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शिक्षक दिवस पर पारीक महिला परिषद की अनूठी पहल, गुवाहाटी के प्रेसीडेंसी स्कूल के शिक्षकों के साथ विद्यालय कर्मियों का भी किया सम्मान : प्रधानाचार्य का फुलाम गमछा से अभिनंदन, शिक्षक-शिक्षिकाओं को फोल्डर व नाश्ता तथा विद्यालय की आयाओं को भेंट किए लंच बॉक्स : अध्यक्षा निशा पारीक एवं सचिव जया पारीक ने विद्यालय परिवार एवं सहयोगियों का जताया आभार

बिहू नृत्य, कविता, गीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने मोहा मन; केक काटकर मनाया शिक्षक दिवस, बच्चों में बांटी गई चॉकलेट

गुवाहाटी, 5 सितंबर : शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करने वाले मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण शिल्पकार भी होते हैं। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रेसीडेंसी स्कूल, उल्लूबाड़ी में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ-साथ विद्यालय व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में योगदान देने वाले कर्मियों के सेवाभाव का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम शनिवार को प्रातः करीब 11:30 बजे प्रारंभ हुआ। शिक्षक दिवस के महत्व, गुरुजनों के प्रति सम्मान और शिक्षा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित इस आयोजन में पारीक महिला परिषद की पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का स्मरण किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि शिक्षक दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है, जो विद्यार्थियों के भीतर ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और जीवन मूल्यों की मजबूत नींव रखते हैं।

प्रधानाचार्य एवं उनकी धर्मपत्नी का पारंपरिक तरीके से सम्मान

शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उनकी धर्मपत्नी का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। पारीक महिला परिषद की ओर से उन्हें असम की पारंपरिक पहचान और सम्मान के प्रतीक फुलाम गमछा से सम्मानित किया गया।

परिषद के सदस्यों ने विद्यालय परिवार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के पीछे शिक्षकों, विद्यालय प्रशासन और सहयोगी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत होती है।

शिक्षक-शिक्षिकाओं को फोल्डर और नाश्ता भेंट कर जताया सम्मान

समारोह में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। पारीक महिला परिषद की ओर से शिक्षकों को उपहारस्वरूप फोल्डर एवं नाश्ता प्रदान किया गया।

यह सम्मान गुरुजनों के प्रति परिषद की कृतज्ञता और आदर का प्रतीक रहा। शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम में उनके द्वारा विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने की भूमिका को महत्व दिया गया।

विद्यालय की आयाओं की सेवाओं को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सम्मान का दायरा केवल शिक्षक-शिक्षिकाओं तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यालय में बच्चों की देखभाल और दैनिक व्यवस्था में सहयोग देने वाली आयाओं के सेवाभाव एवं योगदान को भी पारीक महिला परिषद ने सम्मान दिया।

परिषद की ओर से विद्यालय की आयाओं को उपहारस्वरूप लंच बॉक्स प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से विद्यालय की शैक्षणिक एवं दैनिक व्यवस्था में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के श्रम और सेवाभाव के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

यह पहल इस मायने में भी विशेष रही कि विद्यालय की सफलता में शिक्षक एवं प्रशासन के साथ उन सहयोगी कर्मचारियों की भूमिका को भी सामने लाया गया, जो पर्दे के पीछे रहकर बच्चों की देखभाल और विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में योगदान देते हैं।

केक काटकर मनाया शिक्षक दिवस, विद्यार्थियों में बांटी चॉकलेट

सम्मान समारोह के बाद शिक्षक दिवस की खुशियों को साझा करते हुए केक काटा गया। परिषद की सदस्यों, विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं साझा कीं।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच चॉकलेट का वितरण भी किया गया। शिक्षक दिवस के आयोजन में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने समारोह को और अधिक जीवंत एवं यादगार बना दिया।

बिहू नृत्य ने बिखेरी असमिया संस्कृति की छटा

कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष भी बेहद आकर्षक रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने असम की समृद्ध लोक संस्कृति की पहचान बिहू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। पारंपरिक नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने असम की सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

बच्चों की प्रस्तुति ने शिक्षक सम्मान समारोह में स्थानीय संस्कृति का रंग भर दिया और कार्यक्रम को शिक्षा, संस्कार तथा संस्कृति के संगम का स्वरूप प्रदान किया।

कविता, गीत और नृत्य से गुरुजनों के प्रति जताया सम्मान

बिहू नृत्य के अलावा विद्यार्थियों ने कविताओं, गीतों एवं नृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियां भी दीं। इनमें कई प्रस्तुतियां विशेष रूप से शिक्षकों और गुरु-शिष्य के रिश्ते को समर्पित रहीं।

बच्चों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से गुरुजनों के प्रति प्रेम, आदर और कृतज्ञता की भावनाओं को अभिव्यक्त किया। उनकी प्रस्तुतियों को शिक्षकों, परिषद की सदस्यों और उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच विद्यार्थियों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था।

शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सरोकार का संदेश

पारीक महिला परिषद का यह आयोजन शिक्षक दिवस मनाने के साथ समाज में शिक्षा और गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने का माध्यम भी बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की भूमिका सर्वोपरि है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षकों का योगदान अमूल्य है।

विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, सामाजिक मूल्यों और संस्कारों की आधारशिला तैयार करने का केंद्र होता है। ऐसे में शिक्षक समाज की भावी पीढ़ी को दिशा प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान परिषद की ओर से विद्यालय के सहयोगी कर्मियों को सम्मानित करने की पहल ने सामाजिक समानता और प्रत्येक सेवा के प्रति आदर का सकारात्मक संदेश भी दिया।

अध्यक्षा निशा पारीक के नेतृत्व में परिषद की सक्रिय सहभागिता

शिक्षक दिवस का यह विशेष आयोजन पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी की अध्यक्षा निशा पारीक के नेतृत्व में संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में परिषद की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक, सलाहकार सुषमा शर्मा एवं कौशल्या व्यास, कार्यकारिणी अध्यक्ष दीपिका जोशी के साथ सुंदर पारीक, ज्योति पुरोहित, सीमा जोशी, सरोज जोशी, मधु शर्मा, नेहा जोशी एवं सुमन पारीक उपस्थित रहीं।

सभी सदस्यों ने विद्यालय परिवार के साथ मिलकर कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया और शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय कर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

सचिव जया पारीक ने जताया सभी का आभार

समारोह के समापन अवसर पर पारीक महिला परिषद की सचिव जया पारीक ने विद्यालय परिवार, प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यालय कर्मियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहयोग और सहभागिता के लिए सभी को धन्यवाद दिया। साथ ही गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना को जीवन में बनाए रखने और शिक्षा के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सम्मान, संस्कृति और आत्मीयता का बना यादगार संगम

प्रेसीडेंसी स्कूल, उल्लूबाड़ी में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में शिक्षक सम्मान, भारतीय परंपरा, असमिया संस्कृति, विद्यार्थियों की प्रतिभा और सामाजिक सरोकार का सुंदर संगम देखने को मिला। एक ओर जहां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मियों को सम्मान देकर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, बिहू नृत्य, कविताओं, गीत एवं नृत्य ने कार्यक्रम को उत्सवपूर्ण बना दिया। केक कटिंग और बच्चों के बीच चॉकलेट वितरण ने समारोह की खुशियों को और बढ़ाया।

पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी की इस पहल ने शिक्षक दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए गुरुजनों के सम्मान, सेवाभाव की पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया। सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न समारोह सभी के लिए यादगार बन गया।

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