शिवसागर से गांव-गांव पहुंचेगा शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरण का संदेश : एकल अभियान ने किया ‘एकल श्रीहरि मंदिर रथ’ का भव्य शुभारंभ : वरिष्ठ पत्रकार मनोज बरठाकुर ने किया शुभारंभ, कहा — “भारत का भविष्य गांवों में बसता है, संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला”
जिले के 300 एकल विद्यालयों से जुड़ेगा रथ अभियान : भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और ग्राम विकास के लिए चलेगा व्यापक जनजागरण अभियान

शिवसागर, 28 जून : भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, ग्राम विकास और संस्कार आधारित शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एकल अभियान द्वारा रविवार को शिवसागर में “एकल श्रीहरि मंदिर रथ” का भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में शुभारंभ किया गया। धार्मिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार, मंगलध्वनि और दीप प्रज्वलन के साथ शिवसागर के लायंस क्लब सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सुबह लगभग 11 बजे आरंभ हुए इस समारोह में भगवान श्रीहरि की वंदना, दीप प्रज्ज्वलन तथा वैदिक मंगलाचार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रद्धा, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से ओत-प्रोत इस आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने शिक्षा एवं संस्कार के इस अभियान को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
गांव-गांव पहुंचेगा श्रीहरि मंदिर रथ
कार्यक्रम में बताया गया कि एकल श्रीहरि मंदिर रथ आने वाले दिनों में शिवसागर जिले के विभिन्न गांवों, एकल विद्यालयों एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करेगा। यह रथ केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक चलित सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं सामाजिक जागरण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
रथ के माध्यम से विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए प्रेरक कार्यक्रम, ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान, भजन-कीर्तन, श्रीमद्भागवत एवं रामकथा प्रचार, नैतिक शिक्षा, संस्कार वर्ग तथा सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धार्मिक वातावरण में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीहरि के समक्ष पुष्प अर्पित कर तथा मंगल दीप प्रज्वलित कर किया गया। संपूर्ण सभागार भक्ति संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक वातावरण से गूंज उठा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज बरठाकुर ने श्रीहरि मंदिर रथ को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना किया।

मुख्य अतिथि मनोज बरठाकुर का प्रेरक संबोधन
अपने संबोधन में मनोज बरठाकुर ने कहा कि भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है। यदि गांव शिक्षित, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनेंगे तो राष्ट्र स्वतः मजबूत होगा। एकल अभियान वर्षों से जिन दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कार का दीप जला रहा है, वह वास्तव में राष्ट्र निर्माण का महान कार्य है। श्रीहरि मंदिर रथ केवल एक वाहन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का चलता-फिरता संदेशवाहक है। आज समाज को ऐसी सकारात्मक पहलों की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ यदि संस्कार नहीं होंगे तो समाज का संतुलित विकास संभव नहीं है। एकल अभियान ग्रामीण भारत में इसी दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

लगभग 300 एकल विद्यालयों से जुड़ा है शिवसागर जिला
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि वर्तमान में शिवसागर जिले में लगभग 300 एकल विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से दूर-दराज़ के ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों के हजारों बच्चों तक प्राथमिक शिक्षा, नैतिक संस्कार, सामाजिक जागरूकता तथा व्यक्तित्व विकास की शिक्षा पहुंचाई जा रही है।
एकल विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी स्थानीय समाज की सहभागिता से शिक्षा का दीप जलाया जा रहा है।

देशभर में 23 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचा अभियान
कार्यक्रम में बताया गया कि एकल अभियान आज देश के सबसे बड़े सामाजिक एवं शैक्षिक जनआंदोलनों में शामिल है।
संस्था के माध्यम से देशभर में लगभग 23 लाख विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है। हजारों गांवों में एकल विद्यालय संचालित हैं, जहां बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति, स्वावलंबन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है।

पांच प्रमुख आयामों पर कार्य कर रहा है एकल अभियान
कार्यक्रम में बताया गया कि संस्था का कार्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। एकल अभियान समाज के समग्र विकास के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक जागरण, ग्राम विकास एवं आत्मनिर्भरता और संस्कार एवं सांस्कृतिक संरक्षण में निरंतर कार्य कर रहा है।
इन पांचों आयामों के माध्यम से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, शिक्षित और संस्कारित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

व्यक्ति निर्माण और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को केवल शिक्षित ही नहीं बल्कि संस्कारित नागरिकों की आवश्यकता है।
इसी उद्देश्य से एकल अभियान व्यक्ति निर्माण, श्रीमद्भागवत प्रचार, रामकथा प्रसार, भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, नैतिक शिक्षा तथा राष्ट्रभक्ति को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
श्रीहरि मंदिर रथ इसी व्यापक सामाजिक एवं सांस्कृतिक अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

अभियान समिति के पदाधिकारियों ने व्यक्त किए विचार
अभियान समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता विष्णु शर्मा ने कहा कि एकल अभियान केवल विद्यालय चलाने का कार्य नहीं कर रहा, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा, समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना का निर्माण कर रहा है। श्रीहरि मंदिर रथ इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
समिति के सचिव अजय अग्रवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रत्येक गांव को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है। रथ अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
महिला समिति की अध्यक्षा सुमन शर्मा ने कहा कि परिवार और समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एकल अभियान महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समाज को संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अभियान समिति के अध्यक्ष विष्णु शर्मा, सचिव अजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बुद्ध नारायण अग्रवाल, महिला समिति की अध्यक्षा सुमन शर्मा, पूर्व अध्यक्षा संगीता अग्रवाल, समाजसेवी कृष्णा खेमका, एकल श्रीहरि मंदिर रथ योजना के केंद्रीय सह-योजना प्रमुख राधाकांत साह, प्राथमिक शिक्षा प्रभारी पंकज बिहानी, मीडिया प्रभारी उमेश बलदुवा एवं प्रांजल राजगुरु, विजय कुमार चित्तावत, इंदरचंद लाहौटी, सीताराम सोनी, गोपाल कृष्ण चांडक, अरुण सिंह, प्रदीप शर्मा, समीर देवड़ा, श्रीगोपाल मूंधड़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ग्रामीण समाज में नई चेतना का माध्यम बनेगा श्रीहरि मंदिर रथ
कार्यक्रम के समापन पर सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि एकल श्रीहरि मंदिर रथ शिवसागर जिले के गांव-गांव तक शिक्षा, संस्कार, सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य जागरूकता और भारतीय संस्कृति का संदेश पहुंचाकर ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन का नया अध्याय लिखेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह रथ केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समाज के बीच राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, सेवा, स्वावलंबन और सांस्कृतिक जागरण का प्रभावी माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत, सामूहिक संकल्प तथा समाज एवं राष्ट्र की समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुआ।
यह जानकारी एकल अभियान शिवसागर की अंचल अभियान प्रमुख जूनमोनी कुर्मी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है।



