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बीर लाचित बरफुकन कॉलेज ने पूरे किए गौरवशाली 45 वर्ष—स्थापना दिवस पर संस्कृति, साहित्य और युवा प्रतिभा का संगम : नवागत विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से छात्र-छात्राओं ने बांधा समां

असमिया विभागाध्यक्ष पिंकी लिकसन दास के कविता एल्बम ‘भूल नुबुजिबा नीलांजना’ का विमोचन, साहित्यिक उपलब्धि ने समारोह को बनाया खास

शिवसागर, 14 सितंबर : शिवसागर के बीर लाचित बरफुकन कॉलेज में 45वां स्थापना दिवस एवं नवागत स्वागत समारोह उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कॉलेज की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा के 45 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में शिक्षा के साथ संस्कृति और साहित्य का सुंदर संगम देखने को मिला। एक ओर नए विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत कर उन्हें कॉलेज परिवार से जोड़ा गया, वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और साहित्यिक विमोचन ने समारोह को विशेष एवं यादगार बना दिया।

45 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का उत्सव

स्थापना दिवस समारोह के दौरान कॉलेज की अब तक की 45 वर्षों की यात्रा और उसकी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली। कॉलेज परिवार ने संस्थान की उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान को याद करते हुए भविष्य में भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता रेखांकित की।

इस अवसर पर यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आया कि किसी शिक्षण संस्थान की भूमिका केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और प्रतिभा के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्थापना दिवस समारोह में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इसी सोच को प्रतिबिंबित किया।

नवागत विद्यार्थियों का स्वागत, परिसर में उत्सव का माहौल

45वें स्थापना दिवस के साथ कॉलेज में नवागत स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। कॉलेज में अपनी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू करने वाले विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस आयोजन के माध्यम से नवागत छात्र-छात्राओं को कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और संस्थान की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का अवसर मिला।

नए विद्यार्थियों की मौजूदगी और वरिष्ठ विद्यार्थियों की सहभागिता से पूरे कॉलेज परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। नवागत स्वागत समारोह ने नए छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज जीवन की शुरुआत को यादगार बनाने के साथ उनमें संस्थान के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से छात्र-छात्राओं ने बिखेरे प्रतिभा के रंग

समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ कला और संस्कृति को भी पर्याप्त महत्व दिया जाता है।

स्थापना दिवस और नवागत स्वागत समारोह के एक साथ आयोजन ने पुराने और नए विद्यार्थियों के बीच संवाद, सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

‘भूल नुबुजिबा नीलांजना’ कविता एल्बम का विमोचन बना विशेष आकर्षण

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण साहित्य से जुड़ा विशेष विमोचन कार्यक्रम रहा। इस अवसर पर कॉलेज के असमिया विभाग की विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापिका पिंकी लिकसन दास के ‘भूल नुबुजिबा नीलांजना’ शीर्षक कविता एल्बम का विमोचन किया गया। कॉलेज के 45वें स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर हुए इस साहित्यिक विमोचन ने पूरे कार्यक्रम को एक अलग पहचान प्रदान की।

प्राध्यापिका पिंकी लिकसन दास अध्यापन के साथ लंबे समय से असमिया साहित्य साधना से जुड़ी हुई हैं। उनकी कई काव्य पुस्तकें पहले ही प्रकाशित हो चुकी हैं और पाठकों के बीच सराहना हासिल कर चुकी हैं। कविता और साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता ने उन्हें शिक्षण के साथ-साथ रचनात्मक साहित्य से भी मजबूती से जोड़े रखा है।

शिक्षा, संस्कृति और साहित्य का दिखा सुंदर समन्वय

स्थापना दिवस पर ‘भूल नुबुजिबा नीलांजना’ कविता एल्बम का विमोचन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इसने समारोह में शिक्षा, संस्कृति और साहित्य—तीनों को एक मंच पर जोड़ दिया। एक ओर नए विद्यार्थियों का स्वागत कर उन्हें कॉलेज परिवार का हिस्सा बनाया गया, तो दूसरी ओर एक प्राध्यापिका की साहित्यिक रचना को मंच प्रदान कर सृजनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।

इस प्रकार बीर लाचित बरफुकन कॉलेज का 45वां स्थापना दिवस एवं नवागत स्वागत समारोह महज एक औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। नवागत विद्यार्थियों के स्वागत, छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतिभा और साहित्यिक सृजनशीलता के संगम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। 45 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा का उत्सव मनाते हुए कॉलेज ने नई पीढ़ी के स्वागत के साथ अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।

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