शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति का पर्यावरण संरक्षण अभियान : अपशिष्ट से सकारात्मक बदलाव की मिसाल
अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, असम प्रांत शाखा द्वारा जनहितकारी पहल

शिवसागर 16 मई : पर्यावरण संरक्षण और पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, असम प्रांत के अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने अनेक रचनात्मक और जनहितकारी कार्य किए हैं। समिति की इन पहलों ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण जागरूकता फैलाने के साथ-साथ अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी बनाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्लास्टिक अपशिष्ट से बर्ड फीडर निर्माण: पक्षियों के लिए जीवन रक्षक कदम
समिति द्वारा उपयोग की जा चुकी प्लास्टिक की प्लेटों एवं बोतलों से पांच आकर्षक बर्ड फीडर तैयार किए गए। इन्हें शहर की पांच विभिन्न दुकानों के सामने स्थापित किया गया, जहां प्रतिदिन पक्षियों के लिए दाना और पानी रखा जा रहा है।
यह “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” श्रेणी की पहल है, जिसमें पुरानी प्लास्टिक सामग्री को रिसाइक्लिंग के माध्यम से उपयोगी बनाया गया। समिति की पर्यावरण प्रमुख कविता अग्रवाल ने इस दौरान बर्ड फीडर बनाने की सरल विधि भी साझा की। इस पहल ने स्पष्ट संदेश दिया कि अनुपयोगी वस्तुएं भी संवेदनशील सोच के साथ प्रकृति के लिए उपयोगी बन सकती हैं। शहरों में प्राकृतिक भोजन स्रोतों के कम होने के कारण ऐसे फीडर पक्षियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहे हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा का उत्कृष्ट उदाहरण : खुजली निवारण तेल निर्माण
पर्यावरण प्रकल्प के अंतर्गत समिति की पर्यावरण प्रमुख कविता अग्रवाल ने बचे हुए गेंदे के फूलों, सरसों के तेल, लौंग एवं कपूर की सहायता से 6 लीटर प्राकृतिक खुजली निवारण तेल तैयार किया। यह प्रयोग प्राकृतिक चिकित्सा, जैविक संसाधनों के सदुपयोग और रसायन-मुक्त उत्पादन का बेहतरीन उदाहरण है।
आम की गुठलियों का पुनः रोपण : हरियाली का संकल्प
समिति ने 25 आम की गुठलियों को अच्छी तरह धोकर, सुखाकर पुनः रोपण हेतु मुंबई भेजा। इसका उद्देश्य नए पौधे तैयार करना और हरित पर्यावरण को बढ़ावा देना है। यह छोटा कदम वृक्षारोपण और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
अध्यक्षा सारिका देवड़ा का प्रेरक संदेश
इस अवसर पर समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए उसका संरक्षण हमारा प्रथम कर्तव्य है। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो धरती को हरा-भरा और सुरक्षित बनाना संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि जहां प्रकृति मुस्कुराती है, वहां जीवन खिल उठता है। और इस प्रेरक पंक्ति के साथ सभी को संदेश दिया — “एक बीज आज बोइए, आने वाली पीढ़ियों को हरियाली का उपहार दीजिए।”
सदस्याओं का संकल्प और सराहना
समिति की सचिव प्रीति केजरीवाल, पर्यावरण प्रमुख कविता अग्रवाल तथा स्वाति बुखरेडिया ने सभी सदस्याओं के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे पर्यावरण हितैषी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
समिति नियमित रूप से सेवा कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है, जिसमें रेस्क्यू डॉग्स की देखभाल, नेत्रदान और मातृत्व सम्मान जैसे कार्य शामिल हैं।
समिति का यह अभियान न केवल स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत कर रहा है, बल्कि अन्य संगठनों और नागरिकों को भी प्रेरित कर रहा है कि अपशिष्ट को संसाधन में बदलकर प्रकृति और समाज दोनों की सेवा की जा सकती है। ऐसे प्रयास धरती को हरा-भरा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समिति के इन प्रयासों को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। यह अभियान अपशिष्ट को संसाधन में बदलने और प्रकृति संरक्षण की दिशा में अन्य संगठनों एवं नागरिकों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है।
यह जानकारी मारवाड़ी महिला समिति शिवसागर की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने एक विज्ञप्ति में दी है।




