कमीशन नहीं मिलने और आर्थिक संकट से टूटे राशन डीलर : शिवसागर में सूलभ मूल्य व्यवसायी संघ का बड़ा आरोप, ई-पॉस मशीन की गड़बड़ी और करोड़ों के बकाये भुगतान का मुद्दा गरमाया

शिवसागर, 24 मई : असम के शिवसागर में सूलभ मूल्य (राशन) व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कई गंभीर आरोप लगाए गए।
अखिल असम सूलभ मूल्य व्यवसायी संस्था की राज्य समिति तथा शिवसागर जिला समिति ने दावा किया कि सरकारी दबाव, समय पर कमीशन का भुगतान न होना और ई-पॉस मशीन की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।
संस्था ने आरोप लगाया कि इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर शिवसागर के कुंवरपुर बोलियाघाट के एक सूलभ मूल्य व्यवसायी महमूद अली ने आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाया। संगठन ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और आर्थिक उत्पीड़न का परिणाम बताया।
प्रेस वार्ता शिवसागर जिला समिति के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें राज्य समिति के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन के नेताओं ने कहा कि महमूद अली अपने पीछे पत्नी और एकमात्र बेटी को छोड़ गए हैं और अब उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। संस्था ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि राशन व्यवसायियों को मिलने वाला निर्धारित दो महीने का कमीशन समय पर नहीं दिया गया, जिसके कारण महमूद अली मानसिक और आर्थिक दबाव में आ गए थे। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से सूलभ मूल्य व्यवसायियों का लगभग 372 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान अब तक जारी नहीं किया गया है, जिससे पूरे राज्य के हजारों व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रेस वार्ता में एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए शिवसागर जिला समिति ने ई-पॉस मशीनों में भयंकर विसंगतियों का आरोप लगाया। समिति के अनुसार यह स्वचालित मशीनें कई बार राशन सामग्री के स्टॉक और वितरण से संबंधित गलत आंकड़े दिखाती हैं, जिसके कारण व्यवसायियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।
संस्था का दावा है कि तकनीकी त्रुटियों की वजह से वास्तविक स्टॉक और मशीन में दर्ज स्टॉक के बीच भारी अंतर पैदा हो जाता है, जिसका खामियाजा राशन डीलरों को भुगतना पड़ता है। कई व्यवसायियों पर विभागीय दबाव भी बढ़ता है, जिससे वे मानसिक तनाव में आ जाते हैं।
संस्था के नेताओं ने कहा कि महमूद अली की घटना केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे राशन वितरण तंत्र की गंभीर समस्याओं का प्रतीक है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते सरकार और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो भविष्य में और भी व्यवसायी संकट में पड़ सकते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने असम सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि लंबित कमीशन का शीघ्र भुगतान किया जाए, ई-पॉस मशीन की तकनीकी खामियों की उच्चस्तरीय जांच हो,आर्थिक नुकसान झेल रहे व्यवसायियों को मुआवजा दिया जाए तथा महमूद अली के परिवार को विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
इस प्रेस वार्ता में संस्था के राज्य अध्यक्ष धरणीधर बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष हरि नारायण दत्ता, महासचिव गुंजन कुमार बोरा, शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ चेतिया तथा महासचिव नेकिबद्दीन अहमद सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। संस्था ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।




