शिवसागर में बाढ़ स्थिति की तैयारी के लिए विभागीय बैठक सम्पन्न : आश्रय शिविर प्रबंधन और क्षति मूल्यांकन रिपोर्ट पर मंथन हुआ

शिवसागर 14 मई : शिवसागर जिले में चालू वर्ष की संभावित बाढ़ स्थिति से निपटने की तैयारी के तहत जिला आयुक्त के कार्यालय के चुकाफा सभाकक्ष में आज विषय आधारित विभागीय समूहों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संबंधित सरकारी विभागों ने समूह के रूप में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की और विस्तृत चर्चा में भाग लिया।
बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, भारतीय खाद्य निगम, सभी राजस्व मंडलों के मंडल अधिकारी, लोकनिर्माण (गृह), जिला परिषद, ब्लॉक विकास अधिकारी, नगर पालिका, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा खाद्य सुरक्षा विभागों ने आश्रय शिविर प्रबंधन विषय पर विस्तार से चर्चा की।
इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और पशुपालन विभागों ने स्वास्थ्य, पानी, स्वच्छता, शिक्षा आदि सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कृषि, मत्स्य, हस्तशिल्प एवं वस्त्र उद्योग, रेशम, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शिक्षा, सिंचाई, लोकनिर्माण (सड़क), जल संसाधन, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास विभागों ने क्षति-क्षतिपूर्ति मूल्यांकन रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में विचार-विमर्श किया।
लोकनिर्माण (सड़क), लोकनिर्माण (गृह एवं राष्ट्रीय राजमार्ग), जल संसाधन, सिंचाई, जिला परिषद, ब्लॉक विकास अधिकारी, भूमि संरक्षण, रेलवे, दूरसंचार और ऊर्जा विभागों ने महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की तैयारी के बारे में चर्चा की। जल संसाधन, ए.पी.आर.ओ., परिवहन और लोकनिर्माण (गृह) विभागों ने खतरे की आशंका संबंधी संचार पर चर्चा की।
जिला पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला आयुक्तों, एनडीआरएफ, सेना, मंडल अधिकारियों, सिविल डिफेंस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, एपीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा सीआरपीएफ द्वारा प्रतिक्रिया समन्वय विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
अंत में मेरा युवा भारत-माई भारत, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एस.यू.पी. (SUP) और ‘सेव्ड’ जैसे स्वयंसेवी संगठनों के साथ स्वयंसेवी संगठनों का समन्वय पर विस्तृत चर्चा हुई।
आज की बैठक में जिले में संभावित बाढ़ स्थिति से प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को उद्धार कार्य, आश्रय प्रदान करना, राहत सामग्री वितरण, पुनर्वास आदि की तैयारियां पहले से पूरा करने के निर्देश दिए गए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्व और कर्तव्यों से विस्तार से अवगत कराया गया।
बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को बाढ़ के दौरान होने वाली क्षति-हानि की फोटोयुक्त रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला आयुक्त तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनाक्षी पेर्मा, डिमौ और नाजिरा की सहजिला आयुक्त लुकुमणि बोरा एवं प्रतिभा मेश्राम, सहायक आयुक्त गणेश चंद्र बोड़ो एवं अन्वेषा ठाकुर, शिवसागर राजस्व मंडल के मंडल अधिकारी (संलग्न) इंडिका गोगोई, डिमौ राजस्व मंडल की मंडल अधिकारी क्वीन गोगोई, शिवसागर और डिमौ नगर पालिकाओं के कार्यकारी अधिकारी देवब्रत शर्मा एवं मृत्युंजय भराली, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिला परियोजना अधिकारी विजयलक्ष्मी गोगोई, क्षेत्रीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह बैठक जिले में बाढ़ की स्थिति आने पर त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




