के साथ शराब के स्रोत और अंतिम प्राप्तकर्ता की पहचान भी जांच के दायरे में है।

तस्करी की कथित तरकीब ने खींचा ध्यान
पूरे मामले में सबसे अधिक ध्यान शराब छिपाने के कथित तरीके ने खींचा है। जिंदा मछलियों की ढुलाई करने वाले वाहनों का इस्तेमाल करते हुए मछलियों की खेप के नीचे शराब के कार्टन रखे गए थे, ताकि सामान्य तौर पर वाहन पर संदेह न हो। हालांकि, आमगुड़ी पुलिस की सतर्कता और तलाशी के कारण यह तरीका सफल नहीं हो सका।

फिलहाल पुलिस की जांच केवल जब्त किए गए वाहनों और शराब की खेप तक सीमित नहीं है। मोरीगांव के बरंगाबाड़ी से नगालैंड तक फैली संभावित आपूर्ति श्रृंखला, शराब के स्रोत, परिवहन से जुड़े लोगों और संभावित प्राप्तकर्ता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की पूछताछ और पुलिस जांच के बाद ही कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।




