मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा ने हजारों राहगीरों को वितरित किया खिचड़ी प्रसाद : पुरुषोत्तम मास में सेवा और सद्भाव का अनुपम उदाहरण : अध्यक्ष सरिता सरावगी ने सेवा को बताया सनातन संस्कृति की पहचान
लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर के समक्ष आयोजित सेवा कार्यक्रम को मिला जनसमर्थन

होजाई, 14 जून : अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा द्वारा सेवा, श्रद्धा एवं जनकल्याण की भावना को साकार करते हुए एक विशाल खिचड़ी प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर के सामने आयोजित इस धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों एवं आम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की।

भारतीय संस्कृति में पुरुषोत्तम मास को दान, धर्म, सेवा और पुण्य अर्जन का विशेष माह माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए महिला शाखा की सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस सेवा अभियान का आयोजन किया। सुबह से ही मंदिर परिसर के समीप प्रसाद वितरण का कार्य प्रारंभ हुआ, जो देर तक निरंतर चलता रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजकों के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
समाजसेवा के माध्यम से दिया मानवता का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करना भी था। महिला शाखा की सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक स्वयं प्रसाद वितरण कर सामाजिक एकता, परोपकार एवं सेवा भावना का परिचय दिया।
अध्यक्ष सरिता सरावगी ने सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा की अध्यक्ष सरिता सरावगी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का ही नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार का भी महीना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों, राहगीरों एवं आमजन की सेवा करना भारतीय संस्कृति की सबसे सुंदर परंपराओं में से एक है। ऐसे सेवा कार्य समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सहयोग के लिए जताया आभार
महिला शाखा ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सदस्यों, सहयोगकर्ताओं एवं प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। शाखा पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था सदैव सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है और आगे भी समाजहित में सेवा कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा।
सदस्यों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में अध्यक्ष सरिता सरावगी के नेतृत्व में ईशु भीमसरिया, बिमला पंसारी, सुनीता भीमसरिया, सपना मोर, रीना भीमसरिया, मधु भीमसरिया, रितु सरावगी, पिंकी पंसारी, संगीता भीमसरिया, नीतू मोर, पिंकी सरावगी, कविता सरावगी, अनिता बजाज, बबीता शर्मा, रेखा मोर, संतोष शर्मा, रंजना पंसारी, दीपिका भीमसरिया, ध्रुव भीमसरिया, पलक भीमसरिया, दीपा सिंघानिया, मीनू सिंघानिया सहित अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोगों ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महिला शाखा की इस सेवा पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा जरूरतमंदों और राहगीरों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देते हैं। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित यह सेवा कार्यक्रम सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।




