समन्वय 2026 : मोरानहाट में मारवाड़ी समाज का भव्य महाकुंभ : ‘सशक्त समाज, उज्ज्वल भविष्य’ का जोशीला संकल्प, एकता की नई लहर : पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन का प्रांतीय लघु अधिवेशन — सेवा, संस्कार, समन्वय और अटूट सामूहिक एकता का प्रेरणादायी उत्सव
असम का मारवाड़ी समाज अपनी सामूहिकता, सौहार्द, सहयोग की भावना के लिए पूरे देश में एक मिसाल है - राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका

मोरानहाट, 17 मई : पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन (पुप्रमास) का दो दिवसीय प्रांतीय लघु अधिवेशन ‘समन्वय 2026 — सशक्त समाज, उज्ज्वल भविष्य’ का शनिवार को मोरानहाट स्थित श्री राधाकृष्ण विवाह भवन परिसर में शुभारंभ हुआ। मोरानहाट शाखा के आतिथ्य में आयोजित इस भव्य आयोजन ने पहले दिन ही समाज की एकता, सेवा भावना, सांस्कृतिक जड़ों, युवा सशक्तिकरण, स्थानीय समन्वय तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने के सामूहिक संकल्प का सशक्त संदेश दिया। यह अधिवेशन महज एक सम्मेलन नहीं, बल्कि मारवाड़ी समाज की सामूहिक शक्ति, विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हो रहा है।
पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन, अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की प्रमुख प्रांतीय इकाई है, जो असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में मारवाड़ी समाज को संगठित कर सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और सेवा कार्यों को गति प्रदान कर रही है। असम में मारवाड़ी समाज का इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना है। समाज ने यहां व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक एकीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई है। गौशालाएं, धर्मशालाएं, विद्यालय, अस्पताल, सामुदायिक भवन और युवा विकास केंद्र स्थापित कर समाज ने क्षेत्र के समग्र विकास में अमिट योगदान दिया है। ‘समन्वय 2026’ इसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, पारंपरिक संस्कारों तथा स्थानीय समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों से जोड़ने पर विशेष रूप से केंद्रित है।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 15 मई को गणेश आह्वान और पंडाल उद्घाटन के साथ हुई थी, जिससे यह आयोजन त्रिदिवसीय महोत्सव का स्वरूप ले चुका है। मुख्य दो दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ शुक्रवार 16 मई को ‘लाचित सत्र’ से हुआ। प्रारंभ में मोरानहाट शाखा के सचिव छगनलाल माड़ोदिया, शाखाध्यक्ष बिनोद अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश गाड़ोदिया, स्वागत मंत्री पवन मोर, अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका (दिल्ली), राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा, प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओमप्रकाश खंडेलवाल, प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक, प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) बिनोद लोहिया, प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. महेश जैन, माखनलाल गट्टाणी एवं राजेंद्र हरलालका, कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, मंडलीय उपाध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल सहित प्रांतीय पदाधिकारियों को मंचासीन करवाया गया।
मेजबान मोरानहाट शाखा द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया। मारवाड़ी युवा मंच मोरानहाट शाखा की महिला सदस्याओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। असम के लोकप्रिय जातीय गीत की सामूहिक प्रस्तुति और अतिथियों द्वारा भगवान गणपति की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।

स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश गाड़ोदिया ने अपने विस्तृत स्वागत भाषण में कहा कि आज का यह आयोजन महज एक सम्मेलन या अधिवेशन नहीं है, बल्कि हमारे पूरे मारवाड़ी समाज की एकता, गहरी सांस्कृतिक चेतना, सेवा भावना तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए मजबूत नींव रखने का एक महाकुंभ है। मारवाड़ी समाज का इतिहास सदियों पुराना है। हमने हमेशा व्यापार को अपनी जीविका बनाया, लेकिन व्यापार के साथ-साथ सेवा, त्याग, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी को भी कभी नहीं भुलाया। देश के कोने-कोने में, खासकर इस पूर्वोत्तर क्षेत्र में हमने गौशालाएं स्थापित कीं, धर्मशालाएं बनाईं, विद्यालय खोले, अस्पताल चलाए और जरूरतमंदों की मदद की। आज जब हम नई पीढ़ी को देखते हैं, तो उन्हें शिक्षा, आधुनिक तकनीक, डिजिटल ज्ञान और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की जरूरत है, लेकिन साथ ही उन्हें हमारे पारंपरिक संस्कारों — जैसे सम्मान, त्याग, सत्य और सेवा — से भी गहराई से जोड़ना होगा। समाज की असली शक्ति उसकी एकजुटता में निहित है। यदि हम एक रहेंगे, तो कोई भी चुनौती हमें हरा नहीं सकती। मोरानहाट शाखा की ओर से मैं सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और समाज बंधुओं का हार्दिक स्वागत करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि यह अधिवेशन हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाएगा।

सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने मोरानहाट शाखा के आतिथ्य और आयोजन की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा, “मोरानहाट शाखा के इस भव्य आयोजन और अपार आतिथ्य सत्कार के लिए मैं पूरे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से हार्दिक बधाई और धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। असम का मारवाड़ी समाज अपनी सामूहिकता, सौहार्द, सहयोग की भावना और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए पूरे देश में एक मिसाल है। यहां विभिन्न समुदायों के साथ जो सौहार्दपूर्ण संबंध दिखाई देते हैं, वह न सिर्फ प्रेरणादायी है बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए उदाहरण है। हम राष्ट्रीय स्तर पर कई सेवा प्रकल्प चला रहे हैं — जैसे शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य शिविर, गौ-रक्षा कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण योजनाएं और युवा उद्यमिता विकास। इन प्रकल्पों के माध्यम से हम समाज को और मजबूत, आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं सभी शाखाओं से अपील करता हूं कि वे इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ें और स्थानीय स्तर पर भी इन्हें और प्रभावी बनाएं। ‘समन्वय 2026’ जैसे आयोजन हमें याद दिलाते हैं कि हमारी जड़ें कितनी मजबूत हैं और भविष्य कितना उज्ज्वल हो सकता है, यदि हम एक साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ें।”
प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने समाज के सामने मौजूद वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा, “हमारे समाज के सामने आज कई चुनौतियां हैं — सामाजिक कुरीतियां, युवा पलायन, आधुनिकता के नाम पर संस्कृति से दूरी, परिवारिक मूल्यों का क्षरण और कभी-कभी स्थानीय समुदायों के साथ उत्पन्न होने वाले छोटे-मोटे मतभेद। इन सभी का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। हमें अपनी युवा पीढ़ी को न सिर्फ पढ़ाई और नौकरी के लिए प्रेरित करना है, बल्कि उन्हें समाज सेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय समन्वय में भी सक्रिय रूप से शामिल करना होगा। ‘समन्वय’ शब्द ही हमारा मार्गदर्शक है। हमें समाज के हर घटक — युवा, महिला, बुजुर्ग, व्यापारी और पेशेवर — के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा। संकट के समय में सामूहिक सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मैं सभी से अपील करता हूं कि हम इस अधिवेशन से प्रेरित होकर वापस अपनी शाखाओं में जाकर ठोस कार्ययोजनाएं बनाएं और उन्हें क्रियान्वित करें।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा ने संगठन की गतिविधियों और ‘संस्कार शाला’ प्रकल्प की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि हमारे संगठन ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। ‘संस्कार शाला’ हमारे सबसे प्रिय और प्रभावी प्रकल्पों में से एक है, जिसमें हम बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ हमारे प्राचीन संस्कार — जैसे गुरु भक्ति, माता-पिता का सम्मान, सत्य बोलना, पर्यावरण संरक्षण और सेवा भावना — सिखाते हैं। यह प्रकल्प पूरे पूर्वोत्तर में फैल चुका है और हजारों बच्चों को लाभ पहुंचा रहा है। मैं सभी शाखाओं से विशेष आग्रह करता हूं कि वे अपने क्षेत्र में भी ‘संस्कार शाला’ शुरू करें। इसके अलावा सदस्यता विस्तार, युवा और महिला विंग की गतिविधियां, सेवा प्रकल्पों का विस्तार और डिजिटल माध्यमों से समाज को जोड़ने जैसे कई कार्यक्रम हम चला रहे हैं। संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब हर शाखा सक्रिय हो। इस ‘समन्वय 2026’ से हम सभी को नई ऊर्जा मिलेगी और हम और अधिक संगठित होकर आगे बढ़ेंगे।
स्वागत मंत्री पवन मोर के कुशल संचालन में आयोजित समारोह में ‘सम्मेलन समाचार’ की हार्ड कॉपी का विमोचन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन छगनलाल माड़ोदिया ने प्रस्तुत किया।

द्वितीय चरण में सुकाफा सत्र में चतुर्थ प्रांतीय कार्यकारिणी सभा हुई। जिसमें संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों — सदस्यता विस्तार, सेवा प्रकल्पों की समीक्षा, युवा और महिला विंग की गतिविधियां, आर्थिक अनुशासन तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं — पर गहन चर्चा हुई। प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक ने मंत्री प्रतिवेदन और प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। साथ ही नवगठित शाखाओं को शाखा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
‘समन्वय’ विषयक विशेष परिचर्चा में समाज के विभिन्न घटकों के बीच बेहतर तालमेल, संकटकालीन सामूहिक सहयोग और स्थानीय समाजों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा, पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी, मारवाड़ी महिला सम्मेलन की प्रांतीय अध्यक्ष शालिनी बगड़िया, लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल जालान तथा प्रसिद्ध टीवी डिबेटर ललित जैन ने अपने विचार रखे। शाम को म्यूजिकल सम्मान समारोह और बिहू घूमर सत्र शीर्षक मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रात्रि भोजन उपरांत प्रतिनिधियों ने चौपाल कार्यक्रम में शिरकत कर आपसी मेलजोल बढ़ाया।

मोरानहाट शाखा की व्यापक तैयारी इस आयोजन की सफलता की कुंजी रही। स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश गाड़ोदिया के नेतृत्व में 40 से अधिक सदस्यों वाली स्वागत समिति ने भोजन, आवास, पंजीकरण, यातायात, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नामघर दर्शन की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। कुल 150 से अधिक सदस्य विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटे रहे। पूरे पूर्वोत्तर से लगभग 250 से अधिक प्रतिनिधि — युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और गणमान्य व्यक्ति इस लघु अधिवेशन में शामिल हुए।
दूसरे दिन रविवार 17 मई का कार्यक्रम अत्यंत रोचक और प्रेरणादायी है। इसमें सुबह सम्मेलन प्रतिनिधि स्थानीय थॉमस तिराहे स्थित नामघर के दर्शन को जाएंगे और असमिया परम्परा के अनुसार सराय अर्पण कर देश और राज्य की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगे। सुबह 10:30 बजे प्रांतीय सभा का उद्घाटन समारोह मुक्तिनाथ सत्र के साथ होगा। द्वितीय चरण में शंकरदेव सत्र में प्रांतीय सभा आयोजित होगी। जिसके समापन पर मोटिवेशनल कार्यक्रम और हास्यरस से भरपूर लाफ्टर का तड़का कार्यक्रम होगा। जिसमें मुख्य वक्ता शिलांग के जेसीआई नेशनल प्रेसिडेंट अंकुर झुनझुनवाला होंगे। वहीं लाफ्टर का तड़का में राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि हरीश हिंदुस्तानी सभी को लोटपोट करेंगे। तदोपरांत समापन समारोह के साथ अतिथियों की विदाई होगी।

पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच और मारवाड़ी महिला सम्मेलन की सक्रिय भागीदारी ने पूरे कार्यक्रम को और अधिक जीवंत और समावेशी बना दिया है। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मारवाड़ी समाज न केवल अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है, बल्कि भविष्य की हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार, संगठित और एकजुट है। ‘समन्वय 2026’ पूर्वोत्तर के मारवाड़ी समाज को नई ऊर्जा, नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करने वाला साबित होगा। यह आयोजन समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।




