पुरुषोत्तम मास में सेवा, संवेदना और संस्कार का प्रेरक संगम : मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप महिला प्रकोष्ठ ने आनंद मार्ग आश्रम के बच्चों के बीच बांटी खुशियां : “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के संदेश के साथ मानवता का दिया प्रेरक उदाहरण
आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान

गुवाहाटी, 14 जून : पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन, कामरूप शाखा (महिला प्रकोष्ठ) द्वारा रविवार को ओदालबकरा स्थित आनंद मार्ग आश्रम (बाल आश्रम) में एक विशेष आवश्यक वस्तु वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हयात हॉस्पिटल के समीप स्थित इस आश्रम में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद एवं आश्रित बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना तथा उनके जीवन में खुशियों के रंग भरना था।

सुबह 11:30 बजे प्रारंभ हुए इस सेवा कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर बच्चों से आत्मीय संवाद स्थापित किया, उनका हालचाल जाना तथा उन्हें विभिन्न आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर दिखाई दी प्रसन्नता और मुस्कान ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया तथा आयोजन को अत्यंत सफल और सार्थक बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान आश्रम के बच्चों के साथ समय बिताते हुए सदस्यों ने उन्हें प्रेम, अपनत्व और प्रोत्साहन का संदेश भी दिया। इस अवसर पर सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

अध्यक्ष अजीत शर्मा ने दिया सेवा का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा के अध्यक्ष अजीत शर्मा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का ही नहीं बल्कि सेवा, दान और परोपकार का भी पवित्र अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान से बढ़कर कोई पुरस्कार नहीं हो सकता और ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं।

अजीत शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन सदैव समाज के वंचित, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के जनसेवा कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम संयोजक कंचन शर्मा ने बताया सेवा को संगठन की प्राथमिकता
कार्यक्रम की संयोजक कंचन शर्मा ने कहा कि आनंद मार्ग आश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम केवल वस्तुओं के वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने का एक प्रयास भी था। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास के अवसर पर जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना महिला प्रकोष्ठ के लिए अत्यंत संतोष और सौभाग्य का विषय है।

उन्होंने बताया कि महिला प्रकोष्ठ समाज सेवा के विभिन्न आयामों पर लगातार कार्य कर रही है और भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण से जुड़े अनेक सेवा प्रकल्प संचालित किए जाएंगे।

इन सदस्यों की रही सक्रिय सहभागिता
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में संगठन के अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में अध्यक्ष अजीत शर्मा, उपाध्यक्ष सरिता लोहिया, कोषाध्यक्ष संजय घिड़िया, संयोजक कंचन शर्मा सहित सुरेश अग्रवाल, पिंकी घिड़िया, सरोज अग्रवाल, बबीता अग्रवाल, सुनीता गुप्ता एवं विजया शर्मा ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

आभार ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में संयोजक कंचन शर्मा तथा महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी ने आनंद मार्ग आश्रम प्रबंधन, उपस्थित सदस्यों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के उत्थान हेतु भविष्य में भी ऐसे सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही सच्ची मानवता का परिचायक है।




