शिवसागर के NH-37 पर ‘फिल्मी अंदाज’ में कथित डकैती—पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने लूटा लाखों का ब्रॉयलर : जांजी में तड़के ब्रॉयलर लदे वाहन को रोकने का आरोप—चालक समेत तीन लोगों को जबरन अर्टिगा में बैठाया, मोबाइल छीने और आंखों पर बांधी काली पट्टी : कुछ ही घंटों में गौरीसागर पुलिस की कार्रवाई—शिवसागर के कयूम नगर से कथित रूप से लूटा गया ब्रॉयलर बरामद : सेवानिवृत्त शिक्षक के घर से बरामदगी के बाद पुत्र महांति डारिग की कथित भूमिका जांच के दायरे में—संदिग्ध फरार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
चालक का दावा—हथियारों से लैस थे बदमाश; तीनों को मोरान बाईपास में छोड़कर ब्रॉयलर लदा वाहन थाओरा चाय बागान के पास छोड़ा

शिवसागर, 14 सितंबर : शिवसागर जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (NH-37) पर तड़के कथित तौर पर फिल्मी अंदाज में हुई डकैती की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि पुलिस की वर्दी पहनकर आए कथित हथियारबंद बदमाशों ने ब्रॉयलर मुर्गियां लेकर जा रहे एक वाहन को जांजी इलाके में रोक लिया। इसके बाद चालक समेत वाहन में सवार तीन लोगों को जबरन अपने कब्जे में लेकर लाखों रुपये मूल्य की ब्रॉयलर मुर्गियां लूट ली गईं। हालांकि वारदात की जानकारी मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर गौरीसागर पुलिस ने जांच तेज करते हुए कथित रूप से लूटा गया ब्रॉयलर शिवसागर शहर के एक आवासीय परिसर से बरामद कर लिया। मामले से जुड़े संदिग्धों की तलाश जारी है।

गोलाघाट से ब्रॉयलर लेकर आ रहा था वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना गौरीसागर थाना क्षेत्र के जांजी इलाके की है। तड़के गोलाघाट जिले से AS05-C-7289 नंबर के डीआई वाहन में बड़ी मात्रा में ब्रॉयलर मुर्गियां लाई जा रही थीं। प्रारंभिक विवरण के मुताबिक वाहन में करीब 1,650 किलोग्राम ब्रॉयलर लदा हुआ था।
इसी दौरान जांजी इलाके में एक अर्टिगा कार में आए कुछ लोगों ने कथित तौर पर डीआई वाहन का रास्ता रोक लिया। चालक के अनुसार, अर्टिगा में सवार लोगों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और शुरुआत में खुद को पुलिसकर्मी के रूप में पेश किया।

चालक समेत तीन लोगों को जबरन अर्टिगा में बैठाने का आरोप
चालक का आरोप है कि डीआई वाहन रुकवाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने उसे और उसके साथ मौजूद दो अन्य व्यक्तियों को जबरन अर्टिगा कार में बैठा लिया। चालक ने यह भी दावा किया कि कथित बदमाश आग्नेयास्त्रों से लैस थे।
पीड़ित चालक के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने तीनों के मोबाइल फोन छीन लिए और उनकी आंखों पर काली पट्टी बांध दी। इसके बाद ब्रॉयलर लदे डीआई वाहन को भी कथित रूप से गिरोह के लोगों ने अपने कब्जे में लेकर वहां से हटा दिया।
मोरान बाईपास में छोड़े गए तीनों व्यक्ति
आरोप है कि डीआई वाहन को शिवसागर बाईपास क्षेत्र की ओर ले जाने के बाद उसमें लदा करीब 1,700 किलोग्राम ब्रॉयलर उतार लिया गया। इसके बाद चालक और उसके साथ मौजूद दोनों व्यक्तियों को आंखों पर पट्टी बंधी अवस्था में तड़के मोरान बाईपास इलाके में छोड़ दिया गया।
ब्रॉयलर उतारने के बाद डीआई वाहन को कथित तौर पर थाओरा चाय बागान के समीप छोड़कर आरोपी फरार हो गए। सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और चालक समेत तीनों लोगों को बरामद करने के साथ ब्रॉयलर ढोने वाले वाहन का भी पता लगा लिया।
पुलिस की वर्दी और हथियारों के दावे से मामला गंभीर
घटना की जानकारी सामने आते ही शिवसागर जिले में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कथित तौर पर पुलिस की वर्दी पहनकर वाहन रोकने, हथियारों के बल पर तीन लोगों को जबरन साथ ले जाने, मोबाइल फोन छीनने और लाखों रुपये की ब्रॉयलर मुर्गियां लूटने के आरोपों के कारण पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि यदि आरोपियों ने वास्तव में पुलिस की वर्दी और आग्नेयास्त्रों का इस्तेमाल किया था तो ये उनके पास कहां से आए और वारदात के लिए इस तरीके को क्यों अपनाया गया।

कुछ घंटों में कयूम नगर से ब्रॉयलर बरामद
इसी बीच गौरीसागर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए कुछ ही घंटों में कथित रूप से लूटे गए ब्रॉयलर का पता लगा लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान ब्रॉयलर मुर्गियां शिवसागर शहर के टैक्सी अली स्थित कयूम नगर निवासी एवं ऑफला मिसिंग प्राथमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक चंदेश्वर डारिग के आवासीय परिसर से बरामद की गईं।
कथित लूट का माल एक सेवानिवृत्त शिक्षक के आवासीय परिसर से मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि ब्रॉयलर वहां किसके जरिए और किन परिस्थितियों में पहुंचाया गया।

महांति डारिग की कथित भूमिका जांच के घेरे में
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उक्त परिसर से ब्रॉयलर की बरामदगी के बाद सेवानिवृत्त शिक्षक के पुत्र महांति डारिग की कथित भूमिका को लेकर संदेह जताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले उसकी भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
बताया जा रहा है कि महांति डारिग फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वारदात में कुछ अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब तक कथित गिरोह में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान नहीं कर पाई है और फरार संदिग्धों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए जांच और तलाशी अभियान जारी है।
फिलहाल कथित रूप से लूटे गए ब्रॉयलर की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। वास्तविक आर्थिक नुकसान का निर्धारण भी जांच पूरी होने के बाद ही होने की उम्मीद है।

अर्टिगा से लेकर वर्दी और हथियारों तक—कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस सनसनीखेज वारदात की जांच में अब कई महत्वपूर्ण सवाल पुलिस के सामने हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गिरोह में कुल कितने लोग शामिल थे, वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार किसकी थी, आरोपियों के पास कथित पुलिस वर्दी और हथियार कहां से आए, ब्रॉयलर लदे वाहन की आवाजाही की जानकारी आरोपियों को पहले से थी या नहीं तथा लूटे गए ब्रॉयलर को कयूम नगर स्थित आवासीय परिसर तक किस तरह पहुंचाया गया।
इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वारदात किसी पूर्व नियोजित गिरोह की साजिश थी या इसमें स्थानीय स्तर पर सक्रिय अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका रही। पुलिस की आगामी जांच और फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही इस कथित डकैती की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।




