अखिल गोगोई की सुरक्षा बढ़ाई गई : असम सरकार का बड़ा फैसला, सुरक्षा घेरे में जोड़े गए 11 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी : चौबीसों घंटे निगरानी, एस्कॉर्ट वाहन और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था होगी तैनात

न्यूज डेस्क, 12 जून : असम की राजनीति के प्रमुख और मुखर चेहरों में शामिल रायजोर दल के अध्यक्ष एवं शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अखिल गोगोई की सुरक्षा व्यवस्था को राज्य सरकार ने और अधिक मजबूत कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई समीक्षा के बाद सरकार ने उनकी सुरक्षा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत विधायक की व्यक्तिगत सुरक्षा, सार्वजनिक कार्यक्रमों, यात्रा और जनसंपर्क गतिविधियों के दौरान विशेष सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा घेरे में शामिल किए गए 11 अतिरिक्त कर्मी
सरकारी सूत्रों के अनुसार अखिल गोगोई की सुरक्षा में 11 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को शामिल किया गया है। इनमें प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी शामिल हैं, जो उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों और विभिन्न जिलों की यात्राओं के दौरान भी तैनात रहेंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर पुनर्मूल्यांकन किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
अब चौबीसों घंटे रहेगी निगरानी
नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद विधायक अखिल गोगोई की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। उनके निवास, कार्यालय और सार्वजनिक कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा का स्तर पहले की तुलना में अधिक मजबूत किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि विधायक की आवाजाही और सार्वजनिक सहभागिता के दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।
एस्कॉर्ट वाहन भी रहेगा साथ
सुरक्षा बढ़ोतरी के हिस्से के रूप में अब अखिल गोगोई के काफिले के साथ एक एस्कॉर्ट वाहन भी तैनात रहेगा। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा समन्वय, मार्ग प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब विधायक विभिन्न जिलों में जनसभाओं, आंदोलनों या राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय
सूत्रों के अनुसार अखिल गोगोई की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा उच्च स्तर पर की गई थी। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट, वर्तमान परिस्थितियों और उनकी राजनीतिक सक्रियता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि राज्य के महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों और संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा का नियमित अंतराल पर मूल्यांकन किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा स्तर में संशोधन किया जाता है।
हथियार तस्करी गिरोह की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी चर्चा
हाल ही में शिवसागर पुलिस ने एक अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चर्चाएं तेज हो गई थीं।
हालांकि शिवसागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौइदुल इस्लाम ने स्पष्ट किया है कि हथियार तस्करी गिरोह की गिरफ्तारी और विधायक अखिल गोगोई की सुरक्षा बढ़ाने के बीच फिलहाल कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के पास अभी तक विधायक के जीवन पर किसी विशेष खतरे से जुड़ी कोई ठोस सूचना उपलब्ध नहीं है।
असम राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं अखिल गोगोई
अखिल गोगोई असम की राजनीति में एक प्रभावशाली और जनआंदोलनों से जुड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं। किसान, भूमि, नागरिक अधिकार, भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों तथा विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर वे लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
रायजोर दल के गठन के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क कार्यक्रमों में लगातार वृद्धि हुई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनकी नियमित यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
अखिल गोगोई की सुरक्षा बढ़ाए जाने के फैसले को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा इसी प्रक्रिया का हिस्सा होती है।
फिलहाल नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद विधायक अखिल गोगोई की सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो गई है और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।




