स्वतंत्रता सेनानी स्व. वेंकटेश पारीक की 31वीं पुण्यतिथि : लक्ष्मणगढ़ को तहसील बनाने वाले योगदान को किया याद
पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच ने पंचायत समिति परिसर में आयोजित की श्रद्धांजलि सभा : नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

लक्ष्मणगढ़, 17 मई : राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ के स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय वेंकटेश पारीक की 31वीं पुण्यतिथि शनिवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ मनाई गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के तत्वावधान में पंचायत समिति परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश जोशी ने कहा कि स्व. वेंकटेश पारीक जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि थे। उन्होंने पत्रकारिता को समाज जागरण का माध्यम बनाया और जनहित के मुद्दों को सशक्त ढंग से उठाया। लक्ष्मणगढ़ को तहसील का दर्जा दिलाने में उनके ऐतिहासिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
दिनेश जोशी ने मांग की कि स्व. वेंकटेश पारीक एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. पंडित रामाकिशन जयशंकर की प्रतिमाएं नगर में स्थापित की जाएं, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।
विचार मंच के संयोजक एवं पूर्व पार्षद सज्जन पारीक ने कहा कि स्व. पारीक का पूरा जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने हमेशा समाजहित और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
पूर्व पालिकाध्यक्ष महावीर प्रसाद सैनी ने स्व. पारीक के लक्ष्मणगढ़ की पहचान और विकास के लिए किए गए अथक प्रयासों को याद किया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष हरी प्रसाद पुजारी ने उनके जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने सत्य, नैतिकता और जनहित के मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता दी।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर भाजपा शहर मंडल महामंत्री कमल सुरोलिया, अशोक पारीक, विष्णु पारीक, रमेश फदनपुरिया, अनुप खुड़ीवाला, राजकुमार पारीक, नरोत्तम पारीक, राजू पारीक, सुमन पारीक, कैलाश सैन, प्रदीप पारीक सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्व. वेंकटेश पारीक का योगदान
स्व. वेंकटेश पारीक ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई थी। स्वाधीनता के बाद वे वरिष्ठ पत्रकार के रूप में जाने गए और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर संघर्षरत रहे। विशेष रूप से लक्ष्मणगढ़ को तहसील का दर्जा दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके कारण आज भी स्थानीय लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों को जीवित रखना युवा पीढ़ी के लिए आवश्यक है।
यह श्रद्धांजलि सभा स्व. वेंकटेश पारीक के आदर्शों — राष्ट्रभक्ति, जनसेवा और सत्यनिष्ठा — को याद दिलाने वाली रही। लक्ष्मणगढ़ नगरवासी उनके अमूल्य योगदान को सदैव स्मरण रखेंगे।




