टियोक राधा-कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, मध्यरात्रि में गूंजे ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे : भजन संध्या, आकर्षक श्रृंगार, मटकी फोड़ और विशेष आरती ने बांधा समां, श्रद्धा और उल्लास में डूबा मंदिर परिसर
मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा ने संभाली विभिन्न व्यवस्थाएं, समाज के बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक ने की उत्साहपूर्ण सहभागिता

टियोक, 5 सितंबर : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर टियोक स्थित राधाकृष्ण मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक चले विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के लोगों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन में मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा की ओर से विशेष सहयोग प्रदान किया गया और सम्मेलन के सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।

सुबह से शुरू हुई तैयारियां, राधा-कृष्ण का हुआ भव्य श्रृंगार
जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में उत्साह का माहौल रहा। समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की साफ सफाई की और उसे आकर्षक ढंग से सजाया। इसके बाद विधि विधान के साथ भगवान राधा-कृष्ण का अभिषेक किया गया। भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया।
विशेष सजावट, पूजा-अर्चना और धार्मिक वातावरण से मंदिर परिसर की छटा देखते ही बन रही थी। दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर में आना-जाना लगा रहा और भक्तों ने भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

भजन संध्या में भक्तिरस से सराबोर हुए श्रद्धालु
शाम को स्थानीय समाज के सहयोग से भव्य भजन संध्या आयोजित की गई। समाज के लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा पर आधारित एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता भी विशेष आकर्षण रही। बच्चों ने उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण के भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। भजन संध्या के दौरान पूरा मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया।

मध्यरात्रि में गूंजा—‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की शुभ बेला पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई। जैसे ही मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, पूरा मंदिर परिसर “जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में उत्साहपूर्वक जयघोष किया। मध्यरात्रि की आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय माहौल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।

मटकी फोड़ में दिखा उत्साह, श्रद्धालुओं में बांटा गया प्रसाद
जन्मोत्सव के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा पारंपरिक मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मटकी फोड़ कार्यक्रम ने जन्मोत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया।
धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। समाज के सभी वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक एकजुटता और धार्मिक आस्था का परिचय दिया।

मंदिर समिति ने समाज के सहयोग के लिए जताया आभार
मंदिर समिति के सचिव कामाख्या लाल चांडक ने जन्मोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समाज के सभी लोगों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता, सहयोग और सक्रिय सहभागिता से ही धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने समाज के लोगों से भविष्य में भी धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों में इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने का आग्रह किया।

मारवाड़ी सम्मेलन टियोक शाखा ने निभाई सक्रिय भूमिका
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के आयोजन में मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा की ओर से विशेष सहयोग किया गया। सम्मेलन के सदस्यों ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम में मारवाड़ी सम्मेलन, टियोक शाखा, श्री सुंदरकांड समिति, श्री रामदेव सेवा समिति, श्री गणेश पूजा आयोजन समिति तथा मारवाड़ी सम्मेलन महिला समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या उपस्थित रहे।
इसके अलावा समाज के बद्रीनारायण करनानी, मनोहर लाल मूंधड़ा, राम अवतार बिहानी, शिवरतन भट्टड़, राजगोपाल बिहानी और सुरेश लाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं ने जन्मोत्सव में सहभागिता की।

मंदिरों और नामघरों में भी गूंजा कृष्ण नाम
जन्माष्टमी का उल्लास केवल राधा-कृष्ण मंदिर तक सीमित नहीं रहा। टियोक क्षेत्र एवं आसपास स्थित विभिन्न मंदिरों और नामघरों में भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
अलग अलग स्थानों पर पूजा अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, भजन कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के साथ मंदिरों और नामघरों में भगवान के जयकारे गूंज उठे और पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।

श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का दिखा सुंदर संगम
पूरे जन्माष्टमी आयोजन के दौरान टियोक क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। समाज के लोगों के सहयोग से इस वर्ष का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भव्य, भक्तिमय और यादगार बन गया।




