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महंगाई पर भड़के आसू अध्यक्ष उत्पल शर्मा : 102 सीटों का जनादेश देकर जनता ने जताया था भरोसा, बदले में मिली बेलगाम महंगाई

चावल-दाल से लेकर गैस और पेट्रोल तक कीमतों में आग : छोटे होटल और छात्रावासों पर गहराया संकट

शिवसागर, 24 मई : असम में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर अब छात्र संगठन भी खुलकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। शिवसागर के एक शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने भरोसा और विश्वास के साथ भाजपा को 102 सीटों का भारी जनादेश देकर सत्ता सौंपी थी, लेकिन बदले में आम लोगों को केवल महंगाई की मार मिली है।

उत्पल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में चावल, दाल, सरसों तेल, पेट्रोल-डीजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और अब स्थिति आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही है। उनके अनुसार बाजार में आवश्यक खाद्य सामग्री के दाम आग की तरह बढ़ रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।

उत्पल शर्मा ने विशेष रूप से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई अभूतपूर्व वृद्धि पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के छोटे होटल, ढाबे और चाय दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।

उन्होंने कहा कि महंगाई का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्र समुदाय भी इससे गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कई छात्रावासों और बोर्डिंग संस्थानों में गैस संकट और महंगे ईंधन के कारण छात्रों को अब लकड़ी और जलावन की तलाश करनी पड़ रही है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया।

आसू अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में दिए गए “व्यय संकोच” (Austerity Measures) के संदेश पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद जनता से खर्च कम करने की अपील करना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

शर्मा ने पूछा कि जब देश में पांच राज्यों के चुनाव चल रहे थे, तब खर्च में कटौती और मितव्ययिता की बात क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक स्थिति इतनी गंभीर थी तो चुनावी दौर में सरकार ने इस विषय पर चुप्पी क्यों साधे रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही हैं।

आसू ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो संगठन राज्यभर में व्यापक जनआंदोलन तेज करेगा। हाल के दिनों में आसू द्वारा महंगाई के खिलाफ कई जिलों में विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए जा चुके हैं।

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