शिक्षक दिवस पर पारीक महिला परिषद की अनूठी पहल, घर-घर पहुंचकर समाज की शिक्षिकाओं का किया सम्मान : “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” प्रकल्प के तहत नम्रता, पूजा, उर्मी और शालिनी पारीक को फुलाम गमछा व स्मृति-चिह्न से सम्मानित किया गया
डॉक्टर्स डे और सीए डे के बाद अब शिक्षिकाओं का अभिनंदन; समाज की प्रतिभाओं को पहचान देकर नई पीढ़ी को प्रेरित करने का उद्देश्य : प्रतिभाशाली इंजीनियर्स और वकीलों को भी मिलेगा सम्मान, परिषद ने निरंतर जारी रखने का लिया संकल्प

गुवाहाटी, 4 सितंबर : समाज के प्रतिभाशाली, कर्मठ और अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर नई पीढ़ी के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करने की दिशा में पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक सराहनीय और भावनात्मक पहल की। परिषद की सदस्याओं ने समाज की शिक्षिकाओं के घर-घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
यह सम्मान कार्यक्रम परिषद द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी सामाजिक प्रकल्प “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” के तहत आयोजित किया गया। इस प्रकल्प का उद्देश्य समाज के उन व्यक्तित्वों की पहचान करना और उन्हें सम्मान देना है, जिन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, वित्त, तकनीक, कानून अथवा अन्य पेशेवर और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन और सेवा भावना से विशिष्ट स्थान बनाया है।
परिषद का मानना है कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति केवल उसकी संस्थाओं या संसाधनों में नहीं, बल्कि उन लोगों में निहित होती है जो अपनी मेहनत और उपलब्धियों से समाज का नाम रोशन करते हैं। ऐसे व्यक्तित्वों का सार्वजनिक रूप से सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है और बच्चों तथा युवाओं में अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता, सकारात्मक सोच और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा कर सकता है।

शिक्षिकाओं के घर पहुंचकर किया सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर परिषद की सदस्याओं ने इस सम्मान श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए समाज की शिक्षिकाओं के निवास स्थान पर पहुंचकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान नम्रता पारीक, पूजा पारीक, उर्मी पारीक और शालिनी पारीक को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
परिषद की ओर से सभी शिक्षिकाओं को फुलाम गमछा और स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। घर-घर जाकर सम्मान करने की इस पहल ने कार्यक्रम को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर व्यक्तिगत और आत्मीय स्वरूप प्रदान किया। परिषद की सदस्याओं ने शिक्षिकाओं के साथ संवाद कर उनके कार्य, अनुभव और शिक्षा के प्रति समर्पण की भी सराहना की।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचार और जीवन दृष्टि को आकार देने में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में समाज की शिक्षिकाओं को उनके घर पहुंचकर सम्मानित करना उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।
नई पीढ़ी को प्रेरित करना प्रकल्प का मूल उद्देश्य
पारीक महिला परिषद के अनुसार “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” प्रकल्प केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य समाज के बच्चों और युवाओं को यह दिखाना है कि मेहनत, शिक्षा, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से किसी भी क्षेत्र में पहचान बनाई जा सकती है।
परिषद का मानना है कि जब बच्चे अपने ही समाज के डॉक्टरों, शिक्षकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, इंजीनियरों, वकीलों और अन्य सफल व्यक्तित्वों को सम्मानित होते देखते हैं, तो उनके भीतर भी आगे बढ़ने, अपनी क्षमता पहचानने और जीवन में सकारात्मक लक्ष्य तय करने की भावना मजबूत होती है।
यही कारण है कि इस प्रकल्प में विभिन्न पेशेवर और सामाजिक क्षेत्रों के लोगों को क्रमवार शामिल किया जा रहा है। परिषद की कोशिश है कि समाज में उपलब्धियों की एक ऐसी सकारात्मक संस्कृति विकसित हो, जहां सफलता का सम्मान हो, मेहनत को पहचान मिले और नई पीढ़ी को प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से सीखने का अवसर मिले।

डॉक्टर्स डे और सीए डे पर भी हो चुका है सम्मान
उल्लेखनीय है कि पारीक महिला परिषद इस प्रकल्प के तहत इससे पहले भी कई सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। डॉक्टर्स डे के अवसर पर समाज के चिकित्सकों और सीए डे पर चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया था।
इन आयोजनों के माध्यम से परिषद ने समाज की विभिन्न पेशेवर उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास किया। परिषद का मानना है कि डॉक्टर समाज की स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट आर्थिक और कारोबारी व्यवस्था में विशेषज्ञ योगदान देते हैं। इसी प्रकार शिक्षक समाज की बौद्धिक और नैतिक नींव को मजबूत करते हैं।
इस निरंतर सम्मान श्रृंखला के माध्यम से परिषद अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत समाज के लोगों को एक साझा प्रेरणादायी मंच पर लाने की दिशा में कार्य कर रही है।
सम्मान से संघर्ष और उपलब्धियों को मिलती है पहचान
परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी सफल व्यक्ति की उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष, अध्ययन, त्याग और अनुशासन छिपा होता है। यदि समाज ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मान देता है तो इससे न केवल उस व्यक्ति का उत्साह बढ़ता है, बल्कि उसके जीवन की यात्रा भी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरक कहानी बन जाती है।
परिषद का प्रयास है कि समाज के युवा यह समझें कि कोई भी उपलब्धि अचानक नहीं मिलती। उसके पीछे निरंतर मेहनत, समय का सदुपयोग, पारिवारिक संस्कार और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी होती है। इस कारण सम्मान कार्यक्रमों को परिषद सामाजिक प्रेरणा और व्यक्तित्व विकास से जोड़कर देखती है।
परिषद की पदाधिकारियों और सदस्याओं की रही सक्रिय भागीदारी
शिक्षक दिवस के इस विशेष सम्मान अभियान में पारीक महिला परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक, कोषाध्यक्ष पूजा जोशी और सलाहकार ममता शर्मा की प्रमुख उपस्थिति रही।
इसके अलावा पुष्पा पारीक, निर्मला पारीक, किरण पारीक, मधु शर्मा, नेहा जोशी, उषा पारीक और सुमन पारीक ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और घर-घर जाकर शिक्षिकाओं को सम्मानित करने की पहल में सक्रिय सहयोग दिया।
परिषद की सदस्याओं ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करना केवल किसी एक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को मजबूत करने की प्रक्रिया है। इस तरह के आयोजनों से आपसी जुड़ाव, आत्मीयता और समाज के भीतर सकारात्मक संवाद भी बढ़ता है।

आगे इंजीनियरों और वकीलों को भी किया जाएगा सम्मानित
पारीक महिला परिषद की सचिव जया पारीक ने बताया कि समाज के प्रतिभाशाली बच्चों, युवाओं और पेशेवरों को पहचान, सम्मान और प्रोत्साहन देने की यह श्रृंखला आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि आगामी इंजीनियर्स डे के अवसर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े समाज के प्रतिभाशाली युवाओं तथा आगे आयोजित होने वाले वकीलों के सम्मान कार्यक्रम में विधि एवं वकालत के क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा।
परिषद की योजना है कि भविष्य में भी अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन्हें समाज के सामने उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि युवा केवल सफल लोगों के नाम न जानें बल्कि उनकी मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों से भी परिचित हों।
सम्मान के साथ सामाजिक प्रेरणा का अभियान
पारीक महिला परिषद की यह पहल समाज में सम्मान की स्वस्थ परंपरा विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। शिक्षक दिवस पर घर-घर जाकर शिक्षिकाओं का सम्मान करने से कार्यक्रम में आत्मीयता और संवेदनशीलता का विशेष भाव दिखाई दिया।
परिषद ने इस अवसर पर यह संदेश भी दिया कि समाज का विकास तभी संभव है जब उसकी प्रतिभाओं को पहचान मिले, महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं और बच्चों के सामने सकारात्मक आदर्श प्रस्तुत किए जाएं।
“समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” प्रकल्प इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसके माध्यम से पारीक महिला परिषद शिक्षा, प्रतिभा, सेवा, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान से जोड़ते हुए समाज की नई पीढ़ी को प्रेरित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।




