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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक्शन मोड में जिला प्रशासन : शिवसागर जिला आयुक्त मृदुल यादव ने सिविल अस्पताल और लिगिरीपुखुरी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

मरीजों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी हकीकत : स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर दिए सख्त निर्देश

शिवसागर, 27 जून : शिवसागर जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता और तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला आयुक्त मृदुल यादव ने शुक्रवार को जिले के दो प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों—जयसागर स्थित शिवसागर सिविल अस्पताल तथा लिगिरीपुखुरी महकुमा सिविल अस्पताल—का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था का व्यापक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पतालों की कार्यप्रणाली का सूक्ष्म मूल्यांकन करने के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

शिवसागर सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण

जिला आयुक्त ने सबसे पहले जयसागर स्थित शिवसागर सिविल अस्पताल पहुंचकर अस्पताल के विभिन्न विभागों, वार्डों तथा प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, विभिन्न चिकित्सा एवं रोग निदान उपकरणों की उपलब्धता, अस्पताल परिसर की स्वच्छता, वार्डों की साफ-सफाई तथा आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में उपलब्ध विद्युत व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। विशेष रूप से पंखों, लाइटों तथा अन्य आवश्यक विद्युत उपकरणों की कार्यशील स्थिति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध रहें।

स्वच्छ, सुरक्षित और मरीज हितैषी वातावरण पर विशेष जोर

निरीक्षण उपरांत जिला आयुक्त ने अतिरिक्त जिला आयुक्त (स्वास्थ्य) तथा अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल उपचार का स्थान नहीं, बल्कि मरीजों के विश्वास का भी केंद्र होता है। इसलिए साफ-सफाई, नियमित रखरखाव तथा सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर परिस्थिति में सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने अस्पताल में विद्युत सुविधाओं के उन्नयन, खराब पंखों एवं लाइटों की शीघ्र मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मरीजों से सीधे संवाद कर जानी स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति

निरीक्षण के दौरान जिला आयुक्त विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से भी मिले। उन्होंने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के व्यवहार, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला आयुक्त (स्वास्थ्य) रणनमय भारद्वाज, शिवसागर सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. साधन बोरा सहित अस्पताल के चिकित्सक, विभागीय अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

लिगिरीपुखुरी अस्पताल के निर्माणाधीन भवन का भी किया निरीक्षण

शिवसागर सिविल अस्पताल के निरीक्षण के बाद जिला आयुक्त मृदुल यादव ने नाजिरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मयूर बोरगोहांई की उपस्थिति में लिगिरीपुखुरी महकुमा सिविल अस्पताल का भी दौरा किया। यहां उन्होंने निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन का विस्तृत निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति, तकनीकी मानकों तथा निर्धारित समयसीमा की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पताल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला आयुक्त ने निर्देश दिया कि अस्पताल भवन का प्रत्येक कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए तथा निर्माण कार्य को तेज गति से पूर्ण कर भवन को शीघ्र जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं उपमंडलीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मजबूत स्वास्थ्य अधोसंरचना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार लाने के लिए प्रशासन की सतत पहल

हाल के महीनों में शिवसागर जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, स्वच्छता व्यवस्था में सुधार तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण एवं समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहा है। जिला आयुक्त का यह संयुक्त निरीक्षण भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आम नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि अस्पतालों का नियमित निरीक्षण, मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद तथा निर्माणाधीन स्वास्थ्य परियोजनाओं की सतत निगरानी से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा।

निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

शिवसागर सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला आयुक्त (स्वास्थ्य) रणनमय भारद्वाज, अस्पताल अधीक्षक डॉ. साधन बोरा, विभिन्न विभागों के चिकित्सक, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

वहीं लिगिरीपुखुरी महकुमा सिविल अस्पताल के निरीक्षण के समय नाजिरा के विधायक मयूर बोरगोहांई, अतिरिक्त जिला आयुक्त (स्वास्थ्य) रणनमय भारद्वाज, सहायक आयुक्त अरुणाभ सोनोवाल, प्रभारी संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरुंधति बोरा हजारिका, नाजिरा नगर पालिका की अध्यक्षा वर्णाली चेतिया सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में स्पष्ट संदेश

जिला आयुक्त मृदुल यादव के इस व्यापक निरीक्षण ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शिवसागर जिला प्रशासन अब केवल अस्पतालों की आधारभूत संरचना के विस्तार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि मरीजों को स्वच्छ, पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी गंभीरता से कार्य कर रहा है। नियमित निरीक्षण, निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी तथा मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद जैसी पहलें आने वाले समय में जिले की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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